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नालंदा जहरीली शराब कांड पर चिराग ने नीतीश को घेरा:बोले- कानून का विरोध नहीं कर रहा, लेकिन माफियाओं को शासन-प्रशासन का मिल रहा संरक्षण

पटना4 महीने पहले
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चिराग पासवान, अध्यक्ष, एलजेपी(आर) - Money Bhaskar
चिराग पासवान, अध्यक्ष, एलजेपी(आर)

नालंदा में हुए जहरीली शराब कांड में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। इस मामले पर रविवार को पटना पहुंचते ही लोकजशक्ति पार्टी (रामविलास) के मुखिया व जमुई सांसद चिराग पासवान ने सीधे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोल दिया। अपनी बातों व सवालों के जरिए चिराग ने उन्हें घेरने की कोशिश की। सीधे तौर पर कहा कि नालंदा मुख्यमंत्री का गृह जिला है। इसके बाद भी इस तरह की घटना उनके ही गृह जिले से आती है, जहां शासन-प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रहता है।

अपने गृह जिला को लेकर वो ज्यादा चिंतित भी रहते होंगे। इसके बाद भी वहां जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत हो रही है। जो यह दर्शाता है कि जहरीली शराब बनाने के धंधे की जड़ बिहार में कितनी मजबूत हो चुकी है। ऐसे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से हमलोग बार-बार आग्रह करते रहे हैं कि जब तक आप किसी मृतक के परिवार से मिलिएगा नहीं, उनके पास जाइएगा नहीं तो आपको कभी समझ में नहीं आएगा कि यह धंधा कैसे चल रहा है?

मिलिएगा नहीं तो समझ में आएगा कैसे?
सवाल उठाते हुए चिराग ने कहा कि जब हमलोग पीड़ित परिवार के पास जाते हैं तो वो लोग बताते हैं कि जहरीली शराब बनाने का धंधा सभी जिले, विधान सभा और ब्लॉक ही नहीं बल्कि पंचायत स्तर पर बनने लगा है। शासन-प्रशासन के नाक के नीचे शराब का धंधा होने लगा है। इसके बाद भी अगर कोई कार्रवाई नहीं होती है तो इसका मतलब है कि माफियाओं को शासन-प्रशासन का संरक्षण मिल रहा है।

नीतीश कुमार AC वाले बंद कमरे में खड़े होकर शपथ तो दिलवाते हैं, पर आज तक शराब पीने से इतनी मौते हुई। मगर, वो किसी से जाकर मिले नहीं। एक मृतक के परिवार से भी उन्होंने मिलना जरूरी नहीं समझा। जब तब आप मिलेंगे नहीं, तब तक आपको समझ में नहीं आएगा कि यह धंधा कैसे चल रहा है? अब तो आपके गृह जिले में यह घटना हुई है। आप वहां जाकर मिलिए और समझिए। अगर इसके बाद आप कोई कार्रवाई कर सकते हैं तो कीजिए।

कानून के पक्ष में है हमारी पार्टी
चिराग पासवान ने साफ कह दिया है कि पूर्ण शराब बंदी कानून की विफलता का भुगतान निर्दोष लोगों को अपनी जान देकर भुगतान करना पड़ रहा है। शराब बंदी कानून की वापसी का हमलोग समर्थन नहीं करते हैं। लोजपा (रामविलास) शुरू से ही इस कानून का समर्थन कर रही है।

बिहार में शराब बंदी कानून लागू हो, पर इसे हथियार बनाकर बेगूनाहों को प्रताड़ित नहीं किया जाए। हमारा विरोध बेगूनाहों को प्रताड़ित किए जाने और उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई का है। हमारा विरोध जहरीली शराब बनाने, पिलाने और शराब के आयात को लेकर है। इन्होंने जिस तरह से तस्करों को खड़ा कर दिया है, हम उसका विरोध कर रहे हैं।

क्या कर लेंगे UP में अकेले चुनाव लड़कर
जिसको बिहार की जनता ने नकार दिया हो। उसको उसके गठबंधन के साथ ही नकारे, स्वीकारे वो मायने ही नहीं रखता। जिसका असतित्व बिहार में ही नहीं। जो बिहार में तीसरे नंबर की पार्टी बन गई है। वो उत्तर प्रदेश में जाएंगे चुनाव लड़ने।

जब बिहार की जनता आपको पूछती नहीं है तो उत्तर प्रदेश की जनता आपको क्या पूछेगी? इन बातों की समीक्षा भारतीय जनता पार्टी ने भी की होगी, शायद इसीलिए उन्होंने कोई सीट उत्तर प्रदेश में इन्हें नहीं दी। अकेले चुनाव लड़के दिखा लें, क्या कर लेंगे?