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खाद्य विभाग ने कई बर्तन दुकानों में मारे छापे:गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी के बाद अब नकली रेग्यूलेटर का धंधा

रायपुर2 महीने पहले
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गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी के बाद अब बाजार में पेट्रोलियम कंपनियों के डुप्लीकेट रेग्यूलेटर का धंधा फूटा हैं। इन्हें कंपनी के रेग्युलेटर की कीमत की तुलना में आधे पैसे में बेचा जा रहा था। सस्ता मिलने की वजह से लोग इसके खतरे को नजरअंदाज कर खरीदी भी कर रहे थे। छापेमारी के दौरान तीन बर्तन दुकानों से 196 नकली रेग्युलेटर जब्त किए गए।

छापेमारी की खबर शहर की ज्यादातर बर्तन दुकानों में फैल गई और हड़कंप मच गया। खाद्य विभाग के अफसरों को शिकायत मिली थी कि शहर के कई बाजारों में बर्तन और होम एप्लांयसेंस स्टोर में डुप्लीकेट रेग्यूलेटर बेचे जा रहे हैं। पुख्ता जानकारी जुटाने के बाद अफसरों की अलग-अलग टीम बनाई। टीम के सदस्य खुद ग्राहक बनकर दुकानों में पहुंचे और वहां उन्होंने रेग्यूलेटर मांगे। जैसे ही दुकानदारों ने उन्हें नकली रेग्यूलेटर दिखाया वहां जांच की और पूरा स्टॉक जब्त किया गया। अफसरों की टीम ने गोलबाजार, पेटी लाइन, फाफाडीह, आमापारा, पुरानी बस्ती सहित कई इलाकों की बर्तन दुकानों में छापे मारे।

अफसर ग्राहक बनकर दुकानों में पहुंचे। दुकान से पूछा कि गैस सिलेंडर का रेग्यूलेटर खरीदना है। नकली रेग्यूलेटर जैसे ही दिखाया गया, अफसरों ने अपना असली परिचय देकर कार्रवाई कर दी। नियमानुसार कोई भी दुकानदार रेग्यूलेटर की खुली बिक्री नहीं कर सकता है। बर्तन दुकानों से अफसरों को हिंदुस्तान पेट्रोलियम, इंडेन और भारत पेट्रोलियम कंपनी के नकली रेगुलेटर बिना बिल के मिले। अफसरों की टीम ने गोलछा इंटरप्राइजेज, जय भारती स्टोर, भारत पात्र भंडार और एक जगह खुले मैदान में फेंके गए 10 रेग्यूलेटर जब्त किए हैं। कुल 196 में 110 रेग्यूलेटर हिंदुस्तान पेट्रोलियम के हैं। 78 इंडियन गैस और 18 बीपीसीएल और खुले मैदान में मिले 10 रेग्यूलेटर एचपीसीएल कंपनी के हैं। कार्रवाई के दौरान टीम में सहायक खाद्य अधिकारी संजय दुबे, अरविंद दुबे, पवित्रा अहिरवार, खाद्य निरीक्षक सोनल चंद्राकर, रीना साहू, संदीप शर्मा, सुचित्रा कश्यप और मनीष यादव शामिल थे। इन सभी दुकानों के खिलाफ द्रवित पेट्रोलियम गैस वितरण एवं विनियमन आदेश 2000 सहित आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत मामला दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है।

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