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  • Only 1.32 Lakhs Are Treated In 3 Years, 8.95 Lakhs Are Cardholders; Only 35 Ayushman Friends For Cooperation In Treatment, They Also Work As Computer Operator

लापरवाही ऐसी भी:3 साल में सिर्फ 1.32 लाख का उपचार, 8.95 लाख कार्डधारी हैं; इलाज में सहयोग के लिए सिर्फ 35 आयुष्मान मित्र, उनसे भी कम्प्यूटर ऑपरेटर का काम

भिलाईएक महीने पहले
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  • नियमत: तय 84 अस्पतालों में आयुष्मान मित्र रखे जाने, लेकिन हैं सिर्फ 35 रखे गए

गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वालों को 5 लाख व मध्यम वर्गीय परिवार के लिए 50 हजार रुपए तक सालाना तक का मुफ्त इलाज दिया जाना है। जिले में इस डॉ. खूबचंद बघेल आयुष्मान भारत योजना का बुरा हाल है। इसमें बड़ी लापरवाही सामने आई है। स्वास्थ्य सुविधा दिलाने वाले आयुष्मान मित्र ही नहीं रखे गए हैं।

84 इन-पैनल (सरकारी व निजी) अस्पतालों के हिसाब से प्रत्येक में एक यानी कि 84 आयुष्मान मित्र होने चाहिए, लेकिन 35 ही रखे गए हैं। इसमें 20 आयुष्मान मित्र, इन पैनल 44 निजी अस्पतालों और 15 सरकारी अस्पतालों में सेवाएं दे रहे हैं। इन पैनल अस्पताल संचालकों से बात करने पर इसका खुलासा हुआ है। स्टील सिटी अस्पताल आदर्श नगर के संचालक ने बताया कि उनके यहां केस आया तो सीएमएचओ कार्यालय से आयुष्मान मित्र बुलाए लिए गए। भारती अस्पताल पुलगांव और जीवन दायिनी अस्पताल जामुल की ओर से बताया गया कि कोविड के समय उनके यहां आयुष्मान मित्र उपलब्ध कराया गया था, वर्तमान में नहीं है। 3 साल में जिले के 1.32 लाख लोग ही खूबचंद बघेल योजना में 5 लाख और 500 हजार के मुफ्त उपचार का लाभ ले पाएं हैं। जबकि 8.95 लाख कार्डधारी हैं।

आयुष्मान मित्रों को अहम जिम्मेदारी, ताकि मरीज परेशान न हो

आयुष्मान मित्र के लिए तय की गई है एजेंसी
डॉ. खूबचंद बघेल योजना में आयुष्मान मित्र देने के लिए विडाल नाम की कंपनी ने टेंडर लिया है। टेंडर की अनुसार आयुष्मान मित्र जरूरी है। लेकिन दुर्ग में 50 प्रतिशत अस्पतालों में ही उपलब्ध कराया गया है। बाकी में नहीं हैं।

जानिए आयुष्मान मित्र क्या, उसका काम क्या
आयुष्मान मित्र का काम इन पैनल अस्पतालों में भर्ती होने वाले हर मरीज का केवाईसी करना है। ताकि उसके पास आयुष्मान कार्ड हो तो कैशलेस उपचार हो सके। योजना पात्रों को अस्पताल में आयुष्मान मित्र ही इलाज की सुविधा दिलाता है।

इनमें अलावा आयुष्मान मित्र डेटा कलेक्ट करेगा
भर्ती होने वाले मरीजों का डाटा चेक करने के अलावा आयुष्मान मित्र का काम, पात्रों को आयुष्मान कार्ड जारी करना भी है। ज्यादा से ज्यादा लोगों के आयुष्मान कार्ड बन जाए। यह कार्य भी वह करेगा।

इधर, 23 सितंबर काे आयुष्मान भारत दिवस की तैयारी, मुहिम चलाई जा रही
आयुष्मान योजना के लाभ के लिए मूल इंतजाम करने की बजाय भले लापरवाही बरती जा रही हाे, 23 सितंबर काे स्वास्थ्य विभाग आयुष्मान भारत दिवस मनाने में जुट गया है। इसके तहत संचालनालय से निर्देश मिले हैं। योजना के प्रचार प्रसार के लिए सभी निगमों के आयुक्तों के साथ ही खंड चिकित्सा अधिकारियों को लगाया गया है। कागज में ही आयोजन न हो, इसके लिए गतिविधियों की वीडियो रिकार्डिंग भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इस मुहिम के तहत नए कार्डधारियों के नाम जोड़े जाने हैं। उनका कार्ड बनाया जाना है। इसके अलावा जागरूक भी किया जाना है।

मेरे पास कोई शिकायत नहीं, पता करता हूं कि ऐसा क्यों
डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना, सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इसमें जिले के सभी 40 सरकारी और 44 निजी अस्पताल इन पैनल किए गए हैं। मेरे पास सभी अस्पतालों में आयुष्मान मित्र नहीं होने की शिकायत नहीं मिली हैं। इसका पता लगाता हूं कि ऐसा क्यों है।
-डॉ. गंभीर सिंह, सीएमएचओ दुर्ग

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