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आक्रोश:स्वामी आत्मानंद हिंदी मीडियम स्कूल मनोरा में प्रवेश नहीं दिया तो पालकों ने किया हंगामा, तालेबंदी की चेतावनी दी

जशपुर2 महीने पहले
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मनोरा में एडमिशन ना होने से निराश हिन्दी माध्यम के बच्चे व पालक। - Money Bhaskar
मनोरा में एडमिशन ना होने से निराश हिन्दी माध्यम के बच्चे व पालक।

नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट उमावि स्कूल में दो जगहों पर अलग-अलग नजारे देखने को मिले। जशपुरनगर के स्वामी आत्मानंद हिन्दी मीडियम स्कूल में पहले ही दिन बड़े धूमधाम से शाला प्रवेश उत्सव मनाया गया। विधायक, कलेक्टर, एसपी, डीईओ, बीईओ सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में बच्चों के माथे पर तिलक लगाकर उनका स्वागत किया गया। इधर दूसरी ओर मनोरा के आत्मानंद उत्कृष्ट स्कूल में पहले दिन हिन्दी मीडियम की कक्षाओं में बच्चों को एडमिशन ही नहीं दिया गया।

बच्चे व पालक दिनभर एडमिशन के चक्कर में स्कूल में बैठे रहे। पालकों ने इसे लेकर हंगामा भी शुरू कर दिया। पालकों ने जब यह चेतावनी दी कि यदि हिन्दी मीडियम में बच्चों को प्रवेश नहीं दिया जाता है तो वे इंग्लिश मीडियम भी नहीं चलने देंगे। पालकों ने स्कूल में ताला बंद करने की चेतावनी दी तब दोपहर बाद हिन्दी मीडियम के बच्चों को एडमिशन फार्म दिया गया। मनाेरा के हाईस्कूल को इस वर्ष से स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में परिवर्तित कर दिया गया है।

यहां के स्कूल में इंग्लिश मीडियम की कक्षाओं में बच्चों का एडमिशन 5 अप्रैल से ही शुरू है। इंग्लिश मीडियम में हर कक्षा में 50-50 सीटें हैं। अभिभावकों की मांग पर यहां दो शिफ्ट में कक्षाएं संचालित करने का निर्णय जिला प्रशासन द्वारा लिया गया है। जिसमें सुबह के शिफ्ट में अंग्रेजी माध्यम की कक्षाएं व दोपहर के शिफ्ट में हिन्दी माध्यम की कक्षाएं लगेंगी। जानकारी के मुताबिक अंग्रेजी माध्यम में बच्चों का एडमिशन पूरा हो चुका है।

गुरुवार को जब हिन्दी माध्यम के बच्चे स्कूल में प्रवेश के लिए पहुंचे तो प्राचार्य ने हिन्दी माध्यम के बच्चों का प्रवेश लेने से इंकार कर दिया। इसके बाद स्कूल परिसर में काफी हंगामा हुआ। पालकों को समझाइश देने के लिए मनोरा बीईओ व बीआरसी स्कूल में दिनभर डंटे रहे। पालकों ने जब बच्चों के एडमिशन के बगैर नहीं लौटने की बात कही तो अधिकारियों के निर्देश पर हिन्दी माध्यम के बच्चों को प्रवेश फार्म वितरण किया गया।

150 बच्चे हर साल नौवीं में लेते हैं एडमिशन
मनोरा में हाईस्कूल में हर साल कक्षा नौवीं में 150 से अधिक बच्चे एडमिशन लेते हैं। आसपास के कई गांव के बच्चे यहां के स्कूल में पढ़ाई के लिए आते हैं। इधर आत्मानंद इंग्लिश मीडियम की बात करें तो सिर्फ 50 सीटें एक कक्षा में दी गई है। मनोरा स्कूल पहुंचे अभिभावक शोशन टोप्पो व सूचिता भगत ने कहा कि इस स्कूल में हिन्दी माध्यम के बच्चों का यदि प्रवेश नहीं लिया जाएगा तो यह मनमानी हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।

प्राचार्यों ने एक दूसरे पर थोपी जिम्मेदारी
मनाेरा आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल के प्राचार्य आरबी निराला हैं और िहन्दी माध्यम में प्राचार्य जयपाल राम प्रधान हैं। प्राचार्य निराला मॉर्निंग शिफ्ट की स्कूल बंद होने के बाद दोपहर में स्कूल से चले गए। प्राचार्य प्रधान ने एडमिशन की जिम्मेदारी निराला को सौंपी है। दोनों प्राचार्यों के बीच तालमेल का अभाव है। प्राचार्य प्रधान ने पूरी जिम्मेदारी निराला पर डाल दी है।

पहले हो चुकी बैठक के बाद यह स्थिति
हिन्दी मीडियम में प्रवेश के लिए विवाद की स्थिति पैदा ना हो इसके लिए पहले ही अभिभावकों व जिला प्रशासन के अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया कि मनोरा में आत्मानंद स्कूल में हिन्दी व अंग्रेजी दोनों माध्यमों की कक्षाएं संचालित होंगीपर जब 16 जून को हिन्दी माध्यम के बच्चे एडमिशन लेने पहुंचे तो दोनों प्राचार्यों ने एक दूसरे को एडमिशन लेने की जिम्मेदारी सौंप दी।

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