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बच्चे की मौत में लापरवाही का आरोप:एसएनसीयू वार्ड में नवजात की मौत, मां का आरोप- वॉर्मर लैंप से चेहरा झुलसा, सीएस- आरोप गलत है

बैकुंठपुर5 महीने पहले
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कोरिया जिला अस्पताल में शनिवार रात एसएनसीयू वार्ड में नवजात बच्चे की मौत हो गई। बच्चे के चेहरे पर जलने जैसा निशान देखा गया। परिजन ने आरोप लगाया कि वाॅर्मर का लैंप गिरने से बच्चे की मौत हो गई है। इसी वजह से चेहरा झुलस गया है, जबकि डॉक्टर कह रहे हैं कि चेहरे पर प्रसव के निशान हैं, बच्चा प्री-मैच्यूर था।

बता दें कि मनसुख की प्रसूता राजकुमारी नेताम का प्रसव 14 जनवरी सुबह बैकुंठपुर के पीएचसी मनसुख में हुआ था। प्रसव समय से पहले 32 सप्ताह में हुआ था। इस वजह से शिशु का वजन 1.4 किलोग्राम था। बच्चे की हालत को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने उसे जिला अस्पताल रेफर किया था। एम्बुलेंस देर से आने के कारण परिजन दाेपहर में नवजात को लेकर अस्पताल पहुंचे थे। यहां बच्चे की हालत काफी नाजुक बनी हुई थी।

डॉक्टर बता रहे हैं कि बच्चे का शरीर पहले से ही नीला था, लेकिन परिजन बच्चे की मौत में लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। नवजात की मां राजकुमारी का कहना है कि सिंकाई लैंप से जलने के कारण बच्चे की मौत हुई है। उसके चेहरे पर पहले जलने जैसा निशान नहीं था। हालांकि डॉक्टर मामले में अलग सफाई दे रहे हैं। डॉक्टर मामले में सफाई दे रहे है कि बच्चे के चेहरे पर सूजन और निशान प्रसव के दौरान आया हैं। इसकी बड़ी वजह यह कि बच्चे का जन्म मुंह की ओर से हुआ है, ऐसे कई केस में होता है, मुंह और चेहरे का सूजन दो से तीन दिन में ठीक हो जाता है।

प्री-मैच्योर होने से मौत नाक से आ रहा था खून
शिशु रोग विशेषज्ञ व एसएनसीयू के प्रभारी डॉ. योगेश्वर सराटिया ने बताया बेबी को 14 जनवरी दोपहर में एसएनसीयू में लाया, उसकी हालत काफी नाजुक थी। शरीर नीला पड़ा हुआ था। बेबी के नाक से खून भी आ रहा था। शरीर ठंडा होने से उसे एसएनसीयू के वार्मर पर रखा था।

प्री टर्म बेबी थी, चेहरे पर प्रसव के निशान: गुप्ता
सिविल सर्जन डॉ. एसके गुप्ता ने कहा राजकुमारी की बच्ची प्री-टर्म थी। 32 सप्ताह में उसका प्रसव मनसुख पीएचसी में हुआ था। शिशु का वजन 1.4 किलो था, बच्चे के चेहरे पर प्रसव के निशान के कारण सूजन हैं। एसएनसीयू पर लगाए गए आरोपी गलत व बेबुनियाद हैं।

डॉक्टर दे रहे सफाई
डॉ. योगेश्वर सराटिया और डॉ. एसके गुप्ता ने कहा कि लैंप गिरने से मौत नहीं हुई है। उसके चेहरे पर प्रसव के निशान थे, क्योंकि उसी वाॅर्मर में एक और बच्चा भी था, वह सुरक्षित है। जिस वाॅर्मर व फोटोथैरेपी मशीन पर बेबी को रखा था, वह सही तरीके से कार्य कर रहा है। घटना के बाद सीएमएचओ डॉ. रामेश्वर शर्मा ने स्थिति की जांच की।

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