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भू-माफिया के खिलाफ हौसले की कहानी:शहरी क्षेत्र में शामिल हुआ गांव तो अवैध कब्जा होने लगा, सरकारी जमीन बचाने 400 महिलाओं ने डेढ़ एकड़ में खोद दिया तालाब

बिलासपुर2 महीने पहले
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भू-माफियाओं से सरकारी जमीन बचाने के लिए लोखंडी गांव की 400 महिलाओं ने उस पर तालाब बना दिया।

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर से लगे ग्राम लोखंडी में 400 महिलाओं ने श्रमदान कर डेढ़ एकड़ जमीन पर तालाब का निर्माण किया है। खास बात यह है कि महिलाओं ने सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से बचाने के लिए ऐसा किया है। शहरी क्षेत्र में शामिल होने के बाद से ही गांव की जमीनों पर भू-माफिया की नजर लगी हुई है। अब इस तालाब के निर्माण से गांव के लोगों को निस्तारित के लिए पानी की सुविधा उपलब्ध हो रही है। वहीं दूसरी तरफ गांव के जलस्तर में भी बढ़ोतरी होने का भी महिलाओं को भरोसा है।

दिन-रात की कड़ी मेहनत के बाद तैयार हुआ तालाब
दिन-रात की कड़ी मेहनत के बाद तैयार हुआ तालाब

गांव की स्वमं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने बताया कि लोखंडी ग्राम अब शहरी क्षेत्र में शामिल हो गया है, जिसके कारण यहां जमीन की कीमतों में अचानक उछाल आ गया है। आसपास दर्जनों कॉलोनियों का निर्माण क्षेत्र में लगातार हो रहा है। इसी वजह से भू-माफिया और शासकीय जमीन पर अवैध कब्जे शुरू हो गए हैं। इसका स्वमं सहायता समूह ने कई बार विरोध भी किया, लेकिन जब अवैध कब्जा करने वालों पर कोई असर नहीं हुआ तब 400 महिलाओं महिला ने खुद ही कब्जा हटाने की ठानी और करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर तालाब निर्माण कर दिया।

30 दिन की मेहनत के बाद तालाब ने लिया आकार
तालाब निर्माण के लिए सुबह से ही फावड़ा, गैती और कुल्हाड़ी लेकर महिलाएं सरकारी जमीन के पास पहुंच जाती थी और खुदाई शुरू कर दी जाती थी। करीब 30 दिनों की कड़ी मेहनत के बाद तालाब ने अपना मूर्त रूप लेना शुरू कर दिया। फिलहाल तालाब बनकर अब लगभग तैयार हो चुका है। महिलाओं को भरोसा है कि आने वाले समय में क्षेत्र के जल स्तर सुधरेगा। साथ ही गर्मी के मौसम में होने वाली पानी की किल्लत से भी कुछ हद तक निजात मिलेगी।

स्वमं सहायता समूह की महिलाओं ने बताया कि गांव में लगभग 7 तालाब है, लेकिन पानी के कम भराव के कारण लोगों को निस्तारित की समस्या का सामना करना पड़ता था। पशु पक्षियों को भी पीने के पानी के लिए संघर्ष करना पड़ता था। इसके साथ ही शादी ब्याह, दशगात्र आदि में भी लोगों को समस्या से जूझना पड़ा था। इन सब बातों का ध्यान रखते हुए हमारे द्वारा शासकीय खाली पड़ी जमीन पर तालाब का निर्माण कराया गया है।

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