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मेट्रोमोनियल साइट पर व्यक्ति को फंसाया:वॉटसऐप पर न्यूड वीडियो रिकॉर्ड कर मांगे पैसे, न देने पर वायरल करने की धमकी दी

चंडीगढ़2 महीने पहले
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टेक्नोलॉजी के साथ ही साइबर क्राइम के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। मासूम लोग तेजी से इसका शिकार हो रहे हैं। सेक्सटॉर्शन के मामले भी बढ़ने लगे हैं। ताजा मामले में चंडीगढ़ से सटे मोहाली जिला के नयागांव का एक 37 वर्षीय व्यक्ति इस गैंग के चंगुल में फंस गया।

जब उससे पैसे की डिमांड की गई तो शक होने पर वह मोहाली पुलिस के पास पहुंचे। यहां पुलिस ने बताया कि यह एक प्रकार का स्कैम है। जिसके बाद शिकायतकर्ता निश्चिंत हुआ और गैंग का शिकार होने से बच गया।

मेट्रोमोनियल साइट पर प्रोफाइल बनाई थी
शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने शादी के लिए एक मेट्रोमोनियल साइट पर अपनी प्रोफाइल बनाई थी। उसे लगभग 1 महीने में कई रिश्ते आए। ज्यादातर रिश्ते उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की लड़कियों के आए। उन्होंने एक लड़की की प्रोफाइल को लाइक किया था। इसे लाइक करते ही अगली सुबह इस लड़की का वॉट्सऐप पर मैसेज आया। जिसमें उसने बात करने की इच्छा जताई। उसके बाद रात को लगभग 10 बजे लड़की ने वॉट्सऐप मैसेज कर थोड़ी मस्ती करने की बात कही। प्रोफाइल में लड़की ने खुद को उत्तर प्रदेश के लखनऊ का बताया था।

बाथरुम में जाकर वॉट्सऐप पर वीडियो कॉल करने का कहा
इसके बाद लड़की ने शिकायतकर्ता को बाथरुम में जाकर वॉट्सऐप पर वीडियो कॉल करने को कहा। लड़की की बातों में आकर शिकायतकर्ता बाथरुम में गया, जहां लड़की ने उसे वीडियो कॉल की। जिसके बाद लड़की ने उसे न्यूड होने को कहा। इसके बाद लड़की मोबाइल पर अपना चेहरा दिखाए बिना कामुकता भरी अदाएं दिखाने लगी। वह खुद भी न्यूड हो गई थी। इसके बाद शिकायतकर्ता को मोबाइल दूर रख पूरी चेहरे समेत बॉडी दिखाने को कहा। शिकायतकर्ता का चेहरा और न्यूड बॉडी वीडियो बनाने के बाद उसने फोन काट दिया।

प्रतीकात्मक तस्वीर।
प्रतीकात्मक तस्वीर।

धमकाया कि न्यूड वीडियो बन गई, पैसे ट्रांसफर करो
लड़की ने शिकायतकर्ता को वॉट्सऐप पर ऑडियो मैसेज किया। जिसमें धमकाते हुए कहा कि तुम्हारी न्यूड वीडियो रिकॉर्ड कर ली है और अब यह फेसबुक और बाकी सोशल मीडिया पर वायरल करने के साथ यूट्यूब पर अपलोड कर दूंगी। उसने कहा कि उसके अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने होंगे। शिकायतकर्ता ने घबरा कर अपना वॉट्सऐप ही डिलीट कर दिया।

जयपुर के फर्जी पुलिस अफसर ने दिया यूट्बूर का नंबर
घटना के 4 से 5 दिन बाद शिकायतकर्ता को जयपुर से कॉल आया। व्यक्ति ने शिकायतकर्ता को कहा कि वह साइबर सेल से बोल रहा है। उसने शिकायतकर्ता को कहा कि उसका न्यूड वीडियो यूट्यूब पर अपलोड है। इसे डिलीट करवाने को कहा। वहीं कहा कि ऐसा नहीं किया तो जब यह वीडियो पंजाब में वायरल होगी तो बड़ी दिक्कत हो जाएगी। इसके बाद उसने एक फर्जी यूट्यूबर का नंबर दिया। फर्जी पुलिसकर्मी ने कहा कि यह यूट्यूबर वीडियो डिलीट कर देता है। इस यूट्यूब को शिकायतकर्ता ने कॉल की तो उसने वीडियो डिलीट करने के नाम पर 18 हजार रुपए की डिमांड की। वहीं शिकायतकर्ता द्वारा असमर्थता दिखाने पर कहा कि जितनी रकम अभी है वही भेज दो।

शिकायतकर्ता को उसकी बातों पर शक होने लगा। इसके बाद वह मोहाली पुलिस के पास गया। यहां पुलिसकर्मी ने बताया कि यह एक प्रकार का स्कैम है। घबराने की कोई बात नहीं है। वहीं मोहाली सेक्टर 76 में पुलिस अधिकारी का पता दिया और कहा कि यदि कोई दिक्कत आए तो वहां जाकर अपनी शिकायत दे सकते हैं।

चंडीगढ़ पुलिस ने बीते अगस्त में सेक्सटॉर्शन केस में आरोपियों को पकड़ा था।
चंडीगढ़ पुलिस ने बीते अगस्त में सेक्सटॉर्शन केस में आरोपियों को पकड़ा था।

चंडीगढ़ पुलिस ने एक गैंग पकड़ा था
चंडीगढ़ के सेक्टर-19 के मनोज कुमार की शिकायत पर चंडीगढ़ पुलिस के ऑपरेशन सेल ने लगभग 3 महीने पहले राजस्थान के भरतगढ़ से सेक्सटॉर्शन का रैकेट चलाने वाले 3 गैंग मेंबर्स को दबोचा था। आरोपियों की पहचान राजस्थान के भरतपुर जिले के कैथवाड़ा गांव निवासी मुबीन (39), राशिद (19) और अर्जुदीन (24) के रूप में हुई है। इसके बाद गैंग के 6 और सदस्यों को पकड़ा गया था।

पूरी प्लानिंग के तहत काम करता गैंग
इस तरह के गैंग के हर सदस्य का अपना एक फिक्स रोल होता है। इनमें सिम कार्ड का प्रबंध करना, फिरौती रकम लेने के लिए बैंक अकाउंट बनवाना, पुलिस अफसर बन कर बेवकूफ बनाना और फिरौती की कॉल करने समेत अन्य काम शामिल होते हैं। आरोपी फेसबुक या वॉट्सऐप आदि के जरिए अपने शिकार (पीड़ित) को चुनते हैं। उससे पहले बातचीत करते हैं और फिर कामुकता भरे मैसेज भेजते हैं। इसके बाद पीड़ित (फेसबुक यूजर) को वीडियो कॉल पर आने को कहा जाता है।

गैंग मेंबर पीड़ित को न्यूड होने को कहते हैं। जिसके बाद स्क्रीन रिकार्डिंग कर बाद में उसे ब्लैकमेल करते हैं। पीड़ित को डराया जाता है कि पीड़ित लड़की ने उसके खिलाफ शिकायत दी है और पूरे मामले में कुछ रकम देकर समझौता हो सकता है। ऐसा न करने पर केस दर्ज करके गिरफ्तारी की जाएगी। इसके बाद डर के मारे इज्जत बचाने के लिए पीड़ित वसूली की रकम दे देता है।