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पंजाब में हालात बिगाड़ने की साजिश:सुधीर सूरी और डेरा प्रेमी हत्याकांड से पहले SSOC को इनपुट्स मिल गए थे

बृजेन्द्र गाैड़/चंडीगढ़2 महीने पहले
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - Money Bhaskar
प्रतीकात्मक तस्वीर।

पंजाब पुलिस के विशेष जांच एजेंसी स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) को बीते 28 अक्तूबर को ही भरोसेमंद इनपुट्स मिल गए थे कि पंजाब में हालात खराब करने की साजिश रची जा रही है। कुछ संदिग्ध पाकिस्तान की ISI के आदेशों पर देश में विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के लीडरों और राजनेताओं को निशाना बना सकते हैं।

इससे पंजाब में दंगे पैदा हो सकते हैं और शांति खराब हो सकती है। इस इनपुट के 6 दिन बाद पंजाब में शिव सेना टकसाली नेता सुधीर सूरी की हत्या की गई और उसके 4 दिन बाद बरगाड़ी बेअदबी के आरोपी डेरा प्रेमी प्रदीप सिंह को गोलियां मारी गई थी। प्रदीप हत्याकांड में एक शूटर को कथित रूप से 20 हजार रुपए देने के मामले में एक शख्स को पकड़ा गया था।

उस शख्स की पहचान पंजाब यूनिवर्सिटी में गांधीयन एंड पीस स्टडीज विभाग के स्टूडेंट संगरूर निवासी हर्षवीर सिंह बाजवा के रूप में हुई। पंजाब में हालात बिगाड़ने वाले 10 संदिग्धों के खिलाफ बीते 28 अक्तूबर को IPC की धारा 153, 153 ए, 212, 216, 120बी तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत केस दर्ज हुआ था।

भोला जल्द आ सकता है प्रोडक्शन वारंट पर
वहीं SSOC फरीदकोट जेल में बंद गैंगस्टर भोला को पूछताछ के लिए प्रोडक्शन वारंट पर लाने की तैयारी में है। इसे लेकर मोहाली कोर्ट में अर्जी दायर की गई है। डेरा प्रेमी की हत्या मामले में एक शूटर मनप्रीत सिंह मनी भोला का साला है। वहीं गैंगस्टर हरजिंदर सिंह उर्फ राजू भी फरीदकोट जेल में है। हरजिंदर कनाडा में छिपे गोल्डी बराड़ से जुड़ा हुआ था। जानकारी के मुताबिक उसी ने जेल में बैठ डेरा प्रेमी की हत्या की प्लानिंग की थी। जिसके बाद भोला के साले व अन्य युवकों को तैयार किया गया था।

डेरा प्रेमी प्रदीप सिंह की बीते 10 नवंबर को फरीदकोट में गोलियां मार हत्या की गई थी।
डेरा प्रेमी प्रदीप सिंह की बीते 10 नवंबर को फरीदकोट में गोलियां मार हत्या की गई थी।

इन संदिग्धों पर हालात खराब करने का शक
SSOC, मोहाली विंग ने जिन संदिग्धों पर पंजाब के हालात खराब करने का शक जताया है, उनमें तरनतारन का तरसेम सिंह है, जिसका दूसरा पता दुबई का है। दूसरा नाम लोधीपुर, आनंदपुर साहिब का जगरूप सिंह उर्फ रूप है, जिसका दूसरा पता अमेरिका का है।

तीसरा संदिग्ध बाघापुराना, मोगा का अमृतपाल सिंह उर्फ अैमी है। उसका दूसरा पता फिलिपींस है। चौथा संदिग्ध जीरा, फिरोजपुर का मनप्रीत सिंह हैं, जिसका दूसरा पता फिलिपींस है। 5वां फाजिल्का का हरजोत सिंह है, जिसका दूसरा पता अमेरिका का है।

छठा संदिग्ध भी फिरोजपुर का हरप्रीत सिंह है, जिसका दूसरा पता इटली का है। 7वां संदिग्ध अमृतसर का अमनदीप सिंह उर्फ अमन खालिस्तानी है, जिसका दूसरा पता मलेशिया का है। 8वां संदिग्ध तरनतारन का गुरपिंदर सिंह उर्फ पिंदा है।

वहीं 9वां संदिग्ध भी तरनतारन का गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी है। 10वां आरोपी हरियाणा के झज्जर का दीपक कुमार है। इसके अलावा मामले में एक अज्ञात संदिग्ध भी FIR में शामिल किया गया था।

बीते 4 नवंबर को शिव सेना नेता सुधीर सूरी की अमृतसर में हत्या कर दी गई थी।
बीते 4 नवंबर को शिव सेना नेता सुधीर सूरी की अमृतसर में हत्या कर दी गई थी।

हथियार सप्लाई करके अपराधियों को पनाह
मिली जानकारी के मुताबिक, संदिग्धों में से तरसेम मौजूदा समय में दुबई में है। वहीं जगरूप और हरजोत अमेरिका में हैं। अमृतपाल, मनप्रीत फिलिपींस में हैं। एक अन्य हरप्रीत इटली में है। अमनदीप सिंह मलेशिया में है। वहीं गुरपिंदर, गुरप्रीत और दीपक देश में ही हैं।

SSOC को एक खूफिया सूचना मिली थी कि यह संदिग्ध पंजाब, हरियाणा समेत अन्य राज्यों में अपने कई साथियों को गैरकानूनी ढंग से हथियार और फंडिंग करवा चुके हैं। वहीं कई आपराधिक मामलों में भगौड़ों को ठहराने का प्रबंध भी करवा चुके हैं।

SSOC के मुताबिक, उसके पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से भी लिंक हैं और आतंक पैदा करने के लिए पैसे जुटाने में उसका रोल सामने आया है। बाजवा मूलरूप से पंजाब के संगरूर जिले का रहने वाला है। गत 10 नवंबर को प्रदीप की पंजाब के कोटकपूरा में 6 हमलावरों द्वारा गोलियां मार हत्या की गई थी।

हर्षवीर को हाल ही में मोहाली SSOC ने गिरफ्तार किया था।
हर्षवीर को हाल ही में मोहाली SSOC ने गिरफ्तार किया था।

सेक्टर-37 में रह रहा था हर्षवीर
हाल ही में काबू किए गए हर्षवीर सिंह बाजवा के कनाडा में छिपे लॉरेंस गैंग के गोल्डी बराड़ से भी संपर्क में होने की बात सामने आई थी। गोल्डी बराड़ ने पंजाब सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड की जिम्मेदारी ली थी। बाजवा चंडीगढ़ के सेक्टर-17 से पकड़ा गया था और सेक्टर-37 में रह रहा था।

हर्षवीर को अमेरिका, इटली, दुबई और फिलिपींस जैसे देशों से पैसा आ रहा था। यह रकम ISI के इशारे पर पंजाब समेत देश के अन्य हिस्सों में काम कर रहे स्लीपर सेल के लिए गोला-बारूद जुटाने के लिए थी। हर्षवीर पाकिस्तान में छिपे आतंकी लखबीर सिंह उर्फ लंडा हरीके के संपर्क में भी बताया गया था।