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नई-नई परेशानी:तीसरी लहर में ठीक होने के बाद मिल रहे दूसरी लहर से अलग लक्षण

पटना4 महीने पहले
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तीसरी लहर में कोरोना से ठीक होने के बाद कुछ अलग ही शिकायत मरीज कर रहे हैं। - Money Bhaskar
तीसरी लहर में कोरोना से ठीक होने के बाद कुछ अलग ही शिकायत मरीज कर रहे हैं।

कोरोना की दूसरी लहर में कोरोना से ठीक होने के बाद मरीज को कुछ अलग तरह की परेशानी दिखती थी, लेकिन तीसरी लहर में कोरोना से ठीक होने के बाद कुछ अलग ही शिकायत मरीज कर रहे हैं। दूसरी लहर में कोरोना के बाद ब्लैक फंगस (म्यूकर माइकोसिस) ने परेशान किया था। पर तीसरी लहर में ठीक होने के बाद मरीज पेट से संबंधित गड़बड़ी, बैक पेन या फिर शरीर में पेन और लंबे समय तक सूखी खांसी रहने की शिकायत मरीज कर रहे हैं।

कोरोना से ठीक होने के बाद करीब 30 फीसदी मरीजों में इस तरह की शिकायत मिल रही है। तीसरी लहर में लक्षण और परेशानी कुछ अलग ही देखने को मिल रही है। इसके अलावा ब्रेन हेमरेज की शिकायत लेकर आने वाले मरीज की जांच कराने पर पता चलता है कि मरीज कोरोना से भी संक्रमित है। हालांकि यह भी रिसर्च का विषय है कि कोरोना संक्रमित होने पर ब्रेन हेमरेज हुआ या फिर ब्रेन हेमरेज के बाद संक्रमण लगा। कोरोना वार्ड में करीब 10 ब्रेन हेमरेज के मरीज भर्ती है जो कोरोना से भी संक्रमित हैं।

दूसरी लहर में कोरोना के बाद ब्लैक फंगस ने किया था परेशान

30 फीसदी में पेट संबंधी शिकायत
आईजीआईएमएस के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. मनीष मंडल ने बताया कि तीसरी लहर में ठीक होने के बाद ओपीडी में अधिकांश (करीब 30 फीसदी) मरीज जीआई सर्जरी विभाग में पेट में गड़बड़ी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। पेट में हल्का दर्द रहना, अधिक गैस बनना, पेट में एक अजीब तरह की आवाज (गुडगुड़ाहट), भूख में कमी, हल्का लूज मोशन की शिकायत कर रहे हैं। वैसे मरीजों को अधिक परेशानी है जो पहले से पेट की बीमारी से पीड़ित हैं।

इसके अलावा कुछ मरीजों की शिकायत है कि कोरोना से ठीक भी हो गए। रिपोर्ट निगेटिव आ गई। इसके बाद भी खांसी लंबे समय तक चल रही है। यदि खांसी की शिकायत लेकर सौ मरीज आ रहे हैं तो उसमें 10 मरीज सूखी खांसी की शिकायत कर रहे हैं। यह सूखी खांसी कई दिनों तक परेशान कर रही है। इस तरह के मरीजों की संख्या करीब 10 फीसदी है।

बैक पेन की भी शिकायत
कुछ मरीज बैक पेन या फिर शरीर में हल्का दर्द हर वक्त रहने की शिकायत कर रहे हैं। आईजीआईएमएस के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. मनीष मंडल का कहना है कि तीसरी लहर में कोरोना से ठीक होने के बाद मरीज कुछ इसी तरह की समस्या लेकर ओपीडी में इलाज कराने के लिए आ रहे हैं। कुछ मरीजों में यह देखने को मिल रहा है कि कोरोना के पहले शुगर की समस्या नहीं थी पर कोरोना से पीड़ित होने के बाद उनका शुगर का लेवल बढ़ा हुआ मिल रहा है। जो मरीज ब्रेन हेमरेज की शिकायत लेकर आ रहे हैं वे पहले बीपी और शुगर के मरीज हैं और कोरोना संक्रमित भी हो गए हैं।

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