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लोकार्पण से पहले ही डूबा सामुदायिक भवन:इसी हफ्ते विधायक के हाथों होना था शुभारंभ, लगातार बारिश के चलते गांव बना टापू

बालोद3 महीने पहले
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लोकार्पण से पहले ही सामुदायिक भवन डूबा। - Money Bhaskar
लोकार्पण से पहले ही सामुदायिक भवन डूबा।

बालोद जिले के ग्राम देवरी में लोकार्पण से पहले ही निर्माणाधीन सामुदायिक भवन बारिश के पानी में डूब गया है। देवरी गांव डौंडीलोहारा विकासखंड के अंतर्गत आता है। पिछले कई दिनों से यहां लगातार बारिश हो रही है। जिसके कारण गांव में बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई है।

सामुदायिक भवन जिसका लोकार्पण एक हफ्ते में होना था, उसके चारों तरफ बारिश का पानी भर गया है। वहां से लोग आ-जा भी नहीं पा रहे हैं। इसका लोकार्पण गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद को करना था। इसके लिए तैयारियां भी शुरू हो गई थीं, लेकिन लगातार हो रही बारिश ने इस पर रोक लगा दी है। ग्रामीण भोज कुमार साहू ने कहा कि पूरे गांव में पानी भर गया है, जिससे उनका जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है।

देवरी गांव में भरा पानी।
देवरी गांव में भरा पानी।

बालोद में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है। हालांकि आज मंगलवार सुबह को धूप देखने को मिली है। ग्रामीण मुकेश साहू ने कहा कि उनके कई काम रुके हुए थे, जिसे आज मौसम साफ रहने पर वे निपटाएंगे। सबसे बड़ी बात ये है कि अगर सामुदायिक केंद्र के चारों तरफ इस तरह से पानी लगता रहा, तो इसके लोकार्पण के बाद भी लोगों को काफी मुश्किल हो जाएगी।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चारों ओर भरा पानी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चारों ओर भरा पानी।

छत्तीसगढ़ में बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त

इधर छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में लगातार हो रही बारिश ने मुसीबत खड़ी कर दी है। रायपुर से लेकर रायगढ़ और जांजगीर-चांपा से लेकर बस्तर तक हालात बिगड़े हुए हैं। रायगढ़ और जांजगीर-चांपा में भी बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। रायगढ़ के बाढ़ प्रभावित गांवों के स्कूलों में 16 से 18 अगस्त तक छुट्‌टी कर दी गई है। वहीं जांजगीर-चांपा के पामगढ़ में अस्पताल डूब गया है। इसके कारण मरीजों और उनके परिजनों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

गांव में भरा पानी।
गांव में भरा पानी।

महानदी का जलस्तर बढ़ा

बारिश के कारण गंगरेल डैम का जलस्तर भी बढ़ गया है। इसके कारण 1 लाख क्यूसेक से अधिक प्रति सेकेंड की आवक बनी हुई है। इसे देखते हुए उसके सभी 14 गेट सोमवार को खोल दिए गए थे। वहीं रुद्री बैराज से भी 131000 क्यूसेक पानी महानदी में छोड़ा जा रहा है। इसके चलते शिवरीनारायण सहित महानदी के किनारे के इलाकों में पानी बढ़ने लगा है। फिलहाल इलाके को खाली कराया जा रहा है और लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है।