पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

मनमानी:संगम में रेत खनन, लक्ष्मण झूले व मंदिर के फाउंडेशन को खतरा

राजिम2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
त्रिवेणी संगम नदी में कुलेश्वर मंदिर के पास धड़ल्ले से रेत खनन। - Money Bhaskar
त्रिवेणी संगम नदी में कुलेश्वर मंदिर के पास धड़ल्ले से रेत खनन।

त्रिवेणी संगम में कुलेश्वर महादेव मंदिर एवं लोमश ऋषि आश्रम तथा लक्ष्मण झूला के आसपास माफिया के लोग रेत की अवैध खुदाई कर दर्जनों ट्रैक्टरों से ढुलाई कर रहे हैं। इस रेत को माफिया के लोग मनमानी दर पर जरूरतमंदों को बेच रहे हैं। खुदाई रात और दिन में भी खुलेआमकी जा रही है।

इससे कुलेश्वर महादेव मंदिर सहित कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं जिससे मंदिर, 34 करोड़ की लागत से बने लक्ष्मण झूला के फाउंडेशन और लोमश ऋषि आश्रम को खतरा बढ़ गया है। इन स्थानों के बाढ़ के पानी में डूबने का खतरा मंडरा रहा है । साथ ही बड़े-बड़े गड्ढे होने से मंदिर का फाउंडेशन भी कमजोर होगा।

पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने इस खनन पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने को कहा है। मामले में माइनिंग इंस्पेक्टर फागूलाल नागेश का कहना है कि इसकी जानकारी मुझे नहीं है। हालांकि लोगों ने शिकायत की है, देखते हैं क्या किया जा सकता है ।

मंदिर के पुजारी राजूसिंह ठाकुर ने बताया कि मंदिर के आसपास रेत खनन के गड्ढों के चलते मंदिर के अस्तित्व को खतरा बढ़ गया है। यदि इस पर फौरन प्रतिबंध नहीं लगाया गया तो बाढ़ का पानी शहर में तो घुसेगा ही, साथ ही मंदिर को भी नुकसान पहुंचेगा।

शासन ने 15 जून से 15 अक्टूबर तक वर्षाकाल में रेत खनन पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया है, बावजूद इसके खनन माफिया बाज नहीं आ रहा है। इसे रोकने का सबसे बड़ा दायित्व खनिज विभाग का है पर उसकी आंखों पर पट्टी बंधी है। उनके अधिकारियों का कहना है कि खनन धमतरी और रायपुर जिले की सीमा में किया जा रहा है।

खबरें और भी हैं...