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चंडीगढ़ में बर्ड एवियरी बनाने का रास्ता साफ:शहर का दौरा करके गई सेंट्रल जू अथॉरिटी की सिफारिशों पर प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी

चंडीगढ़एक वर्ष पहले
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चंडीगढ़ में बर्ड एवियरी बनाने का रास्ता साफ हो गया है। मिनिस्ट्री ऑफ एन्वायर्नमेंट, फॉरेस्ट एंड क्लाइमेट चेंज ने इस बर्ड एवियरी प्रोजेक्ट को क्लीयरेंस दे दी है। इसका मतलब ये कि अब ये प्रोजेक्ट जल्द शुरू हो पाएगा। यह बर्ड एवियरी सिटी फॉरेस्ट में बनाई जा रही है। हाल ही में मिनिस्ट्री ने बर्ड एवियरी प्रोजेक्ट को लेकर चल रहे काम को अगले निर्देशों तक रोकने के लिए कहा था।

इस बारे में एडवाइजर धर्मपाल ने कहा कि मिनिस्ट्री ने प्रोजेक्ट को क्लीयर कर दिया है और मिनिस्ट्री के दिशा-निर्देशों के तहत ही इस पर काम किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट को लेकर पूर्व मंत्री व बीजेपी सांसद मेनका गांधी ने सवाल खड़े करते हुए मिनिस्ट्री के साथ प्रशासक को भी लेटर भेजकर प्रोजेक्ट को बंद करने के लिए कहा था। चंडीगढ़ से कुछ लोगों की तरफ से भी इसको लेकर लेटर भेजे गए थे।

अथॉरिटी की रिपोर्ट पर ही काम होगा
इस प्रोजेक्ट पर सवाल खड़े होने के बाद सेंट्रल जू अथॉरिटी (CZA) ने चंडीगढ़ का दौरा किया और जहां पर इस एवियरी को बनाया जा रहा है, उसकी विजिट भी की। अथॉरिटी ने अपनी रिपोर्ट सब्मिट कर दी थी। सूत्रों के मुताबिक अथॉरिटी की टीम ने सिर्फ एक प्रजाति के पक्षी को न रखने की सिफारिश की थी, बाकी सभी प्रजातियों के पक्षियों को मंजूरी दे दी गई। एक प्रजाति के पक्षी को हटाए जाने को लेकर प्रशासन ने हामी भर दी थी। CZA की रिपोर्ट के आधार पर मिनिस्ट्री ने प्रशासन को काम करने के लिए कहा है। जो भी सिफारिशें अथॉरिटी ने दी उसी के तहत प्रोजेक्ट पर काम होगा।

46 प्रजातियों के 1500 विदेशी पक्षी
सुखना लेक के सामने लेक क्लब की तरफ को सिटी फॉरेस्ट है। इस सिटी फॉरेस्ट में कुल दो बर्ड एवियरी बनाई जा रही हैं। इनमें कुल 46 प्रजातियों के 1500 विदेशी पक्षी रखे जाएंगे। इनमें से ज्यादातर पक्षियों को चंडीगढ़ लाया जा चुका है। पूरे देश में जितनी बर्ड एवियरी हैं उनसे ज्यादा हाईट के केज यहां पर बनाए गए हैं ताकि पक्षियों को उड़ने के लिए जगह मिल पाए। अंदर पेड़ और पानी के सोर्स भी बनाए गए हैं।

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