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कोरोना से गरीबी अनलॉक:बढ़े गरीब, 14 माह में 20 हजार ने बनवाए बीपीएल कार्ड

बिलासपुर2 महीने पहलेलेखक: सुनील शर्मा
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  • अप्रैल से जुलाई के बीच बने 5187 कार्ड, जल्द ही छुएगा 4 लाख का आंकड़ा

जिले में कोरोना ने बीपीएल परिवारों की संख्या अचानक बढ़ा दी है। गरीबी रेखा के राशनकार्ड बनवाने होड़ मची है। 14 माह में जिले के 20 हजार परिवारों ने बीपीएल राशनकार्ड बनवाए हैं जबकि आवेदनों की संख्या लगभग डेढ़ गुनी है। मई 2020 में जिले में बीपीएल राशनकार्डों की संख्या 3,76,219 थी जो अब बढ़कर 3,96,072 हो गई है। इधर इसी साल के अप्रैल से जुलाई तक यानी महज चार माह में 5187 नए बीपीएल कार्ड बनाए गए। इतना ही नहीं इसी बीच 10 हजार 455 लोगों ने पुराने कार्डों में अपने नाम जुड़वाए और लाभ लेने लगे। बीपीएल कार्डों की पड़ताल में भास्कर ने पाया कि महज 24 घंटे में ही 1391 बीपीएल कार्ड बना दिए गए। यह भी तय है कि यदि ऐसे ही बीपीएल कार्डों की संख्या बढ़ती गई तो वह दिन दूर नहीं जब संख्या 4 लाख को पार हो जाएगी।

जानिए...बीपीएल कार्डों की संख्या बढ़ने के तीन कारण

1.रातोंरात बढ़ रही राशनकार्डों की संख्या
खाद्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक 28 जुलाई को जिले में 4 लाख 66 हजार 331 थे। जिसमें 394681 बीपीएल तो 71650 एपीएल कार्ड थे। 29 जुलाई को जब खाद्य विभाग की वेबसाइट खंगाली गई तो पता चला कि 396072 बीपीएल तो 71940 एपीएल कार्ड हैं। कुल 468012 कार्ड हैं। यानी 24 घंटे में ही 1681 कार्ड बढ़ गए। इसमें 1391 बीपीएल कार्ड हैं।

2.कोरोना में बिखरे परिवारों ने बनवाए
कोरोना महामारी के कारण कई लोगों के परिवार बिखर गए। जहां मुखिया की मौत हो गई वहीं परिवार के सदस्यों के बीच भी आपसी संबंधों में कड़ुवाहट आई। संयुक्त परिवार होने की वजह से एक राशनकार्ड थे लेकिन जब परिवार अलग हुए तो लोगों ने खाद्य सुरक्षा की दृष्टि से अलग कार्ड बनवाने को गंभीरता से लिया। यहीं वजह है कि आवेदन भी ज्यादा आए और कार्ड बने भी ज्यादा।

3.गरीब कल्याण अन्न योजना
केंद्र सरकार ने मार्च 2020 में गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 5 किलो मुफ्त खाद्यान्न देने की शुरुआत की। इस साल भी जब कोरोना फैला तो मई और जून में फ्री राशन दिया गया। इसके बाद इसे पांच माह के लिए बढ़ा दिया गया। राशनकार्डों की संख्या बढ़ने की एक वजह ये योजना भी बताई जा रही है। लोग पंचायतों व पार्षदों के पास रोज ही आवेदन लेकर पहुंच रहे हैं।

आयुष्मान कार्ड से इलाज भी वजह
आयुष्मान कार्ड में इलाज के लिए जो दस्तावेज मांगे जाते हैं उसमें राशनकार्ड भी शामिल है। आयुष्मान में 5 लाख तक का इलाज मुफ्त में होता है। यहीं कारण है कि बीपीएल के साथ ही लोग एपीएल कार्ड बनवाने के लिए सामने आने लगे हैं। भले ही लोग उचित मूल्य दुकान से राशन न लें। लेकिन कार्ड बनवाकर रख रहे हैं ताकि काम आए। इस कारण राशन कार्डों की संख्या बढ़ रही है।

इस वजह से भी बढ़े कार्ड, जानिए सच

एपीएल बन गए बीपीएल
शहरी क्षेत्र में लोग एपीएल से नाम कटवाकर बीपीएल कार्ड बनवा रहे हैं। इसका मुख्य कारण आसानी से श्रमिक पंजीयन कार्ड बनना है। अधिकारी बताते हैं कि लोग पहले कार्ड निरस्त करने के लिए आवेदन देते हैं। इसके दो महीने बाद बीपीएल कार्ड के लिए आवेदन करते हैं। दस्तावेज होने पर ऐसे लोगों के कार्ड बन जाते हैं। नगर निगम बिलासपुर में पिछले 14 माह में 3755 एपीएल कार्ड बने।

एपीएल की तुलना में साढ़े पांच गुना बढ़े
जिले में अभी 71940 एपीएल कार्ड है। एक साल पहले इसकी संख्या 68185 थी। यानी 3755 नए एपीएल कार्ड बने। यानी एपीएल की तुलना में बीपीएल कार्ड की संख्या 14 माह में पांच गुना से ज्यादा बढ़ गई। इधर नए बीपीएल राशनकार्ड बनवाने के साथ ही पहले से बने राशनकार्डों में नए सदस्यों के नाम जुड़वाने का खेल भी चल रहा है। अप्रैल से जुलाई के बीच जिले में जहां 10455 नए सदस्य जोड़े गए।

16 माह में 4283 टन बढ़ी खपत
16 माह पहले यानी मार्च 2020 में जिले में 141868.07 क्विंटल चावल का वितरण किया गया। वहीं जून 2021 में 180726.27 वितरण किया गया। 16 माह में 38858 क्विंटल यानी 4283.3 टन चावल की खपत बढ़ गई। क्योंकि हर माह राशनकार्डों की संख्या बढ़ रही है। नमक, शक्कर और चने की खपत भी बढ़ गई।

15 माह में खप गया 278304 टन
जिले में 467535 राशनकार्ड में शासकीय उचित मूल्य की दुकानों से चावल मिलता है। साथ ही मध्याह्न भोजन, छात्रावास, कल्याणकारी संस्थाओं, पूरक पोषण आहार आदि को मिलाकर अप्रैल 2020 से लेकर जून तक 2021 के बीच 278304 टन चावल जिले में दिया गया।

सीधी बात; एच. मसीह, खाद्य नियंत्रक
जांच के बाद ही बनते हैं

बीपीएल राशन कार्डों की संख्या में लगातार वृद्धि क्यों हो रही है?
-कारण तो मुझे भी नहीं पता लेकिन हम किसी को राशन कार्ड बनवाने से नहीं रोक सकते।

ग्रामीण ही नहीं शहरी क्षेत्र में भी बीपीएल कार्ड की संख्या बढ़ी है, क्यों?
-जो भी परिवार पात्रता रखता है, उसके दस्तावेजों में यदि गलती नहीं है तो बीपीएल या एपीएल कार्ड जारी करते हैं। पूरी जांच के बाद हम किसी को राशनकार्ड बनाने से नहीं राेक सकते।

ऐसे में तो जल्द ही चार लाख बीपीएल कार्ड हो जाएंगे?
- आवेदन सही मिले तो संख्या बढ़ने से इनकार नहीं किया जा सकता।

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