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भास्कर एक्सपोज:बांसघाट पर बिना मास्क और पीपीई किट के ही कोरोना मरीजों के शवों का अंतिम संस्कार

पटना4 महीने पहलेलेखक: अमनेश दुबे
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कोरोना से मृत व्‍यक्ति के दाह संस्कार के लिए निगम की ओर से पीपीई किट, दस्ताना, जूते और मास्क मुहैया नहीं कराया जा रहा है। - Money Bhaskar
कोरोना से मृत व्‍यक्ति के दाह संस्कार के लिए निगम की ओर से पीपीई किट, दस्ताना, जूते और मास्क मुहैया नहीं कराया जा रहा है।

कोरोना संक्रमण के आंकड़े राजधानी समेत पूरे राज्य में तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके बीच मृत काेराेना मरीजाें के शवों के अंतिम संस्कार में भारी लापरवाही सामने आई है। दैनिक भास्कर की टीम पांच दिनों से बांसघाट शवदाह गृह के आसपास नजर बनाई हुई थी। रविवार को लापरवाही का एक मंजर स्पष्ट तौर से दिखा। दोपहर 1:10 बजे एक कोराेना मरीज का शव आया। इस शव को लाने वाले निगमकर्मी पूरी तरह से बेपरवाह दिखे।

दोनों निगमकर्मियाें में से किसी ने पीपीई किट नहीं पहनी थी। न ही हाथ और पैर में ग्लव्स और जूते थे। हद तो यह कि एक कर्मी बिना मास्क के ही कोरोना संक्रमित शव के अंतिम संस्कार की सभी क्रियाएं करता रहा। पराकाष्ठा तो तब सामने आई जब कोरोना संक्रमित शव से पांच फीट से भी कम दूरी पर एक सामान्य शव भी रखा था और उसके परिजन भी इर्द-गिर्द अंतिम संस्कार करने में लगे थे।

बांसघाट नगर निगम के पाटलिपुत्र अंचल में आता है। लेकिन इस अंचल के अधिकारी को इस बात की जानकारी ही नहीं है। भास्कर टीम ने शवदाह करने वाले निगमकर्मी बिरजू से बात की। उसने साफतौर से कहा कि निगम की ओर से पीपीई किट, दस्ताना, जूते और मास्क मुहैया नहीं कराया जा रहा है। सेनेटाइजर तक नहीं मिल रहा है।

नगर निगम के अफसर व पार्षद नहीं कर रहे मॉनिटरिंग
कोरोना संक्रमण से मरने वालाें की पूरी जानकारी बांसघाट समेत अन्य घाटों पर रजिस्टर में दर्ज की जा रही है। बांसघाट पर कोविड संक्रमण से मरने वाले 18 लाेगाें का अबतक अंतिम संस्कार हो चुका है। यह आंकड़ा 5 से 16 जनवरी की दोपहर 2 बजे तक का है। मरने वालों की संख्या में शुरुआती दौर की तुलना में अब तेजी देखी जा रही है। बावजूद इसके शवों के अंतिम संस्कार को लेकर नगर निगम के अफसर के साथ पार्षद भी निश्चिंत हैं।

नगर निगम से करेंगे बात : डीएम
कोरोना संक्रमित शवों के दाह संस्कार में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य है। बांसघाट पर यदि ऐसा नहीं हो रहा है, तो इसपर नगर निगम से बात की जाएगी और नियमों को सख्ती से पालन कराना निश्चित किया जाएगा। -डॉ. चंद्रशेखर सिंह, डीएम

सीधी बात : प्रतिभा सिन्हा, कार्यपालक पदाधिकारी, पाटलिपुत्र अंचल

प्रश्न-बांसघाट में बिना प्रोटोकॉल के ही कोरोना संक्रमित मरीजों के शव का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। ऐसा क्यों?
उत्तर-
इसकी जानकारी मुझे नहीं है। यदि ऐसा है तो जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मियों को अभी टाइट करती हूं।

प्रश्न- क्या शवदाह करने वाले कर्मियों के लिए पीपीई किट व मास्क भी नहीं है?
उत्तर- ऐसा नहीं है। अब भी पीपीई किट व मास्क का पुराना स्टॉक है। नया स्टॉक भी मंगाया गया है। हो सकता है संडे की वजह से कर्मियों को पीपीई किट व अन्य सामग्री नहीं मिल सकी हो।

प्रश्न- क्या इस लापरवाही से निगमकर्मियों के साथ ही आमलोगों में संक्रमण फैलने का खतरा नहीं है?
उत्तर-
निश्चित तौर से यह लापरवाही है। संक्रमण रोकथाम के लिए कोराेना प्रोटोकॉल के सभी नियमों का पालन करना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने वालों पर कार्रवाई का भी प्रावधान है।