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बच्चों के बुखार को वायरल न समझें:क्योंकि कोरोना, डेंगू, मलेरिया सभी सक्रिय, देरी हुई तो खतरा; लापरवाही के चलते 1 बच्ची की जान चली गई

भिलाई2 महीने पहले
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एसआर अस्पताल पहुंचे तो फाल्सीपेरम मलेरिया की पहचान, बेहोशी के हाल में पहुंचा था बच्चा। - Money Bhaskar
एसआर अस्पताल पहुंचे तो फाल्सीपेरम मलेरिया की पहचान, बेहोशी के हाल में पहुंचा था बच्चा।
  • मलेरिया से सेक्टर-1 में एक चार वर्षीय बच्ची की हो चुकी है मौत
  • सलाह : जरा भी शंका हो तो फौरन अस्पताल जाएं और चिकित्सकों से करें संपर्क

वायरल बुखार का सीजन चल रहा है। घर-घर में लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। बच्चों के केस में हर बुखार को वायरल समझने की चूक से खतरा बढ़ रहा है। कई दिनों तक फाल्सीपेरम मलेरिया बुखार रहने के कारण सेक्टर-1 निवासी 4 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई।

इसकी जान बचाने के लिए पुलिस व सेक्टर-9 प्रशासन ने संयुक्त प्रयास कर कम समय में एम्स पहुंचा दिया था। फिर भी हालत में सुधार नहीं हुआ और मौत हो गई। इसी मलेरिया के चपेट में आने वाले 7 से ज्यादा मरीज ठीक भी हुए हैं। क्योंंकि इन्होंने स्वयं के बुखार को वायरल नहीं समझा, देरी न करते हुए कोरोना, डेंगू व मलेरिया की भी जांच कराई। समय रहते बीमारी की पहचान हो गई। इलाज हुआ और स्वस्थ हो गए। इसमें समय रहते बीमारी की जानकारी मिल गई,इससे इलाज करने में आसानी हुई। इसी तरह की सतर्कता जरूरी है।

वह दो केस बुखार के जानिए... जो लापरवाही के चलते बिगड़ गए

केस-1; अचेत होने पर पहुंचे अस्पताल, जांच में मलेरिया का प्रकरण निकला
मेरे 7 वर्षीय बेटे को 5 दिनों से बुखार आ रहा था। हम लोग वायरल समझ बिना जांच के पास के डॉक्टर से दवा ले रहे थे। इसी बीच 23 जुलाई को हमारा लाडला अचेत हो गया। स्थानीय अस्पताल भागे वहां से चिखली के एसआर अस्पताल भेजा गया। वहां जांच हुई तो जानलेवा मलेरिया निकला। शरीर में खून मात्रा सिर्फ तीन ग्राम ही बचा था। डॉक्टरों ने तत्काल इलाज शुरू किया। इससे हमार बेटा पूरी तरह ठीक हो गया।

केस-2; हम बुखार समझे, जांच में मलेरिया और पेशाब में इंफेक्शन मिला
मेरे 12 वर्षीय बेटे को सात दिनों से बुखार आ रहा था। बाजार के डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने तीन दिनों की दवा दी। इसी के साथ ही उसके यूरीन में जलन शुरू हो गई। हमारे आस-पास के लोग वायरल बता रहे थे, लेकिन बीएम शाह अस्पताल में पहुंचकर डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने गंभीर स्थिति बताया। जांच कराई तो मलेरिया, डेंगू सस्पेक्टेड और पेशाब में संक्रमण मिला। अब इलाज हो चुका है। हमारा बच्चा स्वस्थ्य हो गया है।

योग्य डॉक्टर के पास पहुंचे तो आसान इलाज : चाइल्ड स्पेशलिस्ट
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रूपेश अग्रवाल बताते हैं कि अभी वायरल का सीजन चल रहा है। इसके साथ ही कोरोना, डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड का भी दौर है। बुखार ही सभी का शुरूआती सिमटम होता है। ऐसे में परिजनों से चूक हो रही है। लोग जानलेवा मलेरिया, डेंगू और कोरोना को भी वायरल समझ ले रहे हैं। ऐसी स्थिति में बच्चों की तबीयत बिगड़ रही है। जबकि समय रहते योग्य डॉक्टर को दिखा लें तो किसी भी गंभीर स्थिति को टाला सकते हैं। इस तरह इन हालातों में नौनिहालों को सुरक्षित रखा जा सकेगा। इसके सतर्कता अनिवार्य है।

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