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बीएसपी:बीईएल और भेल के बाद सेल में भी प्री-मेच्योर रिटायरमेंट स्कीम लागू करने का दबाव, 14 की बैठक में होगा निर्णय

भिलाई8 महीने पहले
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  • सेल की लगभग सभी इकाई में इसे लागू करने की तैयारी, वीआरएस की अवधि समाप्त

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड व भेल और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) में प्री-मेच्योर रिटायरमेंट स्कीम लागू होने के बाद बीएसपी सहित सेल की विभिन्न इकाइयों में भी इसे लागू करने की दबाव बढ़ गया है। ऐसे में कंपनी के अधिकारी कर्मचारियों की नजर 14 सितंबर को होने वाली सेल बोर्ड की बैठक पर है, जिसमें केंद्र के प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है। महीने भर पहले वीआरएस की अवधि समाप्त हुई। जिसमें बीएसपी कार्मिकों को वीआर देने में सफल रहा। केंद्र की संस्थाओं में प्रीमेच्योर रिटायरमेंट के लिए गाइडलाइन जारी कर दी। बैंक व अन्य के बाद सेल पर दबाव है।

सर्विस 30 साल या 50 से अधिक उम्र वाले टार्गेट
केंद्र ने प्री-मेच्योर रिटायरमेंट की स्कीम में जिन कैटेगरी के कर्मचारियों को टारगेट में लेने कहा है, उनमें जिनकी सर्विस 30 साल या उससे अधिक हो चुकी है, इसके अलावा 50 वर्ष से अधिक आयु वाले कर्मी शामिल किए गए हैं। गाइड लाइन के मुताबिक प्रबंधन इन केटेगरी के कर्मियों के पिछले 2 से 3 साल के परफारमेंस रिकॉर्ड खंगाला जाएगा।

3 महीने की सैलरी के साथ रिटायरमेंट की तैयारी
प्रीमेच्योर रिटायरमेंट स्कीम में खराब परफारमेंस वाले कर्मचारियों को ही लिया जाएगा।.इसमें कर्मचारियों की इच्छा नहीं पूछी जाएगी। प्रबंधन ने 3 महीने की सैलरी का भुगतान कर रिटायरमेंट दे सकता है। हालांकि प्रीमेच्योर रिटायरमेंट स्कीम पुरानी है इसे केंद्र की मंशा अनुरूप सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां समय-समय पर लागू करती रही है।

बैंकों में नौकरी बचाने टेस्ट में 60 फीसदी अंक जरूरी
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में कर्मचारियों को प्रीमेच्योर रिटायरमेंट देने के पहले उनके पूर्व के वर्षों के परफारमेंस को चेक किया जाएगा। यानी परफारमेंस सर्विस में रहने या नहीं रहने का आधार होगा। वहीं बैंकों में कर्मचारियों का लिखित टेस्ट लिया जाएगा। इसमें 60% से अधिक अंक पाने वाले कर्मचारी की नौकरी बच सकेगी, बाकी को रिटायरमेंट दे दिया जाएगा।

सेल का स्टील सबसे महंगा, 70 हजार कर्मी हैं सेल में सबसे अधिक कार्मिक कार्यरत हैं। यहां 70 हजार कार्मिक हैं। इस वजह से अन्य निजी कंपनियों के मुकाबले सेल में स्टील का उत्पादन लागत अधिक है। सेल में स्टील का प्रॉडक्शन कास्ट 40158 रुपए प्रति टन है। वहीं जिंदल का उत्पादन लागत 29903 रुपए और टाटा में प्रति टन उत्पादन लागत 36812 रुपए है। 850 करोड़ वेतन बांटा जाता है।

50 हजार करोड़ का कर्ज, मंदी की चपेट में बाजार स्टील मार्केट मंदी की चपेट में होने की वजह से कंपनी पहले ही पचास हजार करोड़ से अधिक के कर्ज में हैं उस पर देश कोविड-19 की चपेट में आ जाने से फिल्म के उत्पाद का मार्केट भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रेलपांत जैसे कुछ एक्सक्लूसिव प्रोडक्ट के भरोसे ही कंपनी हर बार की तरह इस बार भी टिकी हुई है। कर्ज एक्सपॉशन प्रोजेक्ट के लिए लिया गया है।

बीएसपी में अब तक 25 हजार ले चुके हैं रिटायरमेंट
बीएसपी में पहली बार वर्ष 1982 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना लागू की गई। उसके बाद से अब तक 14 बार स्कीम लागू की जा चुकी है। इनमें बीएसपी से 25,000 से अधिक अधिकारी कर्मचारी रिटायरमेंट ले चुके हैं। कोविड-19 के दौर में पिछले महीने जब वीआर स्कीम लागू की गई थी, बीएसपी को 300 कार्मिकों के रिटायरमेंट का टारगेट दिया गया था, जबकि 400 ने रिटायरमेंट लिया।

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