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नक्सलियों के नापाक इरादे:ऐसा 3 साल बाद... नक्सलियों ने लगाया था 10 किलो का टिफिन बम, स्निफर डॉग रेनू ने खोजा, टीम ने किया नष्ट

धमतरीएक महीने पहले
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डॉग स्क्वायड के साथ बीडीएस ने टिफिन बम ढूंढा। - Money Bhaskar
डॉग स्क्वायड के साथ बीडीएस ने टिफिन बम ढूंढा।
  • सांकरा से सिर्फ 8 किमी दूर गहनासियार से खल्लारी जाने की कच्ची सड़क में गाड़ा था बम

नक्सली बार-बार धमतरी जिले में अपनी मौजूदगी का अहसास पुलिस काे करवा रहे हैं। इस बार नक्सलियों ने सिहावा के सांकरा से सिर्फ 8 किमी दूर गहनासियार-खल्लारी कच्ची सड़क पर सीआरपीएफ जवानों को उड़ाने 10 किलो का टिफिन बम आधा फीट गहराई में गड़ाया था। रविवार को स्निफर डॉग(खोजी कुत्ता) रेनू ने इस बम को ढूंढा। 200 मीटर लंबा तार भी जब्त हुआ है। बीडीएस (बम डिफ्यूज स्क्वायड) ने बम डिफ्यूज किया तो जमीन 3 में फीट गहरा गड्ढा हाे गया।

सूत्रों के मुताबिक यह बम सीतानदी एरिया कमेटी ने करीब हफ्तेभर पहले लगाया था। जिले में 3 साल पहले भी नक्सलियों ने टिफिन बम प्लांट किया था, हालांकि उस समय भी बीडीएस ने बम को डिफ्यूज किया था। 12 साल पहले 2009 में नक्सली इसी तरह के टिफिन बम से बड़ी वारदात करने में कामयाब हाे गए थे। उस समय 12 जवानाें के साथ 13 लाेगाें की माैत हाे गई थी। जिले में नक्सली बड़ी वारदात के फिराक में है, यह जानकारी खुफिया एजेंसियों से अफसरों को मिली है। 10 दिन से सीआरपीएफ की फोर्स लगातार सर्चिंग कर रही है।

200 मीटर दूर पेड़ के पीछे तक बिछाया था तार

फोर्स के आने की जानकारी मिली तो नक्सलियों ने गहनासियार-खल्लारी कच्ची सड़क पर बीचोबीच 10 किलो टिफिन बम जमीन में गड़ाकर रखा था। 200 मीटर तक तार बिछाया था, इसका अंतिम छोर भीरागांव पहाड़ी के ठीक नीचे एक पेड़ के पीछे था। 19 सितंबर को सुबह करीब 5 बजे पुलिस को मुखबिरों से खबर मिली कि नक्सलियों ने टिफिन बम लगाया है।

जमीन से बम निकालकर बीडीएस टीम ने किया डिफ्यूज

धमतरी से बीडीएस और डॉग स्क्वायड को भेजा गया। एसडीओपी मयंक रणसिंह के साथ करीब 9.30 बजे भीरागांव पहाड़ी के पास जवान जुटे। सीआरपीएफ, सिहावा पुलिस और डीआरजी की टीम ने सर्चिंग शुरू की। घंटेभर की सर्चिंग के बाद स्निफर डॉग रेनू ने सड़क के बीचोबीच लगाए गए टिफिन बम को ढूंढा।

फिर बम डिटेक्टर मशीन से जांच की गई। आसपास की जमीन खोदी गई। करीब करीब आधा फीट खाेदने के बाद बम दिखा। साथ ही 200 मीटर लंबा तार भी जब्त किया। बीडीएस ने बम को एक पेड़ के नीचे रखकर डिफ्यूज किया। बम फटते ही 3 फीट गहरा गड्ढा हो गया।

दोपहर बाद पहुंचे एसपी ठाकुर, इलाके की सर्चिंग की, लोगों से की चर्चा

एसपी प्रफुल्ल ठाकुर दोपहर को घटनास्थल पर आए। सर्चिंग की। आसपास के लोगों से चर्चा की। फिर नगरी थाने गए। यहां डीआरजी, सीआरपीएफ और पुलिस अफसरों की घंटेभर बैठक ली। एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि नक्सलियों ने फोर्स को नुकसान पहुंचाने के इरादे से ही गहनासियार-खल्लारी कच्ची सड़क पर बीचोबीच टिफिन बम लगाया था। टीम ने डिफ्यूज कर दिया है।

जहां बम लगाया वह खल्लारी जाने का मार्ग

नक्सलियों ने जिस कच्ची सड़क पर टिफिन बम लगाया था, वह मार्ग खल्लारी सहित 10 गांव को जोड़ता है। यह खल्लारी जाने का मुख्य मार्ग है। खल्लारी कैंप और थाना, सीआरपीएफ जवान भी यहीं से आते-जाते है पर नक्सलियों के इरादे सिर्फ फोर्स को नुकसान पहुंचाने के थे इसलिए प्रेशर बम न लगाकर टिफिन बम लगाया था। इसी रास्ते से ही महीनेभर पहले एसपी भी गुजरे थे।

सालभर में 5 ग्रामीणों की हत्या कर चुके

जिले में सीतानदी दलम, गोबरा दलम, मैनपुर डिवीजन और रावस कमेटी के करीब 25 नक्सली सक्रिय हैं। जिसका एरिया कमांडर सत्यम गावड़े है, जो नक्सलियों को लीड करता है। इनमें 25 से 30 लड़ाके हैं। नक्सलियों ने सालभर में 5 ग्रामीणों को मुखबिरी शक में मारा है। पुलिस नक्सलियों पर नामजद एफआईआर कर रही। इनमें सत्यम गावड़े, टिकेश, दीपक, अजय, प्रमिला, गीता, रीना के नाम हर एफआईआर में शामिल हो रहे है, लेकिन इन्हें घेरने की कोई तैयारी अब तक नहीं हुई है।

धमाके के बाद जिला बना था नक्सल प्रभावित

साल 2009 में रिसगांव क्षेत्र में नक्सलियों ने पुलिस पार्टी को वाहन समेत बम से उड़ा दिया था, जिसमें 11 पुलिसकर्मी, एक एसपीओ शहीद हुए थे। साथ ही एक सिविलियन की माैत हुई थी। इसके बाद धमतरी नक्सल प्रभावित जिला बना।

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