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व्यापारी कर रहे हैं मनमानी:12 सौ का डीएपी 15 सौ, 270 का यूरिया 400 में बिक रहा

राजिम4 महीने पहले
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रबी सीजन में धान बोने खेत की मताई करते किसान - Money Bhaskar
रबी सीजन में धान बोने खेत की मताई करते किसान

इन दिनों रबी फसल लेने वाले क्षेत्र के किसान खाद के लिए भटक रहे हैं। सोसाइटियों में खाद नहीं पहुंचने से वितरण अभी बंद है और दुकानों में भी नहीं मिलने से किसान हलाकान हैं। कहीं-कहीं व्यापारी खाद बेच भी रहे हैं तो औने-पौने भाव में बेच रहे हैं। अपने हिसाब से शर्ते भी रखी जा रही है। 1200 रुपए में मिलने वाली डीएपी की बोरी को 1450 से 1500 में और 270 रुपए की यूरिया बोरी को 400 रुपए तक बेचा जा रहा है। राजिम अंचल में स्वयं के सिंचाई साधन बोर वाले किसान तकरीबन 35 से 40 हजार एकड़ खेतों में रबी फसल में धान की बोआई की जा रही है।

ग्राम कपसीडीह के किसान विरेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि उन्होंने जैसे-तैसे करके डीएपी की व्यवस्था कर ली लेकिन अब यूरिया के लिए भटकना पड़ रहा है। व्यापारियों ने भी अपना व्यापार चमकाने का नया तरीका इजात कर लिया है। एक तरफ खाद बेच भी रहे हैं तो अधिक कीमत पर और उसके साथ अन्य कीटनाशक या दवाई लेने पर ही खाद बेच रहे हैं।

अंचल के किसान होमन यादव, गैंद राम साहू, इशरन साहू, रिखी तारक, उत्तम ठाकुर आदि ने बताया कि धान की फसल में खाद डालने का समय हो गया है। इसके लिए प्रति एकड़ 2 बोरा डीएपी एवं 1 बोरी यूरिया की आवश्यकता होती है। इसमें पहले तीन हजार रुपए तक खर्च आता था लेकिन आज सरकार की उदासीनता और व्यापारियों की मनमानी की वजह से 6000 रुपए तक लग रहा है। इसके बावजूद भी खाद नहीं मिल पा रही।

समितियों में खाद आते ही वितरण शुरू करेंगे: प्रभारी
खाद प्रभारी कोमलराम साहू नेे बताया लगातार बारिश की वजह से खाद केंद्रों तक नहीं पहुंच पाई है। खाद आते ही वितरण शुरू किया जाएगा। हम लोगों ने 750 टन यूरिया, 700 टन डीएपी और 30 टन पोटाश की मांग किए हैं लेकिन तब से लगातार बारिश की वजह से खाद का परिवहन नहीं हो पा रहा है। राजिम अंचल में 9 स्थानों पर किसानों को खाद का वितरण किया जाता है, जिनमें राजिम सहित बेलटुकरी, किरवई, बरोंंड़ा, कोमा, बासीन, रावड़, अरंंड एवं पोखरा खाद केंद्र हैं।

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