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राहत:कमजोर पड़ा मानसून, 15 अगस्त तक गंडक में उफान के आसार नहीं, नेपाल में थमी बारिश

गोपालगंज3 महीने पहले
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पतहरा में सिमट रहा गंडक का दायरा - Money Bhaskar
पतहरा में सिमट रहा गंडक का दायरा
  • वाल्मीकि नगर डैम से कम हुआ पानी का डिस्चार्ज, खतरे के निशान से एक मीटर नीचे आया नदी का जलस्तर

मानसून का मिजाज सुस्त होने बारिश कमजोर पड़ गई है। नतीजतन वाल्मीकि नगर डैम से पानी का डिस्चार्ज कम हो गया है। इससे गंडक में बाढ़ का खतरा कुछ दिनों के लिए टल गया है। मौसम विभाग ने अगले 15 दिनों तक भारी बारिश की संभावना से इनकार किया है। लगभग यही स्थिति गंडक के जल अधिग्रहण वाले क्षेत्र नेपाल में रहेगी। नेपाल के पहाड़ों व तराई इलाकों में बारिश थम गई है। ऐसे में गंडक बराज में भी अभी पानी स्टोर करने की क्षमता बची है। अब इसे खतरे का सिगनल पार करने में 3 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी की आवश्यकता है। बता दें कि नेपाल मेें 110 एमएम बारिश होने के बाद ही डैम का पानी खतरे के निशान को पार करता है। अब ऐसी स्थिति 15 अगस्त के बाद ही बन सकती है।

वैसे भी गंडक के जलस्तर में अमूमन 10 अगस्त के बाद ही बढ़ोतरी होती है, लेकिन इस बार पहले दिन ही मानसून की भारी बारिश ने पुराने सभी रिकार्ड तोड़ दिए थे। नतीजतन डिस्चार्ज लेवल अचानक बढ़ने से 16 जून को ही नदी में उफान आ गया था। बारिश थमने के बाद डैम से पानी का डिस्चार्ज कम हो गया है। गंडक के जल अधिग्रहण वाले नेपाली क्षेत्र में मानसून के दोबारा मजबूत होने में अभी दस दिन से ज्यादा का समय लग सकता है। ऐसे में अनुमान जताया जा रहा है कि अगस्त के पहले सप्ताह में पानी का डिस्चार्ज 1 से 1.50 लाख क्यूसेक तक रह सकता है। इससे बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने का कोई खतरा नहीं है। हालांकि इस बात का दावा नहीं कर सकते हैं । कारण कि भले ही मानसून कमजोर पड़ा है, लेकिन अभी एक्टिव है।

1.52 लाख क्यूसेक डिस्चार्ज
वाल्मीकि नगर डैम से बुधवार की दोपहर गंडक में 1 लाख 52 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पिछले दिनों की तुलना में यह 20 हजार क्यूसेक ज्यादा है। हालांकि नया पानी पहुंचने पर नदी के जलस्तर में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।

10 दिन से स्थिर है जलस्तर
नेपाल में गंडक के जल अधिग्रहण वाले इलाके में मानसून के दोबारा सक्रीय होने में अभी समय लगेगा। नतीजतन बारिश कम होने से वाल्मीकि नगर डैम में पानी कम है। नेपाली मौसम विभाग के वेवसाईट के अनुसार अगले सप्ताह के बाद ही मानसून ज्यादा प्रभावी होगा। 15 अगस्त के बाद लगातार और भारी बारिश की संभावना बताई जा रही है। नेपाल का औसत वर्षापात 1600 एमएम है। बताया गया कि गंडक में 13 से 14 अगस्त के आस-पास पानी का डिस्चार्ज लेवल बढ़ेगा। यानीकि 15 के बाद हीं गंडक की धारा उफनाएगी। फिलहाल दस दिनों नदी की धारा स्थिर है‌।

बाढ़ का कोई खतरा नहीं है
एसडीएम उपेन्द्र पाल ने बताया कि सभी बांध सुरक्षित हैं। नदी का जलस्तर काफी कम हो गया है। दियारे का पानी भी तेजी से घट रहा है। नेपाल में भी बारिश कम हो रही है। वैसे डेढ़-दो सप्ताह तक ज्यादा डिस्चार्ज की उम्मीद नहीं है।
बीमारियां फैलने की आशंका
कई गांवों में बाढ़ का पानी जमा होकर सड़ने लगा है। पानी के सड़न व संक्रमण से अन्य बीमारियों की आशंका से ग्रामीण सहम गए हैं। नदी के निचले हिस्से के बसावटों में दवा का छिड़काव नहीं होने से डायरिया व मच्छरजनित बीमारियां पांव पसार रही है।
नदी लाल निशान से एक मी. नीचे
जिले में गंडक नदी खतरे के निशान से एक मीटर नीचे है। सदर प्रखंड के पतहरा व मशान थाना में नदी का जलस्तर में खतरे के निशान से 97 सेटी मीटर नीचे रहा। बैकुंठपुर के मूंजा में खतरे के निशान से 94 सेमी नीचे है।
इन गांवों मे भी सुधर रहे हालात
सदर प्रखंड के रामनगर, मांझा के निमुईयां, सिधवलिया के बंजरिया व बैकुंठपुर के पकहां पानी का बहाव बंद हो गया है। नतीजतन प्रभावित इलाकों से पानी उतर रहा है। बावजूद इन प्रखंडों के करीब 18 गांवों में अभी बाढ़ का घरों के आसपास जमा है।

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