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चार आरोपी गिरफ्तार:नौकरी लगाने का झांसा देकर बेरोजगारों से 30 लाख की ठगी

रायपुर2 महीने पहले
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प्राइवेट कंपनियों में नौकरी लगाने का झांसा देकर बेरोजगार युवक-युवतियों से ठगी करने वाली ठग कंपनी का भंडाफोड़ हुआ है। - Money Bhaskar
प्राइवेट कंपनियों में नौकरी लगाने का झांसा देकर बेरोजगार युवक-युवतियों से ठगी करने वाली ठग कंपनी का भंडाफोड़ हुआ है।

प्राइवेट कंपनियों में नौकरी लगाने का झांसा देकर बेरोजगार युवक-युवतियों से ठगी करने वाली ठग कंपनी का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने फर्जी प्लेसमेंट कंपनी के चार जालसाजों को गिरफ्तार किया है। ठगों ने बेरोजगारों को जाल में फंसाने के लिए बाकायदा ऑफिस खोला था।

कंपनी के ऑफिस से कंप्यूटर सिस्टम समेत दो बाेरी दस्तावेज जब्त किए गए हैं। उन्होंने थोक में बेरोजगारों से आवेदन लिए थे। उन्हें बोरी में भरकर रखा था। आरोपियों ने 55 से ज्यादा बेरोजगारों से 30 लाख लिए, लेकिन किसी की नौकरी नहीं लगाई।

बेरोजगारों को फर्जी नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिया। जब लोग नौकरी ज्वाइन करने प्राइवेट कंपनी के दफ्तर पहुंचे तब फर्जीवाड़ा फूटा। पुलिस अफसरों ने बताया कि चंद्रप्रताप सिंह जांजगीर, दीप चंद्र वर्मा भिलाई, जीतेंद्र देवांगन सिलतरा और संजय वर्मा चंगोराभाठा का रहने वाला है। चारों ने मिलकर आरसीडीएसपी नाम से कंपनी शुरू की।

उन्होंने प्रचार किया कि उनकी कंपनी बेरोजगारों को नौकरी उपलब्ध करवाती है। कंपनी का भाठागांव में दफ्तर खोला गया। आरोपियों ने सोशल मीडिया में निजी कंपनी में अच्छे पदों पर मोटी सैलेरी में भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया है। उसमें ऑनलाइन ही आवेदन करना था। रायपुर और उसके आसपास के 100 से ज्यादा लोगों ने आवेदन किया। उसमें से 55 लोगों को नौकरी के लिए बुलाया गया।

बुलाने के बाद उनसे प्रोसेसिंग फीस के तौर पर 20-20 हजार रुपए लिए गए। कुछ दिन बाद ज्वाइनिंग और अन्य खर्चों के नाम पर किसी से 20 तो किसी से 30 हजार लिए। कुछ को बड़े पदों का ऑफर देकर ज्यादा पैसे लिया। इस तरह करीब 30 लाख लेने के बाद फर्जी नियुक्ति पत्र जारी कर दियास।

जब लोग संबंधित संस्थान में नौकरी ज्वाइन करने पहुंचे तो उन्हें मना कर दिया गया। उन्हें बताया गया कि उनके यहां कोई नौकरी नहीं है। पैसे देने वाले जब अपनी रकम वापसी के लिए पहुंचे तो आरोपी उन्हें कोई न कोई बहाना कर टालते रहे। कई दिन चक्कर काटने के बाद 55 लोगों ने शिकायत की है। पीड़ितों की संख्या बढ़ सकती है।

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