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कलेक्टर को सौंंपा ज्ञापन:30 दिसंबर तक पूर्ण शराबबंदी की मांग

पलारी2 महीने पहले
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कलेक्टर को ज्ञापन सौंपतीं संस्था की पदाधिकारी । - Money Bhaskar
कलेक्टर को ज्ञापन सौंपतीं संस्था की पदाधिकारी ।

शनिवार को मातृशक्ति नाम संस्था ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंंपकर कहा कि प्रदेश में 30 दिसंबर तक तक पूर्ण शराबबंदी करें, छत्तीसगढ़ में शराब के कारण महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही हैं,बच्चों के साथ बलात्कार जैसी घटनाएं भी बढ़ गई हैं। ज्ञापन में कहा गया कि नशे में धुत होकर मां बाप के साथ मार पिटाई नशे में दुर्घटनाओं का होना, सामाजिक एवं आर्थिक क्षति शराब के कारण 90% परसेंट अपराध का होना, शराब के कारण ही हो रहा है। श्रमिक वर्ग की महिलाएं भी धीरे-धीरे नशे की शिकार होती जा रही हैं।

मातृशक्ति ने सीएम से निवेदन किया कि छत्तीसगढ़ के विकास के लिए शराब को राजस्व का स्रोत न बनाए जाए और ना ही अबोध मानव के शरीर का दोहन कर आय का साधन ना बनाया जाए। ज्ञापन में कहा गया है कि विधवा महिला / परित्यक्ता/वृद्धा पेंशन से गरीबी रेखा की सर्वे सूची की बाध्यता हटाई जाए।

गांव शहर आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद गरीबी रेखा सर्वे सूची में नाम न होने के कारण पेंशन नहीं मिलती और गरीब वर्ग सरकार की पेंशन योजना से वंचित रह जाता है जबकि उच्च पद पर बैठे नेता तथा सरकारी कर्मचारी को आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद भी उन्हें पेंशन की सुविधा दी जाती है। उनके लिए सर्वे सूची की बाध्यता नहीं होती ।

ज्ञापन देने वालों में संस्था की संयोजिका लक्ष्मी साहू, वंदना टांडेकर, जिला प्रमुख मंजू साहू, मिथलेश साहू, निर्मला रजक, सुरजा चेलक, शीला शुक्ला, साधना पवार, ब्रिज वर्मा, लता साहू, हिमेश्वरी पटेल, सृष्टि साहू आदि शामिल थीं।

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