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प्रश्नपत्र फटा दिखा तो परीक्षा छोड़ हंगामा:औरंगाबाद के BBEd इंडो पब्लिक स्कूल में मिला सील टूटा प्रश्नपत्र तो 900 परीक्षार्थी पर्चा लीक बता करने लगे हंगामा, बर्बाद गई परीक्षा

औरंगाबाद5 महीने पहलेलेखक: दीपेश
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औरंगाबाद में प्रश्नपत्र वायरल होने की अफवाह पर हंगामा करते परीक्षार्थी।
  • आरोप- परीक्षा 12 बजे से शुरू होनी थी, लेकिन 12:30 तक परीक्षार्थियों के बीच प्रश्नपत्र नहीं बंटे
  • छात्रों को जब प्रश्नपत्र मिले, तो सील टूटे हुए थे, इस पर परीक्षार्थियों ने आपत्ति जताई
  • जांच रिपोर्ट में परीक्षार्थियों के सारे आरोप गलत पाए गए

औरंगाबाद के BBEd इंडो पब्लिक स्कूल खैरा खैरी सेंटर पर BPSC परीक्षार्थियों ने हंगामा कर दिया। परीक्षा का बहिष्कार कर कैम्पस में जमा हो गए। परीक्षा 12 बजे से शुरू होनी थी, लेकिन 12:30 तक परीक्षार्थियों के बीच प्रश्नपत्र नहीं बंटे थे। छात्रों को जब प्रश्नपत्र मिले, तो सील टूटे हुए थे। इस पर परीक्षार्थियों ने आपत्ति जतायी और हॉल से बाहर निकल गए। हल्ला की आवाज सुनकर वहां परीक्षा दे रहे अन्य परीक्षार्थी भी हॉल से बाहर आ गए और सबने परीक्षा का बहिष्कार कर दिया। उनका आरोप है कि BPSC का प्रश्नपत्र लीक कर दिया गया है। प्रश्नपत्र वायरल हुआ है, तभी सील टूटा हुआ मिला है। औरंगाबाद के इंडो पब्लिक स्कूल में 900 परीक्षार्थियों का सेंटर पड़ा है। मामले की जानकारी मिलते ही DM भी मौके पर पहुंच गए।

DM ने संभाली कमान
हंगामे की सूचना पर औरंगाबाद DM सौरभ जोरवाल मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मामले की छानबीन की। अभ्यर्थियों से भी बातचीत की। अभ्यर्थियों का सीधा आरोप है कि प्रश्नपत्र का सील टूटा हुआ दिया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि प्रश्नपत्र लीक किया गया है। ऐसे में हम परीक्षार्थी परीक्षा नहीं देंगे। DM का कहना था कि छात्रों ने जो कुछ भी लिखित शिकायत दी है, उस पर जांच कर कार्रवाई करेंगे।

परीक्षा रद्द करने की मांग पर अड़े
परीक्षार्थी BBEd इंडो पब्लिक स्कूल खैरा खैरी सेंटर की परीक्षा रद्द करने की मांग पर अड़े हैं। सेंटर पर परीक्षा देने आये सभी परीक्षार्थी अपने परीक्षा कक्ष से बाहर केंद्र के परिसर में हंगामा करते रहे।

परीक्षार्थी सीधा बोल रहे-'पेपर लीक हुआ है'

बांका से आये अंकुश गौतम का कहना है कि एक तो प्रश्नपत्र आधे घंटे लेट यानी 12: 30 के बाद मिला, ऊपर से उसका सील टूटा हुआ था, जबकि सील किया हुआ प्रश्नपत्र मिलना चाहिए था। ऐसे में आशंका है कि प्रश्नपत्र को लीक कर दिया गया है। हमारी मांग है कि इस सेंटर की परीक्षा रद्द हो और पूरे मामले की जांच हो। एक परीक्षार्थी ने कहा कि जब उसने सेंटर प्रभारी से बात की तो उनका कहना था कि प्रश्नपत्र मिस अरेंज थे, उन्हें अरेंज करने में समय लग गया। कई छात्रों ने दावा किया कि प्रश्नपत्र मिस अरेंज हो ही नहीं सकता। जरूर कुछ गड़बड़ है। इसकी जांच होनी चाहिए।

परीक्षार्थियों द्वारा दो बिंदुओं पर शिकायत

परीक्षार्थियों द्वारा डीएम सौरभ जोरवाल से दो बिंदुओं पर शिकायत की गई। पहला परीक्षा 12 की बजाए 12:30 अपराह्न में प्रारम्भ हुई और दूसरा प्रश्न पत्र की सील टूटी हुई है जिसे विद्यार्थियों के सामने नहीं खोला गया। परीक्षार्थियों ने इसी आधार पर इस केंद्र की परीक्षा रद्द कर फिर से परीक्षा लिए जाने का आग्रह किया है।

डीएम ने जांच के लिए कमेटी गठित की, शाम तक रिपोर्ट भी आ गई

प्रश्नपत्र लीक होने की बात और परीक्षार्थियों द्वारा किए गए हंगामे को डीएम सौरभ जोरवाल ने गम्भीरता से लेते हुए अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में गठित त्रिस्तरीय कमेटी द्वारा परीक्षार्थियों के आवेदन की जांच करवाई। इसमें ये बातें सामने आईं-

  • परीक्षा 12:30 से प्रारम्भ होने की बात गलत पाई गई क्योंकि मजिस्ट्रेट के अनुसार हंगामा 12 बजे से पहले ही प्रारम्भ हो गया था। 12:00 बजे गोपनीय शाखा एवं 12:06 मिनट पर अनुमण्डल पदाधिकारी के दूरभाष पर हंगामे की सूचना प्राप्त हो चुकी थी। जिसे टाइम स्टैम्प द्वारा भी वेरीफाई किया गया।
  • प्रश्न पत्र सील टूटने के बाबत पाया गया कि सभी प्रश्न पत्र की सील सुरक्षित है। केवल प्रश्न पत्र के गट्ठर को वितरण के लिए खोला गया था जिसकी वीडियोग्राफी हुई है। किसी भी प्रश्न पत्र को सेंटर में नही खोला गया है। समिति द्वारा यह भी पाया गया कि सभी अभ्यर्थियों को सभी पदाधिकारियों द्वारा बार-बार समझाने का प्रयास किया गया और परीक्षा में भाग लेने का अनुरोध किया गया। किन्तु अभ्यर्थियों के मध्य यह अफवाह थी कि यदि वे सभी लोग परीक्षा में भाग नही लेंगे तो परीक्षा रद्द हो जाएगी।
  • जिला पदाधिकारी द्वारा स्थल पर पहुंच कर सभी मामलों की जांच कराने एवं नियमानुसार अतिरिक्त समय देने का आश्वासन दिया गया किन्तु परीक्षार्थियों द्वारा परीक्षा में भाग लेने से इंकार किया गया। मामले में किसी प्रकार का बल प्रयोग प्रशासन द्वारा नहीं किया गया तथा 2 बजे के बाद ही परीक्षार्थियों को सेंटर छोड़ कर जाने की अनुमति दी गई।
  • सम्पूर्ण मामले में कुछ परीक्षार्थियों द्वारा अफवाह फैलाकर यह भ्रम पैदा किया गया कि इस प्रकार परीक्षा में भाग न लेने से परीक्षा रद्द हो जाएगी। प्रशासनिक पदाधिकारियों के समझाने के बाद भी परीक्षार्थी स्वेच्छा से परीक्षा में भाग नहीं ले रहे थे। ऐसे में अफवाह फैलाने के लिए परीक्षार्थियों को चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई की अनुशंसा समिति द्वारा की गई है।

DM की रिपोर्ट पर आयोग लेगा फैसला
बिहार लोक सेवा आयोग के परीक्षा नियंत्रक अमरेन्द्र कुमार ने बताया कि औरंगाबाद के DM की रिपोर्ट पर आयोग अपना फैसला लेगा। जानकारी के अनुसार हर सेंटर पर जितने परीक्षार्थी परीक्षा देने वाले होते हैं, उससे कुछ ज्यादा प्रश्नपत्र और OMR शीट भेजी जाती है। अगर कुछ अभ्यर्थियों के प्रश्नपत्र फटे हुए भी थे तो उसे बदला जा सकता है। क्या सही में प्रश्नपत्र फटे हुए थे, इसकी जांच भी अब आयोग करेगा।

अन्य केंद्रों की परीक्षा प्रभावित नहीं हो सकती
पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता सर्वदेव सिंह ने बताया कि अन्य केंद्रों के परीक्षार्थियों में किसी तरह की आशंका नहीं होनी चाहिए। जांच के क्रम में अगर BBEd इंडो पब्लिक स्कूल परीक्षा केंद्र पर गड़बड़ी साबित होती है तो उस केंद्र की परीक्षा दुबारा कराई जा सकती है। इससे राज्यभर के केंद्रों की परीक्षा प्रभावित नहीं हो सकती है।

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