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मानसून अपडेट:बंगाल की खाड़ी पर बने सिस्टम से जिले में 38 मिमी औसत बारिश, नदियां उफान पर, पुलिया के ऊपर पानी बहने से आवागमन हुआ प्रभावित

कवर्धाएक महीने पहले
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मैकल पर्वत पर फंसे बादलों से बारिश। यहां का नजारा और भी ज्यादा आकर्षक हो गया है। - Money Bhaskar
मैकल पर्वत पर फंसे बादलों से बारिश। यहां का नजारा और भी ज्यादा आकर्षक हो गया है।
  • पंडरिया तहसील क्षेत्र में ही रविवार को 25 मिमी बारिश हुई, नेऊर से बांगर पहुंचने में हो रही परेशानी

कबीरधाम समेत छग के विभिन्न जिलों में सितंबर महीने में बारिश का दौर जारी रहने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के चलते रविवार को जिले में 38 मिमी औसत बारिश हुई, जिससे नदियां और बरसाती नाले उफान पर आ गए। वनांचल इलाके में नदी-नालों पर बनी पुलिया के ऊपर पानी बहने से आवागमन प्रभावित रहा।

पंडरिया तहसील क्षेत्र में रविवार को सबसे ज्यादा 25 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। तेज बारिश से पंडरिया ब्लॉक के वनांचल ग्राम बदना से राली मुख्य मार्ग पर बरसाती नाले में बाढ़ आ गई, जिससे रपटा के ऊपर पानी बह रहा था। इससे ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कत का सामना करना पड़ा। इसी तरह बोदलहा से महीडबरा, कुई से नेऊर, ढोलढोली से सेंदूरखार मार्ग पर बरसाती नाले ओवरफ्लो चल रहे थे। ग्राम नेऊर से बांगर पहुंचने के लिए कन्हैया नदी को 6 बार पार करना पड़ता है। क्योंकि नदी काफी घुमावदार है। नदी पर जहां पुल बना है, वहां से आवागमन होता है। शेष 5 जगहों पर नदी को पार करने के लिए बने रपटे के ऊपर से पानी बह रहा है। इससे परेशानी बढ़ गई है।

अच्छी बारिश होने से सभी बांधों में 90 फीसदी जलभराव सरोदा छलकने की स्थिति में, फसलों को मिली संजीवनी
इस मानसून अच्छी बारिश से सभी बांधों में 90 फीसदी से ज्यादा जलभराव हो चुका है। सरोदा बांध के उलट से पानी बहना शुरू हो गया है। सितंबर महीने के 19 दिन में ही 82 मिमी औसत बारिश रिकॉर्ड की गई है, जिसके चलते बांधों में पानी भरा है। सरोदा बांध में 93%, छिरपानी में 90% और बहेराखार में 91 फीसदी जलभराव हो चुका है। जबकि इन बांधों से पिछले महीने 28,921 हेक्टेयर रकबे की सिंचाई के लिए नहरों में पानी छोड़ा गया था।

यह बारिश फसलों के लिए अनुकूल- विशेषज्ञ
कृषि विभाग के उप-संचालक मोरध्वज डड़सेना बताते हैं कि इस सीजन नियमित अंतराल में बारिश नहीं हुई। इसके चलते फसलों को नुकसान होना तय माना जा रहा था। लेकिन पिछले एक सप्ताह से रुक- रुककर बारिश हो रही है, जिससे धान फसल की ग्रोथ में सुधार हुआ है। फिलहाल फसलों को नुकसान होता नहीं दिख रहा है।

खाड़ी पर 25 सितंबर से दूसरा सिस्टम बनने की संभावना
सितंबर माह के अंत तक मूसलाधार का सिलसिला जारी रहेगा। रायपुर के मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा बताते हैं कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर 25 सितंबर को दूसरे सिस्टम बनने की संभावना है। इससे छग के विभिन्न हिस्से में मध्यम से तेज बारिश की संभावना है। मानसून द्रोणिका बीकानेर, उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर स्थित निम्न दाब के केंद्र, सतना, डाल्टनगंज जमशेदपुर, दीघा और उसके बाद दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक स्थित है। निम्न दाब का क्षेत्र उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे लगे पूर्वी राजस्थान के ऊपर स्थित है। इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। इसकी वजह से आगामी दिनों में बारिश होने की संभावना बढ़ गई है। इसका असर छग में भी पड़ सकता है। फिलहाल जो बारिश हो रही है वह खासकर धान की फसल के लिए बहुत उपयोगी है।

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