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विज्ञान शिक्षकों को मिली ट्रेनिंग:भावी बाल वैज्ञानिक बनाएंगे विज्ञान के शिक्षक, एक दिवसीय वेबिनार का आयोजन

दुर्गएक महीने पहले
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भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रतिवर्ष बाल वैज्ञानिक तैयार करने हेतु देशभर में यह कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। जिसका उद्देश्य देश के कोने कोने में जाकर विज्ञान प्रतिभाओं की खोज करना एवं बच्चों में वैज्ञानिक चेतना का अंकुरण कर उन्हें स्थानीय परिवेश में तार्किक वैज्ञानिक खोज की दिशा में आगे बढ़ाना है।

छत्तीसगढ़ राज्य में यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के माध्यम से प्रत्येक जिले में प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है। जिसके तहत विज्ञान शिक्षकों हेतु वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में विभिन्न शासकीय व अशासकीय विद्यालयों के 188 विज्ञान शिक्षक प्रशिक्षित हुए। जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल के अनुसार वर्तमान समय में जब पूरा विश्व कोविड 19 महामारी के शिकंजे में जकड़ा हुआ है। पूरे विश्व के वैज्ञानिक दिन-रात जुट कर अनुसंधान कार्य के माध्यम से मानव कल्याण हेतु वैक्सीनेशन के रूप में इसका वैज्ञानिक समाधान प्रस्तुत किए हैं। मौजूदा स्थिति में विद्यार्थियों को बाल वैज्ञानिक के रूप में तैयार कर विश्व के मानव कल्याण हेतु उन्हें प्रेरित करना इस अभिनव कार्यक्रम का एकमात्र उद्द्ेश्य था। जिससे शिक्षकों का भी ज्ञानवर्धन हुआ।

विज्ञान शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण
जिला समन्वयक सपना सोनी व जिला शैक्षणिक समन्वयक सोमेन कुंडू ने कहा कि देश के लिए भावी वैज्ञानिक तैयार करने में विज्ञान शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विज्ञान शिक्षकों के मार्गदर्शन में विद्यार्थी अपने आस पास निहित समस्याओं का चुनाव कर वैज्ञानिक विधि के प्रयोग द्वारा समस्याओं का समाधान ढूंढते हैं ।कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य बच्चों में वैज्ञानिक चेतना जागृत कर बाल वैज्ञानिक का निर्माण करना है। ताकि वे नित नए आविष्कार से विश्व का कल्याण कर सकें।

यह प्रतियोगिता दो वर्गों में आयोजित की जाएगी विज्ञान प्रतियोगिता दो वर्गों में आयोजित होगी। जूनियर वर्ग (आयु सीमा 10 से 14 वर्ष )व दूसरा -सीनियर वर्ग (आयु सीमा 14 से 17 वर्ष )आयु की गणना 31 दिसंबर 2021 की स्थिति में किया जाता है। वर्ष 2021 के लिए इस प्रतियोगिता का मुख्य विषय सतत जीवन के लिए विज्ञान और उप विषय है। सतत जीवन के लिए पारितंत्र, सतत जीवन के लिए प्रौद्योगिकी, सतत जीवन के लिए सामाजिक नवाचार, सतत जीवन हेतु निरूपण विकास मॉडलिंग एवं योजना बनाना।

प्रोजेक्ट बनाकर वैज्ञानिक विधि से करें समाधान
साइंस प्रोजेक्ट निर्माण में वैज्ञानिक विधि से समस्याओं का समाधान करने शिक्षक इन चरणों का प्रयोग करेंगे। जिसमें, शीर्षक, प्रस्तावना, समस्या चुनने का कारण, परिकल्पना, उद्देश्य, कार्य योजना, कार्य विधि, सर्वेक्षण, प्रयोग, अवलोकन, निष्कर्ष या परिणाम, भविष्य की योजना शामिल किए गए हैं। इस विधि से कार्य करने से अच्छे परिणाम भी प्राप्त होंगे। जिला स्तरीय प्रतियोगिता माह अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित है।

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