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हाईकोर्ट में गुहार:महीने में एक बार ही सही मिलने तो आए, बैंक मैनेजर बेटे से पैसा नहीं प्यार चाहिए; बेटे के साथ गृह विभाग, डीजीपी काे नाेटिस

चंडीगढ़3 महीने पहलेलेखक: ललित कुमार
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दंपती की तरफ से वकील रंजन लखनपाल ने सोमवार कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा कि उन्हें अपने बेटे का पैसा नहीं प्यार व देखभाल चाहिए। - Money Bhaskar
दंपती की तरफ से वकील रंजन लखनपाल ने सोमवार कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा कि उन्हें अपने बेटे का पैसा नहीं प्यार व देखभाल चाहिए।

पंचकूला का रहने वाला एक बुजुर्ग दंपती अपने बेटे के प्यार को इस कदर तरस गया है कि उन्हें इसके लिए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ गई। इस दंपती की तरफ से वकील रंजन लखनपाल ने सोमवार कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा कि उन्हें अपने बेटे का पैसा नहीं प्यार व देखभाल चाहिए। बेटे के अलावा दोनों की देखरेख करने वाला कोई नहीं है। वह महीने में एक बार ही सही उनसे मिलने तो आए। याचिका पर प्राथमिक सुनवाई के बाद जस्टिस राजमोहन सिंह ने वृद्ध दंपति के बेटे को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

कोर्ट ने साथ ही इस मामले में हरियाणा सरकार के गृह विभाग, हरियाणा के डीजीपी, पंचकूला के एसपी और चंडीगढ़ के एसएसपी को नोटिस जारी कर उनसे पूछा कि इस समस्या का समाधान कैसे किया जाए। याचिका में कहा गया कि उनका बेटा एक बड़े बैंक में मैनेजर के पद पर है। बेटे को एक लड़की से प्यार हो गया और दोनों ने पांच फरवरी 2018 को शादी कर ली।

प्रेम विवाह को उन्होंने अरेंज मैरिज में तबदील किया और 15 से 20 लाख रुपये शादी पर खर्च किए। शादी के बाद बेटे की सास ने उनसे दुर्व्यवहार करना शुरु कर दिया और चंद दिनों के बाद ही बेटा और बहू दोनों गुरुग्राम जाकर रहने लगे। उन्हें इसका कारण तक नहीं बताया गया। बेटा और बहू दोनों महीने में एक बार ही सही लेकिन उनसे मिलने आते रहे। 6 महीने के बाद दोनों ने आना बंद कर दिया। याचिका में कहा गया कि दोनों को भाग्य के भरोसे छोड़ दिया गया है।

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पुलिस से लेकर मुख्यमंत्री तक संपर्क किया... कार्रवाई नहीं हुई
याचिका में दंपती ने कहा कि परिवार में उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। उन्हें अस्पताल तक ले जाने वाला कोई नहीं है। बेटे की तलाश में उन्होंने पुलिस से भी संपर्क किया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। बेटे के बैंक में पता किया तो पता चला कि नौकरी पर न आने के चलते उसकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। उन्होंने हरियाणा के सीएम को भी पत्र लिखा लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

नियमों का दिया गया हवाला...

  • द मैंटेनेंस एंड वेलफेयर ऑफ पेरेंटस एंड सीनियर सिटीजंस एक्ट 2007 के तहत सीनियर सीटिजन माता पिता के वेलफेयर की गारंटी दी गई है। ऐसे में उनकी मांग है कि महीने में एक बार ही सही बेटा उनका कुशल क्षेम पूछने तो आए, अपना स्नेह उन पर लुटाए, उनकी देखभाल करे।
  • दंपती ने कहा कि उनका बेटा उनसे जुदा होना आर्टिकल 21 की भी उल्लंघना है।