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रिकॉर्ड ब्रेक:2017 से अब तक सड़क दुर्घटनाओं में 857 लोगों ने गंवाई जान, सड़क हादसों में पिछले साल 154 मौतें, इतने इस साल 11 माह में

बालोद2 महीने पहले
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घोटिया चौक के पास ब्रेकर की वजह से लगातार हादसे हो रहे हैं। - Money Bhaskar
घोटिया चौक के पास ब्रेकर की वजह से लगातार हादसे हो रहे हैं।

इस साल जनवरी से लेकर नवंबर तक यानी 11 माह में 326 सड़क हादसे हो चुके हैं। जिसमें 154 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं 289 लोग घायल हुए हैं। नवंबर में 30 हादसों में 13 लोगों की मौत हुई। वहीं 23 लोग घायल हुए। यातायात विभाग व पुलिस प्रशासन के आंकड़ों से इसका खुलासा हुआ है। दरअसल जिले के सभी थाने के टीआई हर माह सड़क हादसों की रिपोर्ट एसपी व यातायात विभाग कार्यालय भेजते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार रोजाना हादसे हो रहे हैं। पिछले साल 365 दिन में हुए सड़क हादसों में 154 लोगों की मौत हुई थी। जबकि इतने इस साल 11 माह में ही दम तोड़ चुके है, यह भी तब जब यातायात विभाग के जवान व सभी थाने के पुलिस टीम रोजाना चालानी कार्रवाई करने का दावा कर रहे हैं। 2017 से अब तक 2076 सड़क हादसे में 857 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 2061 लोग घायल हुए हैं। 6 साल में तीसरी बार ऐसी स्थिति बनी जब 150 से ज्यादा लोगों की मौत हुई। नवंबर माह में यातायात नियम का उल्लंघन करने पर 1330 वाहन चालकों पर चालानी कार्रवाई कर 3 लाख 72 हजार 700 रुपए वसूला गया है।

जानिए, नवंबर में कहां कितनी घटनाओं में कितनी मौत
गुरूर- 6 हादसों में चार लोग घायल हुए। एनएच 30 और 930 होने की वजह से हर माह हादसे होते रहते हैं।
डौंडी- 6 हादसों में 5 लोगों की मौत हुई। वहीं दो लोग घायल हुए। स्टेट मार्ग होने से हादसे होते हैं।
गुंडरदेही- 3 हादसों में 4 लोगों की मौत हुई। वहीं 3 लोग घायल हुए।
डौंडीलोहारा- 2 हादसे में दो लोग घायल हुए। एक भी मौत नहीं हुई।
अर्जुन्दा- 2 हादसे में एक की मौत हुई। एक व्यक्ति घायल हुआ।
देवरी- 2 हादसे में दो लोग घायल हुए। एक भी मौत नहीं हुई।
बालोद- 6 हादसों में 2 की मौत हुई। 5 लोग घायल हुए।
दल्लीराजहरा- एक हादसे में एक व्यक्ति घायल हुआ।
रनचिरई- एक हादसे में दो व्यक्ति घायल हुए।
मंगचुवा- एक हादसे में एक व्यक्ति घायल हुआ।
सुरेगांव व महामाया- पुलिस के रिकॉर्ड में यहां एक भी सड़क हादसा नहीं हुआ।

यह स्थान ज्यादा खतरनाक जहां नहीं थम रही दुर्घटनाएं
नेशनल हाइवे 30 व 930 के दायरे में चार स्थान बालोदगहन, जगतरा, चिटौद, सांकरा में हादसे हो रहे हैं। स्टेट हाइवे के दायरे में तीन स्थान पैरी, संबलपुर, गुदुम में हादसे थम नहीं रहे है। तीन साल में हुए सड़क दुर्घटना व लोगों की मौतों के आंकड़ों के आधार पर इस साल के लिए जिले के दायरे में 2 नेशनल हाइवे 30 व 930 में चार और दो स्टेट हाइवे में 3, कुल 7 स्थानों को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नांकित किया गया है।

नशा, ओवरटेक व अंधे मोड़ की वजह से हो रहे हैं हादसे
जिला यातायात प्रभारी दिलेश्वर चंद्रवंशी ने बताया कि रोजाना चालानी कार्रवाई कर रहे हैं। इस दौरान वाहन चालकों को समझाइश दे रहे हैं। जहां-जहां हादसे हो रहे हैं, वहां सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए हैं, लोगों को भी जागरूक होना पड़ेगा, तभी हादसे थमेंगे। हादसे होने की मुख्य वजह स्पीड में गाड़ी चलाना, नशा, ओवरटेक, टर्निंग सहित अन्य वजह सामने आई है।

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