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नगर पालिका मुआयना किए बगैर जारी कर रहा राशनकार्ड:आधी से अधिक आबादी गरीबी रेखा के नीचे, अपात्र उठा रहे बीपीएल का लाभ

जशपुरनगर2 महीने पहले
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शहर में निवासरत कुल परिवारों में से आधे से अधिक परिवार के लोग गरीबी रेखा की नीचे जीवन गुजार रहे हैं। नगरपालिका जशपुर से अब तक जितने राशनकार्ड जारी हुए हैं, उसमें आधे से अधिक परिवार के लोग गरीब या अत्यंत गरीब परिवार से हैं। जिन्हें हर महीने पीडीएस की दुकानों कम कीमत पर राशन उठाकर अपने परिवार का पेट भरना पड़ रहा है। राशन कार्ड के आंकड़ों में शहर में गरीबी की जो भयावह स्थिति दिख रही है, हकीकत उससे परे है।

बीपीएल राशनकार्ड को लेकर छग शासन के 2022 के नियम के अनुसार बीपीएल कार्ड के लिए वे ही पात्र हैं, जिनकी मासिक आमदनी 10 हजार रुपए महीना से कम हो। पर शहर में इससे अधिक कमाई करने वाले, पक्के मकानों में रहने वाले व दोपहिया से लेकर चारपहिया वाहनों के मालिक भी बीपीएल राशन कार्ड बनाकर गरीबों के लिए बनी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। यदि राशन कार्ड धारी हितग्राहियों की सम्पत्ति की जांच हो तो यह सच्चाई सामने आ जाएगी।

15 साल पुरानी सूची के आधार पर जारी हो रहा कार्ड, जबकि अब स्थिति बदली

राशन कार्ड को जो नए राशन कार्ड बन रहे हैं वह 2007 की सर्वे सूची के आधार पर बनाए जा रहे हैं। बीपीएल कार्ड धारियों में से कई ऐसे परिवार हैं जो उस वक्त गरीब हुआ करते थे पर आज समृद्ध हो चुके हैं वे भी अबतक बीपीएल का लाभ उठा रहे हैं। इन्हीं परिवार के नए सदस्य जो व्यस्क हुए शादियां हुईं, उन्होंने भी पुरानी सर्वे सूची के आधार पर अलग से राशन कार्ड बनवा लिया है। राशन कार्ड बन जाने के बाद कोई यह देखने नहीं जाता है कि क्या वास्तव में हितग्राही गरीब है।

टैक्सदाताओं की संख्या 2 हजार से भी कम इसलिए संपत्ति कर के रूप में मिल रहे मात्र 28 लाख 35 हजार

पालिका के रिकार्ड में चूंकि आधे से अधिक परिवार के लोग गरीब हैं तो टैक्सदाताओं की संख्या भी बेहद कम है। 5 हजार से अधिक परिवार वाले पालिका क्षेत्र में टैक्सदाताओं की संख्या 2 हजार से भी कम है। सम्पत्तिकर व समेकित कर के रूप में पालिका को ज्यादा पैसे नहीं मिल पाते हैं। सम्पत्तिकर के रूप में पालिका की वार्षिक आमदनी 28 लाख 35 हजार रुपए है। वहीं समेकित कर के रूप में सिर्फ 18 से 18 लाख रुपए पालिका को मिलते हैं। इनमें से भी कई करदाता टैक्स जमा नहीं करते हैं। यही वजह है कि पालिका आत्मनिर्भरता की ओर आगे नहीं बढ़ पा रहा है। कई बड़े काम के प्रस्ताव तैयार हैं जो शासन के पास फाइलों में कैद हैं। शहर का विकास थमा हुआ है।

कुछ वार्डाें में जांच कराई गई है
कुछ वार्ड जहां अचानक से बीपीएल राशन कार्ड की संख्या बढ़ी थी, वहां जांच कराई गई है। वह ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि एक ही बीपीएल क्रमांक से हितग्राही के विवाहित पुत्रों के परिवारों का नया राशन कार्ड जारी हुआ था। अधिकांश कार्ड काफी पुराने हैं।
ज्योत्सना टोप्पो, सीएमओ, नगरपालिका

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