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19 जनवरी को नीड बेस्ड कमेटी की मीटिंग:40 सेक्टर में पहुंची मेयर सरबजीत कौर, दिल्ली की तर्ज पर नीड बेस्ड चेंज लागू करने की मांग

चंडीगढ़7 महीने पहले
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सेक्टर 40 के कम्युनिटी सेंटर में मौजूद लोग। - Money Bhaskar
सेक्टर 40 के कम्युनिटी सेंटर में मौजूद लोग।

चंडीगढ़ की नई मेयर सरबजीत कौर के सामने रविवार को दिल्ली की तर्ज पर हाउसिंग बोर्ड के मकानों में नीड बेस्ड चेंज लागू करने की मांग उठी। बैठक में सीएचबी मकानों के अलॉटियों ने कहा कि दिल्ली की तर्ज पर ही नीड बेस चेंज लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 25 से 30 साल पुराने निर्माण को गिराया नहीं जा सकता है, इसलिए निर्माण को नियमित किया जाना चाहिए। शहर के लगभग 4 लाख लोग अपने मकानों में इन बदलावों को नियमित करने की राह देख रहे हैं, जिस पर जल्द ही फैसला लेने की मांग रखी गई।

मेयर सरबजीत कौर ने कहा कि वह सीएचबी अधिकारियों व प्रशासन के समक्ष उनकी नीड बेस चेंज मांग को लेकर मुद्दा उठाएंगी और इसे हल करवाने का प्रयास किया जाएगा। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड "नीड बेस्ड कमेटी" की 19 जनवरी को होने वाली मीटिंग के मद्देनजर यह मीटिंग काफी अहम थी। बोर्ड के तीन डायरेक्टर्स इस मीटिंग में मौजूद रहे। लोगों की इस मांग को आगे रखा जाएगा।

सेक्टर 40 के कम्युनिटी सेंटर में मीटिंग के दौरान यह मांगे रखी गई। मेयर के अलावा कांग्रेसी पार्षद गुरबक्श रावत, पूर्व मेयर पूनम शर्मा समेत चंडीगढ़ रेजिडेंट एसोसिएशन ऑफ वेलफेयर फेडरेशन के चेयरमैन हितेश पूरी उपस्थित थे। बोर्ड के सदस्यों ने आश्वासन दिया कि 19 जनवरी को नीड बेस चेंज कमेटी की बैठक होने जा रही हैं, जिसमें उनके इस मांग को प्रमुखता से उठाएंगे।

अलॉटियों ने कहा कि पुराने निर्माण पर तब तक उन्हें नोटिस नहीं भेजे जाने चाहिए, जब तक कि दिल्ली की तर्ज पर नीड बेस चेंज लागू नहीं किया जाता है। इसके अलावा उन्होंने मकानों में बदलावों के चलते प्रॉपर्टी ट्रांसफर पर भी रोक नहीं लगाने की मांग की है। साथ ही लोगों ने कहा कि सितंबर 2011 से पहले जीपीए पर ट्रांसफर को भी स्वीकार किया जाना चाहिए। कहा गया कि जिन लोगों को अतिरिक्त जगह पर निर्माण किया हुआ है, उनसे भी उचित राशि लेकर बदलाव नियमित किए जाने चाहिए, ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

90 प्रतिशत लोगों ने जरूरत मुताबिक किए हुए हैं बदलाb

मीटिंग में कहा गया कि 90 प्रतिशत लोगों ने अपने घरों में जरूरत मुताबिक बदलाव किए हुए हैं। इस संबंध में सीएचबी को भी भली-भांति जानकारी है। अलॉटी वन टाइम सेटलमेंट की मांग कर रहे हैं, ताकि लोगों के घरों को टूटने से बचाया जा सके और जरूरत मुताबिक बदलाव नियमित किए जा सकें।