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सतर्कता जरूरी है:जिले के 60 हजार में से 10 हजार को ही बूस्टर डोज

राजिम2 महीने पहले
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एक साल की राहत के बाद वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण छत्तीसगढ़ सहित आसपास के जिलों में अपना पैर पसारने लगा है। लेकिन लोगों ने बेफिक्र होकर सामाजिक दूरी, मास्क और सेनेटाइजर को कूड़ेदान में डाल भुला दिया है। और तो और लोग कोरोना रोधी टीका लगवाने में रुचि नहीं ले रहे हैं। कोई पहली डोज नहीं लगवाया तो कोई दूसरी डोज भूल गया। हाल यह है कि लोग न तो टीका लगवाने आ रहे हैं और न टेस्ट करवाने। यहां 60 प्लास के 60 हजार लोगों को बूस्टर डोज लगनी है लेकिन अभी तक सिर्फ 10 हजार को ही लग पाई है।

पर्याप्त किट, लेकिन टेस्ट नहीं करवा रहे: अंचल में बरसात लगते ही सर्दी खांसी और बुखार की शिकायत शहर से लेकर गांव में मिल रही है। लेकिन लोग सामान्य दवाई खा रहे हैं। लेकिन टेस्ट नहीं करवा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि गरियाबंद जिले के सभी अस्पतालों जिनमें राजिम, फिंगेश्वर, कोपरा,छुरा,गरियाबंद, मैनपुर, देवभोग, मैं वैक्सीन तथा कोरोना किट पर्याप्त है । लैब टेक्नीशियन लोगों के आने का इंतजार करते हैं।

जिला चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर नेतराम नवरत्न का कहना है कि जिले में प्रतिदिन सौ से ज्यादा लोगों का टेस्ट हो रहा है। लेकिन पहले की तरह लोग टेस्ट कराने रुचि नहीं ले रहे हैं। सामान्य दवाई खा रहे हैं। सभी अस्पतालों में टीका पर्याप्त मात्रा में रखा हुआ है। लोग टीका लगाने भी नहीं आ रहे हैं। 60 हजार में से मात्र 10 हजार लोग ही बूस्टर डोज लगवाए हैं।

स्थिति सामान्य लेकिन सतर्कता जरूरी है

डॉ नवरत्न ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि हालांकि गरियाबंद जिले में स्थिति अभी सामान्य है ।लेकिन आने वाले महीने में लोगों को पूरी तरह सतर्क रहना पड़ेगा। कोरोना गाइडलाइन का पालन करना होगा। साथ ही नियमतः फर्स्ट डोज वाले निर्धारित समय के बाद दूसरी डोज भी लगवा लेवें ।60 प्लस बुजुर्गों से भी अपील है कि वे भी तीसरा डोज बूस्टर डोज को लगवा लें।

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