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चार जिलों के लिए शुभ संकेत:47 फीट बढ़ा जलस्तर, 4 डैम में 89.20 फीट पानी

बालोदएक महीने पहले
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बारिश के कारण 3 जिलों को पानी देने वाले तांदुला डैम का जलस्तर दो महीने में 16 फीट तक बढ़ा है। - Money Bhaskar
बारिश के कारण 3 जिलों को पानी देने वाले तांदुला डैम का जलस्तर दो महीने में 16 फीट तक बढ़ा है।
  • भादो में मानसून मेहरबान होने से पेयजल संकट दूर, फसलों व बीएसपी के लिए डिमांड अनुसार छोड़ेंगे पानी

बालोद, दुर्ग, राजनांदगांव, बेमेतरा, बीएसपी भिलाई के लिए महत्वपूर्ण 123.50 फीट जलभराव क्षमता वाले 4 डैम में वर्तमान में 89.20 फीट पानी है। दो माह पहले की स्थिति में सभी डैम में 42.20 फीट पानी भरा था। इस लिहाज से अगस्त के अंतिम सप्ताह व सितंबर में भादो में अच्छी बारिश से पहले की तुलना में 47 फीट पानी की बढ़ोत्तरी हुई है।

जिसका उपयोग आने वाले समय में सिंचाई, निस्तारी, पेयजल के लिए किया जाएगा। वहीं बालोद शहर व बीएसपी को भी डिमांड अनुसार पानी सप्लाई की जाएगी। सिंचाई विभाग के ईई एसके टीकम, एसडीओ एसके भदोरिया ने बताया कि जुलाई, अगस्त की तुलना में सितंबर में ज्यादा बारिश हुई है। दो माह में तांदुला डैम का जलस्तर सबसे ज्यादा 16 फीट, खरखरा का 15 फीट, मटियामोती का 11 फीट और गोंदली का 5 फीट बढ़ा। इधर अच्छी बारिश होने से धान की फसल सुरक्षित है, क्योंकि खेतों में पानी है, जहां कमी वहां नमी होने से फसलें खड़ी है।

  • तांदुला डैम का जलस्तर 16 फीट खरखरा का 15, मटियामोती का 11 फीट, गोंदली का 5 फीट बढ़ा
  • ओवरफ्लो के लिए तांदुला में 13 फीट, मटियामोती में 6 फीट व खरखरा में 7 फीट पानी चाहिए

हरुना किस्म की धान में बालियां निकलने लगी
अच्छी बारिश होने से वर्तमान में अधिकांश खेतों में पर्याप्त पानी है। धान की फसल लहलहा रही है। कृषि विभाग के अनुसार जिले में लगभग एक लाख 70 हजार हेक्टेयर में धान की फसल लगी है। अब बालियां निकलने लगी है।

जानिए, सिंचाई विभाग के अनुसार बारिश से जलाशयों की जलभराव स्थिति

तांदुला डैम; कुल जलभराव क्षमता: 38.50 फीट
दो माह पहले 19 जुलाई को जलस्तर 9.50 फीट था। जो बढ़कर 25.50 फीट हो गया है। इस तरह 16 फीट का इजाफा हुआ।
मायने व आगे क्या- बालोद शहर व 3 जिले के लिए महत्वपूर्ण इस डैम में अब भी ओवरफ्लो के लिए 13 फीट पानी की जरूरत है। अप्रैल-मई में गेट रिपेयरिंग के लिए लगभग 5 फीट पानी छोड़ा गया था। अगर यह स्थिति नहीं आती तो लगभग 30 फीट के आसपास जलस्तर रहता। बावजूद वर्तमान में भी स्थिति ठीक है। फसल के लिए जरूरत पड़ने पर पानी छोड़ने पर विभाग निर्णय ले सकता है।

खरखरा डैम; कुल जलभराव क्षमता: 30 फीट
दो माह पहले महज 8 फीट पानी बचा था। अब जलस्तर 23 फीट पर पहुंच गया है। इस लिहाज से 15 फीट का इजाफा हुआ।
मायने व आगे क्या- बीएसपी, डौंडीलोहारा, गुंडरदेही क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण इस डैम में अभी भी ओवरफ्लो के लिए 7 फीट पानी की जरूरत है। पिछले साल यह स्थिति बनी थी। इस बार अगर ओवरफ्लो भी नहीं होगा तब भी आने वाले समय के लिए किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आएगी। इस बार सिंचाई के लिए पानी नहीं छोड़ा गया था। मांग अनुरूप पानी छोड़ने विभाग निर्णय ले सकता है।

गोंदली डैम; कुल जलभराव क्षमता: 34 फीट
दो माह पहले जलस्तर 20.80 फीट था। जो बढ़कर 25.80 फीट पर पहुंच गया है। इस तरह 5 फीट का इजाफा हुआ।
मायने व आगे क्या- बालोद व डौंडीलोहारा ब्लॉक के किसानों के लिए महत्वपूर्ण इस डैम में अभी भी ओवरफ्लो के लिए 8.20 फीट पानी की जरूरत है। हालांकि वर्तमान में जितना पानी भरा है, वह आने वाले समय में सिंचाई व निस्तारी तालाबों को भरने के लिए पर्याप्त है। जरूरत अनुसार किसानों की मांग अनुरूप नवरात्र के समय फसलों को सुरक्षित रखने पानी छोड़ने विभाग निर्णय ले सकती है।

मटियामोती डैम; कुल जलभराव क्षमता: 21 फीट
दो माह पहले यहां का जलस्तर महज 4 फीट था। जो अब बढ़कर 15 फीट पर पहुंच गया है। इस लिहाज से 11 फीट का इजाफा हुआ।
मायने व आगे क्या- राजनांदगांव जिले व गुंडरदेही ब्लाॅक के 5 हजार हेक्टेयर रकबे को सिंचित करने के लिए महत्वपूर्ण इस डैम में अभी भी ओवरफ्लो के लिए 6 फीट पानी की और जरूरत है। अगर यह स्थिति नहीं भी आएगी, तब भी आने वाले समय के लिए पर्याप्त पानी है। किसानों के मांग अनुरूप गेट खोलकर पानी छोड़ने पर विभाग निर्णय ले सकती है। पिछले साल ओवरफ्लो की स्थिति बनी थी।

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