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नियम-कायदे ताक पर:रेत माफिया ने बिना इजाजत लिए 25 किमी में बना लिए 40 डंपिंग यार्ड

जशपुर2 महीने पहले
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सांंकेतिक तस्‍वीर - Money Bhaskar
सांंकेतिक तस्‍वीर

रेत खनन को लेकर बने नियम कायदे सिर्फ कागजों तक सिमटकर रह गए हैं। बरसात के चार महीने किसी भी नदी से रेत निकालने पर पूर्णत: पाबंदी होती है। इस वर्ष भी जिला प्रशासन ने प्रतिबंध लगाया है,पर जिले में इसका जरा सा भी पालन नहीं हो रहा है। बारिश में नदियों का जलस्तर बढ़ने पर सप्लाई बाधित ना हो, इसके लिए रेत माफियाओं में जगह-जगह रेत डंपिंग यार्ड बना डाला है। जशपुर से शंख नदी तक 25 किमी में 40 से ज्यादा रेत डंपिंग यार्ड बन चुके हैं। जरूरत पड़ने पर रेत माफिया यहां से रेत उठाकर सप्लाई कर देते हैं।

शंख नदी छत्तीसगढ़ व झारखंड की सीमा रेखा है, पर यह नदी छत्तीसगढ़ की नदी है। इस नदी पर अभी भी जाेरों से रेत का अवैध खनन चल रहा है। पहाड़ी इलाकों में हुई बारिश के बाद नदी का जलस्तर बढ़ा है। ऐसी स्थिति में नदी के किनारों से रेत माफिया रेत निकाल रहे हैं। इसके अलावा झारखंड के सीमावर्ती गांव जैसे पोड़ी, बनई, पुत्रीचौरा ऐसे गांव है, जहां अवैध तौर पर रेत डंपिंग यार्ड बना दिया है, जहां सैकड़ों टन रेत डंप कर रखा है। पीएमजीएसवाई की बनी सड़कों का उपयोग भी रेत माफिया खूब कर रहे हैं।

भास्कर की टीम ने गुरुवार को शंख नदी से जशपुर तक गांव के रास्तों पर सफर किया। जांच में पता चला कि ग्राम पौड़ी, सकरडेगा, पुत्रीचौरा, आरा के पास भारी मात्रा में रेत डंप किया है। ट्रैक्टरों से यहां लाकर रेत डंप किया जा रहा है और ट्रकों से सप्लाई हो रही है। सबसे अधिक मात्रा में रेत पुत्रीचौरा में रेत डंप मिला।

यह रेत किसने डंप करवाया है, सप्लायर कौन है, यह बताने वाला मौके पर कोई नहीं था। इधर खनिज विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक अब तक जिले में सिर्फ दो रेत स्टोरेज है, जिसमें एक ग्राम गम्हरिया और दूसरा झरगांव में स्थित है। इन जगहों के अलावा अन्य जगहों पर अवैध तौर पर रेत रखे गए हैं।

अंतरराज्यीय विवाद की वजह से खदान की अनुमति नहीं
शंख नदी झारखंड और छत्तीसगढ़ की सीमा निर्धारित करती है। हालांकि इस नदी पर पुलिया का निर्माण पूर्व में मध्यप्रदेश सरकार और नए पुल का निर्माण छग की सड़क योजना के तहत हुआ है। पर नदी पर दोनों राज्यों की सरकारें अपना दावा करती है। यही वजह है कि इस नदी पर रेत खदान की स्वीकृति नहीं मिल पा रही है। झारखंड और छत्तीसगढ़ के कई सप्लायरों ने इस नदी पर रेत खदान के लिए अपने-अपने राज्यों में खनिज विभाग के पास आवेदन किया है।

माइनिंग इंस्पेक्टर को मौके पर जांच करने के लिए भेजा है
बरसात के चार महीने रेत खनन पर पूर्णत: प्रतिबंध है। आवंटित खदानों में निरीक्षण किया जा चुका है। झारखंड सीमा से लगे गांव में अवैध भंडारण की सूचना मिली है। माइनिंग इंस्पेक्टर को जांच के लिए भेजा गया है। -योगेश साहू, जिला खनिज अधिकारी।

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