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भू-अर्जन के खाते से निकासी:37.37 करोड़ की फर्जी निकासी की जांच के घेरे में कोटक महिंद्रा बैंक के तीन और अधिकारी

पटना4 महीने पहले
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  • ईओयू ने तीनों के खिलाफ नए सिरे से जांच करने काे कहा

कोटक महिंद्रा बैंक के भू-अर्जन के खाते से करोड़ों की अवैध निकासी की जांच गांधी मैदान थाने की पुलिस कर रही है। 2 जनवरी को गांधी मैदान थाने में केस दर्ज हुआ था। पिछले दिनों आर्थिक अपराध शाखा (ईओयू) ने मामले में पुलिस से जांच रिपोर्ट मांगी थी। ईओयू ने अबतक की कार्रवाई और जांच की समीक्षा की। अब इस मामले की जांच गांधी मैदान पुलिस ईओयू के दिशा निर्देश पर करेगी।

सूत्रों की मानें तो ईओयू की समीक्षा के बाद कोटक महिंद्रा बैंक के तीन और अधिकारी जांच में घेरे में आ गए हैं। गांधी मैदान थाने की पुलिस को नए सिरे से इन तीनों की भूमिका की जांच करने को कहा गया है। इन तीनों अधिकारियों के लॉगइन आईडी, कॉल डिटेल आदि की जांच पुलिस शुरू कर चुकी है। पुलिस तीनों को जल्द हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी। सूत्रों का कहना है कि तीनों की गिरफ्तारी भी हो सकती है। कोटक महिंद्रा बैंक की एग्जीबिशन रोड और बोरिंग रोड की शाखा से फर्जीवाड़ा हुआ है। जानकारों की मानें तो भू-अर्जन के खाते से जब भी पैसे का ट्रांसफर होता है तो वह जमीन मालिकों, किसान आदि को होता है। एनएचएआई जिनकी जमीन का अधिग्रहण करती है उनके खाते में भू-अर्जन के माध्यम से पैसा जाता है। लेकिन दैनिक भास्कर के पास जो साक्ष्य हैं उसके हिसाब से जालसाजों ने जमीन मालिकों की बजाय ज्वेलरी हाउस, संस्थानों सहित कई कंपनियों के खाते में करोड़ों रुपए का ट्रांजेक्शन किया है।

साल 2020 के नवंबर और दिसंबर के ही डिटेल को देखें तो इन दो महीनों में 25 ट्रांजेक्शन भू-अर्जन के खाते से किया गया है। इन दो महीनों में जालसाजों ने 373,735,942 करोड़ का फर्जीवाड़ा किया है। लगभग 10 ट्रांजक्शन ऐसे हैं जो कपनियों को किया गया है।
55 दिन में महज चार की हुई गिरफ्तारी
मामले में दो जनवरी को गांधी मैदान थाने में केस दर्ज कराया गया। जब जांच आगे बढ़ी तो घपले की रकम बढ़ती चली गई। दो जनवरी को पुलिस ने बैंक की एग्जीबिशन रोड शाखा से शुभम गुप्ता नाम के युवक को गिरफ्तार किया था। वह लगभग 11 करोड़ का आरटीजीएस फर्जी तरीके से करने आया था। इसके बाद पुलिस ने कोटक बैंक की बोरिंग रोड शाखा के बर्खास्त मैनेजर सुमित सिंह को गिरफ्तार किया। सुमित से पूछताछ के बाद संदीप और रिजवान को भी गिरफ्तार किया गया। मामला दर्ज हुए 55 दिन बीत चुके हैं। इतने दिनों में महज चार को पुलिस गिरफ्तार कर पाई है।

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