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बेमौसम बारिश से देरी:47 दिन में 24522 किसानों ने बेचा धान, सिर्फ 10 दिन बचे, 25 हजार किसानों से खरीदी बाकी

जगदलपुर4 महीने पहले
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खरीदी केंद्र में खुले आसमान के नीचे पड़ा धान, उठाव नहीं होने से खराब होने की आशंका - Money Bhaskar
खरीदी केंद्र में खुले आसमान के नीचे पड़ा धान, उठाव नहीं होने से खराब होने की आशंका
  • अब तक 40 फीसदी दीर्घ किसानों का धान ही खरीदा गया, इनकी चिंता ज्यादा

प्रदेश सरकार द्वारा की जा रही धान की खरीदी को लेकर इस साल भी बस्तर जिले के हजारों किसान परेशान नजर आ रहे हैं। बैमौसम बारिश के चलते धान की खरीदी के प्रभावित होने और लेटलतीफी के चलते सबसे अधिक परेशानी बस्तर जिले के बड़े किसानों को होने की बात कही जा रही है।

जानकारी के मुताबिक इस साल धान बेचने के लिए 50 हजार 37 किसानों ने पंजीयन कराया था। जिसमें से कुछ किसानों द्वारा सही जानकारी नहीं दिए जाने और अन्य कारणवश इनकी संख्या में कमी कर दी गई। इस समय धान बेचने के लिए पंजीयन कराने वाले किसानों की संख्या 49 हजार 902 हो गई है। इसमें 2600 सीमांत, 13630 लघु और 10 हजार 330 करीब दीर्घ किसान है। इसमें से करीब 70 फीसदी सीमांत, 65 फीसदी लघु और करीब 40 फीसदी दीर्घ किसानों का धान ही खरीदा गया है। गौरतलब है कि 31 जनवरी तक खरीदे जाने की बात कही गई है। इस लक्ष्य को पूरा करने के तहत अब तक जिला सहकारी केंद्रीय बैंक ने सहकारी समितियों के 71 धान खरीदी केंद्रों के माध्यम से 24 हजार 522 किसानों का धान खरीद लिया गया है। बाकी के बचे 25 हजार 385 किसानों का धान 10 दिनों में खरीदना बड़ी चुनौती है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्य पर्यवेक्षक एसए रजा का कहना है कि जिन किसानों ने सरकार को धान बेचने के लिए पंजीयन कराया है उसमें से हर किसान का धान खरीदा जाएगा। किसी किसान को केंद्र से वापस नहीं किया जाएगा।

लक्ष्य 16.27 लाख क्विंटल, अब तक 11.42 लाख क्विंटल धान खरीदा

इस साल सरकार ने बस्तर जिले में धान की अच्छी फसल को देखते हुए 16 लाख 27 हजार 440 क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें से अब तक 11 लाख 42 हजार 890 क्विंटल धान की खरीदी की गई है। इसमें से 10 लाख 81 हजार 903 क्विंटल मोटा और 60 हजार 986 क्विंटल पतला धान शामिल है। अब तक की गई खरीदी में किसानों ने अब तक 221 करोड़ 84 लाख रुपए का धान सरकार को बेच दिया है।

सबसे अधिक धान इस समय बस्तर , बकावंड और जगदलपुर ब्लॉक के किसानों ने बेचा है। आने वाले दिनों में इन्हीं ब्लॉकों में बड़े पैमाने पर धान खरीदे जाने की बात कही जा रही है।

7.51 लाख क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे

जिले में एक ओर जहां बारिश के चलते किसानों को धान बेचने में परेशानी हो रही है तो वहीं दूसरी ओर इन दिनों समय पर धान का उठाव नहीं होने के चलते 71 केंद्रों में 7 लाख 51 हजार 390 क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है। केंद्रों से धान का उठाव समय पर नहीं होने से खरीदी केंद्रों के प्रभारियों को धान को सुरक्षित रखने में परेशानी हो रही है। समय पर धान का उठाव नहीं हाेने से खरीदी प्रभारियों ने कुद दिनों पहले जिला सहकारी केंद्रीय बैंक कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों को अपनी परेशानियों के बारे में बताया था। जिसके बाद संघ के पदाधिकारियों ने कलेक्टर रजत बंसल का पत्र लिखकर जल्द से जल्द धान का उठाव करवाने की मांग की थी। लेकिन इसका कोई बड़ा असर अब तक कहीं पर दिखाई नहीं दे रहा है। जिसका खामियाजा आने वाले दिनों में खरीदी केंद्रों के प्रभारियों को भुगतना पड़ेगा।

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