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संकटकाल में जारी रखा अपना रिसर्च:कोरोनाकाल के 21 महीने में ट्विनसिटी के 28 प्राध्यापकों ने 28 पेटेंट कराए, बारिश, कर्मियों के काम और भोजन को सुरक्षित रखने पर रिसर्च

भिलाईएक महीने पहले
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  • डीयू और कामधेनु समेत बीआईटी, संतोष रूंगटा भिलाई, एसएसआईपीएमटी रायपुर और भिलाई के प्राध्यापकों ने की खोज और कराया 28 पेटेंट

कोरोनाकाल में ट्विनसिटी के शैक्षणिक संस्थानों के प्राध्यापकों ने कई बड़े रिसर्च किए हैं। इनका उन्होंने पेटेंट भी कराया है। कोविड के 21 महीने में प्राध्यापकों ने 28 पेटेंट कराए हैं। कोविड से पहले 14 पेटेंट कराए थे। इस तरह खाली समय का भरपूर उपयोग किया गया है।

किए गए इनोवेशन के अनुसार आप एक डिवाइस की सहायता से जान सकते हैं कि कब और किस स्थान कितना पानी गिरेगा। इसके अलावा कर्मचारियों के काम का भी आंकलन कर सकते हैं। साथ ही भोजन को लंबे समय तक सुरक्षित रखने, खराब पानी को आर्गेनिक तरीके से शुद्ध करने समेत अन्य कार्य किए जा सकते हैं। कोरोना काल में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, संतोष रूंगटा कॉलेज आर-1, श्रीशंकराचार्य इंजीनियरिंग कॉलेज रायपुर और भिलाई के प्राध्यापकों ने कोरोना के दौरान मिले समय का भरपूर उपयोग नई खोज में किया है।

इनमें कराया गया पेटेंट, जानिए
1. रोटेशनल लैपटॉप बेस्ड स्टैंड विद स्क्रीन : इसमें प्रोजेक्टर की जरूरत नहीं पड़ेगी। 360 डिग्री में स्क्रीन को मोड़कर स्पीकर और ऑडियंस दोनों प्रजेंटेशन को आसानी से देख सकेंगे।
2. आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस बेस्ड टंग कंट्रोल व्हील चेयर पैरालाइज पेशेंट : इसकी सहायता से लकवा से पीड़ित मरीज जीभ में लगे डिवाइस की सहायता से अपनी कुर्सी खसका सकेंगे।
3. स्मार्ट डिवाइस फॉर रिमोट पेशेंट मॉनिटरिंग यूजिंग आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस : इससे सीनियर सिटीजन का ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन लेबल, हार्ट बीच आदि की एक साथ जांच कर सकेंगे।

जिले की प्रमुख शैक्षणिक संस्थाएं व विश्वविद्यालय जिन्होंने कोरोनाकाल में जारी रखा अपना रिसर्च

एसएसआईपीएमटी, रायपुर में 9 चीजों के पेटेंट कराए
श्रीशंकराचार्य इंजीनियरिंग कॉलेज रायपुर में कोविड-19 के दौरान 9 पेटेंट कराए गए। इसमें कंप्यूटर साइंस से संबंधित बहुत सारी चीजें हैं। इसमें अधिकांश चीजें बीमार व्यक्ति के इलाज और सहायता के लिए है। इसमें लकवा ग्रस्त, कोरोना प्रभावित, दिव्यांगों की सहायता समेत अन्य चीजें हैं।

रूंगटा कॉलेज आर-1 ने 14 विषयों में कराया पेटेंट
संतोष रूंगटा कॉलेज आर-1 में कोविड के पहले 15 और कोविड के बाद अभी तक 14 पेटेंट आइडिया का पेटेंट कराया जा चुका है। पेटेंट कराए गए आइडिया में पर्यावरण की सुरक्षा, खाने को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए पैकेजिंग, इलेक्ट्रोस्टैटिक तरीके से बीज का अंकुरण शामिल है।

बीआईटी ने किया यूरेनियम रिमूवल और मौसम पर काम
भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने अभी तक चार पेटेंट कराए हैं। इसमें दो इंडियन पेटेंट बोर्ड में हैं और दो आस्ट्रेलियन बोर्ड में। इसके तहत पानी में पाए जाने वाले यूरेनियम को पानी से हटाकर शुद्ध करने की तकनीक तो है ही, ऐसा डिवाइस भी बनाया है, जिससे मौसम की जानकारी मिल सके।

डीयू में भी तीन आइडिया के पेटेंट कराए गए, जानिए
डीयू में भी तीन आइडिया का पेटेंट कराया गया है। इसमें पैरा बैगनी किरणों की सहायता से नवजात शिशुओं को पीलिया रोग से बचाने की तकनीक है। इसके अलावा ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और लेंथेनियम जिर्कोनेट पर भी काम किया गया है। इन सारी चीजों का लाभ आने वाले दिनों में मिलेगा।

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