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सुरक्षाबलों ने बरामद किया 5 KG का IED:जवानों को नुकसान पहुंचने नक्सलियों ने किया था प्लांट, सर्चिंग पर निकली फोर्स ने किया डिफ्यूज

जगदलपुर/बीजापुर7 महीने पहले
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बीजापुर में DRG के जवानों ने 5 KG की IED बरामद किया है। - Money Bhaskar
बीजापुर में DRG के जवानों ने 5 KG की IED बरामद किया है।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सर्चिंग पर निकले जवानों ने 5 KG का जिंदा IED बरामद किया है। जिसे BDS की टीम ने मौके पर ही डिफ्यूज कर दिया गया। माओवादियों ने जवानों को नुकसान पहुंचाने के मंसूबे से इलाके में कुकर IED प्लांट कर रखी हुई थी। बीजापुर के SP कमलोचन कश्यप ने बताया कि, नक्सलियों के मंसूबे को नाकाम कर दिया गया है। मामला जांगला थाना क्षेत्र का है।

जवानों ने सड़क किनारे तार देखा था। जिसके बाद IED तक पहुंच पाए।
जवानों ने सड़क किनारे तार देखा था। जिसके बाद IED तक पहुंच पाए।

जानकारी के मुताबिक, DRG के जवान जिले के हिंगुम, कोटमेटा, झारामोंगिया इलाके में सर्चिंग के लिए निकले हुए थे। इस बीच बेलचर-मटवाड़ा मार्ग पर पहुंचे जवान इलाके की सर्चिंग कर थे। इस दौरान इसी मार्ग के किनारे जवानों ने तार देखा,जिसे निकाला। यह तार कुछ दूरी पर एक प्रेशर कुकर IED में लगा हुआ था। जिसे जवानों ने अपनी सूझबूझ से निकाल लिया और IED को मौके पर डिफ्यूज कर दिया।

इसी कुकर में नक्सलियों ने IED लगा रखी थी।
इसी कुकर में नक्सलियों ने IED लगा रखी थी।

जानिए क्या होती है DRG फोर्स?
बस्तर में माओवादियों से लोहा लेने के लिए कुछ साल पहले स्थानीय युवाओं की एक टीम को तैयार किया गया था। जिसका नाम DRG यानी डिस्टिक रिजर्व गार्ड रखा गया था। बस्तर के हर जिले में DRG में युवाओं की भर्ती की गई। माओवादियों के खिलाफ लोहा लेने में पुलिस को इसका बड़ा फायदा मिला है। क्योंकि स्थानीय युवा इलाके की भौगोलिक स्थित, जल-जंगल-जमीन से अच्छी तरह से वाकिफ होते हैं। माओवादी भी सबसे ज्यादा खुद को डीआरजी से अपने लिए खतरा मानते हैं। DRG में अब सरेंडर नक्सलियों की भर्ती भी की जा रही है।