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यह हाल:एक टन डीडीटी छिड़कने के बाद भी मलेरिया के 195 मरीज मिले, डौंडी में सबसे ज्यादा 94

बालोदएक महीने पहले
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  • लोहारा व डौंडी ब्लॉक में 52 हजार मच्छरदानी बांटे, तीन ब्लॉक के लिए केंद्र सरकार ने नहीं भेजा

मच्छरों का प्रकाेप व इनकी वजह से होने वाली बीमारियों को नियंत्रित करने के लिए एक टन डीडीटी छिड़काव के बाद भी जिले के 5 ब्लॉक में जनवरी से अगस्त तक 8 माह में मलेरिया के 195 मरीज मिल चुके हैं। अगस्त में 28 मरीज मिलने की पुष्टि मलेरिया शाखा, स्वास्थ्य विभाग ने की है। जिसमें बालोद ब्लॉक के 7, डौंडी के 4, डौंडीलोहारा के 13, गुंडरदेही के एक और गुरूर के 3 मरीज शामिल हैं।

सितंबर में कुल कितने मरीज मिले हैं, इसकी जानकारी स्वास्थ्य केंद्र, सेक्टर प्रभारियों की रिपोर्ट के माध्यम से अक्टूबर में मिलने की जानकारी विभागीय अफसर ने दी है। कुल मरीजाें में से 138 सिर्फ जुलाई में ही मिले थे। जबकि जून तक सिर्फ 29 मरीज मिले थे। इस लिहाज से जुलाई की तुलना में अगस्त में 109 मरीज कम मिले हैं जबकि जून की तुलना में एक मरीज ज्यादा मिले है। ऐसे में लोगों को सावधान होने की जरूरत है। फिलहाल एक ओर विभाग दावा कर रही है कि संवेदनशील क्षेत्रों में दूसरे चरण के तहत डीडीटी का छिड़काव जारी है।

डौंडी ब्लॉक में जुलाई माह तक मिले 94 कुल मरीज
इधर मलेरिया के मरीज बढ़ते क्रम पर है। मलेरिया को लेकर हर साल ही तरह इस बार भी डौंडी ब्लॉक संवेदनशील बना हुआ है। जहां जुलाई तक 94 मरीज मिलने की पुष्टि विभाग ने की है। वहीं बाकी चार ब्लॉक बालोद, गुरूर, गुंडरदेही व डौंडीलोहारा में 101 मरीज मिल चुके हैं। कुल मिले 195 मरीजों में 33 पीवी यानी सामान्य श्रेणी के है, वहीं 160 पीएफ (फेल्सिफेरम) यानी खतरनाक श्रेणी के हैं।

वार्षिक रिपोर्ट के आधार पर भेजी गई मच्छरदानी
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गुंडरदेही को छोड़ जिले के बाकी चार ब्लॉक डौंडी, गुरूर, बालोद, डौंडीलोहारा के 70 गांवों को संवेदनशील जोन में रखा गया है। जहां मलेरिया के मरीज मिले है। इसी हिसाब से रोकथाम के लिए डीडीटी का छिड़काव किया जा रहा है। विभागीय जानकारी अनुसार मलेरिया वार्षिक रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार की ओर से 52 हजार मच्छरदानी भेजी गई थी।

पिछले साल 6 मरीजों की मौत, इस बार एक भी नहीं
पिछले साल मलेरिया से जूझ रहे कुल 6 मरीजों की मौत हुई थी। हालांकि राहत की बात है कि इस साल एक भी मौत नहीं होने की बात विभागीय अफसर कह रहे है। पिछले साल बालोद ब्लॉक के ग्राम जगन्नाथपुर के मूल निवासी भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता अमर विश्वकर्मा (51 वर्ष) और उनके छोटे बेटे संतोष विश्वकर्मा (22 वर्ष) की मौत हुई थी।

गांव में पहुंचकर लोगों को जागरूक कर ले रहे सैंपल
मलेरिया, डेंगू के केस मिलने के आधार पर स्वास्थ्य विभाग व मलेरिया शाखा की संयुक्त विभागीय टीम संवेदनशील गांवों में पहुंचकर लोगों को जागरूक कर रही है। साथ ही जरूरत पड़ने पर सैंपल कलेक्ट कर रही है। लोगों से अपील की जा रही है कि किसी प्रकार की समस्या आने या लक्षण होने पर एएनएम, मितानिनों को तत्काल सूचना दें। जानकारी न छिपाएं वरना बिगड़ सकती है।

जुलाई माह की तुलना में अगस्त में कम मरीज मिले
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. पीएल मेरिया ने बताया कि वार्षिक रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार की ओर से जिले के लिए 52 मच्छरदानी भेजा गया था। जिसे डौंडी व डौंडीलोहारा ब्लॉक के संवेदनशील गांवों में बंटवाए हैं। बाकी ब्लॉक के लिए केंद्र से ही मच्छरदानी नहीं आया। वैसे भले ही मरीज मिल रहे है लेकिन स्थिति सामान्य है। मौसमी सीजन में यह स्थिति आती है। जुलाई की तुलना में अगस्त में कम मरीज मिले हैं।

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