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कोर्ट का आदेश:नहीं हुआ दुष्कर्म, महिला पर दर्ज होगी एफआईआर; महिला ने पुलिस और कोर्ट को किया गुमराह

भिलाई2 महीने पहले
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  • सुनवाई के दौरान कहा नहीं हुआ दुष्कर्म

दुर्ग कोर्ट के न्यायाधीश शैलेश कुमार तिवारी की कोर्ट गुरुवार को एक फैसला आया। इसमें कोर्ट ने दुष्कर्म की शिकायत करने वाली महिला के खिलाफ ही झूठी रिपोर्ट करने पर एसपी को कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया। पुलिस को कोर्ट ने कहा कि महिला पर झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने के कारण धारा 182 के तहत जांच के बाद केस दर्ज किया जाए।

कोर्ट ने मामले में आरोपी बनाए गए नीलमणि साहू पर लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया। केस दर्ज होने के बाद आरोपी को वैधानिक तौर पर लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा। लोक अभियोजक महेंद्र सिंह राजपूत के मुताबिक घटना पाटन थाना क्षेत्र की है। महिला ने 25 अगस्त 2020 को आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराया था।

महिला के बयान के आधार पर धारा 376, 450 और एसटीएससी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। महिला ने पुलिस को बताया था कि वर्ष 2008 में उसकी शादी हुई थी। वह अपने तीन बच्चों और पति के साथ रहती थी। 25 दिसंबर 2019 को पति की सड़क हादसे में मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने उससे संपर्क किया। प्रेम का इजहार करके आरोपी ने उससे शादी करने का झांसा दिया। इसके बाद वह उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने लगा।

कोर्ट में दुष्कर्म के लगाए गए आरोप से मुकरी महिला
जानकारी के मुताबिक इस पूरे मामले में महिला ने प्राथमिक तौर पर जो आरोप लगाए थे, उन आरोपों को उसने कोर्ट से सामने सिरे से नकार दिया। उसने कहा था कि ससुराल वालों के दबाव में उसने केस दर्ज कराया था। लेकिन बाद में उसने कहा कि उसके साथ इस तरह की कोई घटना ही नहीं हुई। इसके बाद यह पूरा मामला ही पलट गया। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया कि वह पूरे मामले की जांच कराए। और महिला पर अपराध दर्ज कराए।

पुलिस जांच के बाद दर्ज करेगी महिला पर अपराध
पुलिस ने बताया कि थाना स्तर पर अगर केस झूठा पाया जाता है तो पुलिस कोर्ट से अनुमति लेकर कार्रवाई करती है। कोर्ट के निर्देश के बाद झूठा केस दर्ज कराने वाले के खिलाफ कार्रवाई होती है। लेकिन उक्त फैसले मेंं कोर्ट ने एसपी को सीधे पत्र लिखकर झूठी रिपोर्ट और गवाही देने वालों के खिलाफ केस दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस अब महिला के खिलाफ जांच करेगी। जिसके बाद महिला के खिलाफ झूठी रिपोर्ट और गवाही देने पर केस दर्ज करेगी।

महिला ने विधि प्रक्रिया का उठाया फायदा
मामले में न सिर्फ पीड़िता बल्कि उसके रिश्तेदारों ने भी परीक्षण के दौरान बताया कि आरोपी ने पीड़िता के साथ कोई आपराधिक कृत्य नहीं किया है। इससे पता चला कि पीड़िता ने जानबूझकर आरोपी के खिलाफ झूठी रिपोर्ट लिखवाई। असत्य आधारों पर केस दर्ज कराया। विधि की प्रक्रिया का दुरुपयोग किया। इस वजह से उसके खिलाफ केस दर्ज किया जाना चाहिए। कोर्ट ने आदेश किया है कि फैसले की कॉपी एसपी को भेजी जाए। रिपोर्ट लिखवाने वाले के खिलाफ़ कार्रवाई की जा सके।

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