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एक्स्ट्रा डोज पर 45% ने कहा- CS पर हो FIR:33% लोग बोले- ऐसे सिविल सर्जन को तत्काल हटाएं, 22% की राय- टारगेट पूरा करने के लिए अधिकारियों का फर्जीवाड़ा

पटना4 महीने पहले
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28 जनवरी 2021 को टीका लेती सिविल सर्जन की तस्वीर 29 जनवरी 2021 को मीडिया रिपोर्ट्स में आई थी। - Money Bhaskar
28 जनवरी 2021 को टीका लेती सिविल सर्जन की तस्वीर 29 जनवरी 2021 को मीडिया रिपोर्ट्स में आई थी।

दो अलग-अलग रजिस्ट्रेशन पर कोरोना वैक्सीन की 5 डाेज लेने पर पटना की सिविल सर्जन (CS) डॉ. विभा कुमारी सिंह पर कार्रवाई होनी चाहिए। यह मांग बिहार के लोगों ने भास्कर के पोल के तहत वोट देकर की है। लोगों का कहना है कि जिस तरह से वैक्सीन की 12 डोज लेने वाले मधेपुरा के ब्रह्मदेव मंडल पर कार्रवाई की गई, ठीक इसी तरह से सिविल सर्जन पर भी केस करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाया जाना चाहिए।

बता दें, दैनिक भास्कर ने रविवार को पटना में वैक्सीनेशन में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर किया था। इसमें यह खुलासा किया गया कि किस तरह से दो अलग अलग डॉक्युमेंट का इस्तेमाल कर दो रजिस्ट्रेशन किया गया और दोनों पर 5 डोज की खुराक दी गई। इस बड़े खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया और पटना के DM डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने जांच का आदेश दिया। बाद में पटना की सिविल सर्जन डॉ. विभा सिंह ने इस मामले में दो अलग-अलग रजिस्ट्रेशन से वैक्सीनेशन का खंडन किया, लेकिन भास्कर के पास मौजूद साक्ष्य और पड़ताल में इस झूठ का भी खुलासा हो गया।

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भास्कर के पोल में लोगों की राय जानिए

दैनिक भास्कर ने वैक्सीनेशन में हुए फर्जीवाड़े से जुड़ी खबर में लोगों की राय जाननी चाहिए थी, कि लोग ऐसे मामले में क्या चाहते हैं। मधेपुरा के ब्रह्मदेव मंडल द्वारा 12 वैक्सीन लेने के मामले में कार्रवाई को लेकर पहले से ही बिहार चर्चा में था और फिर सिविल सर्जन का मामला आने से हड़कंप मच गया है। इस मामले में पोल के दौरान 33% लोगों ने अपनी राय देते हुए कहा है कि सिविल सर्जन को तत्काल प्रभाव से हटाया जाना चाहिए। वहीं, 45% लोगों ने अपनी राय देते हुए कहा है कि 12 वैक्सीन लेने वाले ब्रह्मदेव मंडल की तरह सिविल सर्जन पर भी केस होना चाहिए। जबकि 22% लोग ऐसे भी हैं जो अपनी राय देते हुए बोले कि वैक्सीनेशन का टारगेट पूरा करने के लिए यह अधिकारियों का फर्जीवाड़ा है।

अपने ही जाल में फंस गईं सिविल सर्जन

सिविल सर्जन 28 जनवरी 2021 को वैक्सीनेशन की बात से इनकार कर रही है और दावा कर रही है कि उन्होंने पहला डोज 6 फरवरी 2021 को आधार कार्ड पर लिया है, जबकि भास्कर ने यह भी खुलासा किया है कि सिविल सर्जन ने 28 जनवरी 2021 काे पैन कार्ड के रजिस्ट्रेशन पर वैक्सीनेशन कराया है और अगले दिन 29 जनवरी 2021 को इसकी मीडिया कवरेज भी फोटो के साथ हुई है। ऐसे में सवाल यह है कि जब सिविल सर्जन ने 6 फरवरी को पहला वैक्सीनेशन कराया तो 29 जनवरी को उन्हें फोटो के साथ मीडिया कवरेज कहा से मिल गई। अब CS झूठ बोलकर अपने ही जाल में फंस गई हैं। दो रजिस्ट्रेशन से उन्होंने साफ इनकार कर दिया है, लेकिन जिस रजिस्ट्रेशन से वह इनकार कर रही है उसी पर वैक्सीनेशन के मीडिया कवरेज से उनके सफेद झूठ की पोल खुल रही है।

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अब जांच में होगा खुलासा

ब्रह्मदेव मंडल पर कार्रवाई हो गई। पुलिस छापेमारी कर रही है और ब्रह्मदेव मंडल फरार चल रहे हैं। ब्रह्मदेव साधारण आम इंसान हैं, और उन्होंने खुद ही वैक्सीनेशन की 12 डोज लेने की बात कही। जबकि, पटना में मामला काफी खास के साथ जुड़ा है। कार्रवाई से पहले जांच कराई जाएगी और फिर जांच में पुष्टि होने के बाद ही कोई एक्शन होगा।

DM डॉ चंद्रशेखर सिंह ने जांच का आदेश दिया है। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही तस्वीर साफ होगी कि सिविल सर्जन ने खुद रजिस्ट्रेशन कराया है या फिर कोविन पोर्टल में गड़बड़ी के कारण उनके पैनकार्ड से किसी दूसरे व्यक्ति ने फर्जीवाड़ाकर वैक्सीनेशन की दो डोज का प्रमाण पत्र जारी करा दिया है।

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