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स्वतंत्रता दिवस आज:प्रशासनिक गतिविधि का केंद्र रहा कचहरी भवन बदहाल

कांकेर6 महीने पहले
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ऐतिहासिक कचहरी भवन, जिसकी दीवारों पर उपेक्षा के चलते उग आई हैं झाड़ियां। - Money Bhaskar
ऐतिहासिक कचहरी भवन, जिसकी दीवारों पर उपेक्षा के चलते उग आई हैं झाड़ियां।

आजादी की 75वीं वर्षगांठ के तहत देशभर में अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर शहर के ऐेतिहासिक धरोहरों के संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। बात रियासतकालीन कचहरी भवन की हो रही है, जिसमें देश की आजादी के पहले और बाद में प्रशासनिक गतिविधियां संचालित होती थीं।

15 साल पहले तक यह भवन उपयोग में रहा। डेढ़ दशक की उपेक्षा के चलते दीवारों से ईंटें बाहर निकलने लगी हैं, मोटी दीवारों पर अब झाड़ियां उग आई हैं। कलात्मक बनावट के लिए प्रसिद्ध इस भवन में स्वतंत्रता दिवस पर भी रंगरोगन नहीं कराया गया।

राजा कोमलदेव के कार्यकाल में बना था भवन

कचहरी भवन राजा कोमलदेव के कार्यकाल में 1924 से 1932 के बीच बना था। 1998 में कांकेर जिला बना तो नया कलेक्टोरेट भवन बनते तक यहीं कलेक्टोरेट लगता था। जिला सत्र न्यायालय, उप पंजीयक कार्यालय, जिला आयुर्वेद कार्यालय, नगर पालिका कार्यालय, जनपद कार्यालय, तहसील कार्यालय भी सालों तक यहीं संचालित होते रहे।

म्यूजियम के साथ ही लाइब्रेरी बनाने की मांग

जिले की तमाम ऐेतिहासिक महत्व की मूर्तियों और अन्य धरोहरों को यहां रख म्यूजियम बनाने की मांग शहरवासी कई साल से कर रहे हैं। सर्वसुविधायुक्त लाइब्रेरी बनाने की भी मांग उठाई जा रही है।

कलेक्टोरेट शिफ्ट होने के बाद से देखरेख हुआ बंद

राजपरिवार के कुमार अश्वनी प्रताप देव ने कहा जब तक यहां कलेक्टोरेट संचालित होता था तब तक देखरेख की जाती थी। अब इसके संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

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