पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Market Watch
  • SENSEX60821.62-0.17 %
  • NIFTY18114.9-0.35 %
  • GOLD(MCX 10 GM)476040.47 %
  • SILVER(MCX 1 KG)650340.55 %

CG में फिर एक हाथी की मौत:बालोद में मिला हाथी के 4 साल के बच्चे का शव, कुछ दिन पहले घायल भी हुआ था; 24 दिन पहले 7 महीने के बच्चे की मौत हुई थी

बालोदएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

छत्तीसगढ़ में फिर एक हाथी की मौत हो गई है। इस बार बालोद जिले में चार महीने के हाथी के बच्चे का शव खेत में पड़ा मिला है। पता चला है कि कुछ दिन पहले ही हाथी घायल हुआ था। मामला दल्लीराजहरा वन परिक्षेत्र के खल्लारी गांव का है। 24 दिन पहले बलरामपुर जिले में हाथी के 7 महीने के बच्चे का शव मिला था।

जानकारी के मुताबिक, कोकान से पद्देटोला जाने वाले मुख्य मार्ग से लगभग 300 मीटर की दूरी पर खल्लारी गांव में किसान महेश कल्लो के खेत में नर हाथी का शव मिला है। सुबह बच्चे जब स्कूल जा रहे थे, उसी दौरान उन्होंने हाथी का शव देखा। इसके बाद जानकारी वन विभाग की टीम को दी गई थी।

खबर लगते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई थी।
खबर लगते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई थी।

खबर लगते ही डीएफओ मयंक पाण्डेय अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि 11 सितंबर को भी यह हाथी का बच्चा किसान के खेत में घायल अवस्था में मिला था। उस दौरान हमने उसका इलाज करवाया था और हाथी ठीक हो गया था। ठीक होने के बाद हाथी जंगल की ओर चला गया था। कुछ दिनों से जंगल में ही घूम रहा था।

वन विभाग के अधिकारी को दौड़ाया था
DFO ने बताया कि दो दिन पहले हाथी का बच्चा गांव के पास तालाब मे नहाते देखा गया था। उन्होंने बताया कि शनिवार के ही दिन इस हाथी ने उसकी निगरानी कर रहे वन परिक्षेत्र अधिकारी राजेश नादुलकर क़ो लगभग 50 मीटर दौड़ाया भी था। उन्होंने कहा कि हाथी का बच्चा किसी बीमारी की वजह से 2 दिन से कुछ खा भी नहीं रहा थ। अब उसका शव मिला है।

पोस्टमॉर्टम के बाद हाथी के बच्चे के शव को दफना दिया गया है।
पोस्टमॉर्टम के बाद हाथी के बच्चे के शव को दफना दिया गया है।

वन विभाग की टीम ने वेटनरी डॉक्टरों की मदद से हाथी के बच्चे का पोस्टमॉर्टम कर दिया है। अधिकारियों ने कहा कि हाथी के बिसरा को जांच के लिए देहरादून भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल हाथी के शव को सिंगवाही बीट 88 में 10 फीट गड्‌ढा कर दफना दिया गया है।

इसके पहले 26 अगस्त को बलरामपुर जिले के लरामपुर वन परिक्षेत्र के मानपुर सर्कल में एक हाथी के 7 महीने के बच्चे का शव मिला था। इसके बाद 1 अगस्त को भी बलरामपुर जिले के ही कैलाशपुर गांव में एक हाथी की करंट लगाकर हत्या कर दी गई थी। उस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। प्रदेश में इन दिनों हाथियों का आतंक भी लगातार जारी है। पिछले कुछ दिनों में हाथियों ने प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में कई लोगों की जान भी ली है।

खबरें और भी हैं...