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कांग्रेस बोली- कंट्रोल नहीं हो रहा तो खत्म कीजिए शराबबंदी:विधायक बोले- तिगुनी कीमत पर बिके शराब; JDU ने पूछा- शराब पीने से विटामिन मिलता है या प्रोटीन?

पटना5 महीने पहले
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शराबबंदी के सवाल पर नीतीश सरकार घिरती रही है और नीतीश कुमार कहते रहे हैं कि हर हाल में शराबबंदी जारी रहेगी जिसे पीना है वे पीने के लिए बिहार न आएं। नालंदा में हुई मौत के बाद कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा एक बार फिर से शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग दुहराई है। उन्होंने कहा है कि शराब कंट्रोल नहीं हो रही है तो शराबबंदी खत्म हो और तिगुनी कीमत पर बिके। इसे पैसे से कल कारखाने लगाए जाएं और रोजगार दिए जाएं।

प्रशासन ने मुख्यमंत्री को आईना दिखाया है

अजीत शर्मा ने कहा है कि आशंका की कोई बात नहीं है, शराब की खेप पकड़ी जा रही है और जहरीली शराब से ही मौत हुई होगी। मुख्यमंत्री के गृह जिला से जुड़ा मामला है। शराबबंदी पूर्ण रूप से लागू नहीं है। अफसरों की मिलीभगत शराब माफिया से होगी तो कैसे नियंत्रण हो पाएगा। नालंदा मुख्यमंत्री का गृह जिला है और वहां मामला सामने आने का मतलब है कि प्रशासन ने मुख्यमंत्री को आईना दिखाया है। जब शराबबंदी हो तो पूर्ण रूप से।

कहा- तिगुनी कीमत पर बिके शराब

अजीत शर्मा ने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने भी शराबबंदी की समीक्षा की मांग की है। जो भी बड़े अफसर शराब को लाने में दोषी हैं उन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। शर्मा ने कहा कि शिक्षा पर समाज सुधार यात्रा क्यों निकाले मुख्यमंत्री। कैसे कंट्रोल किया जा सकता है। इसकी समीक्षा कीजिए। अगर शराब कंट्रोल नहीं हो रहा है तो शराबबंदी खत्म कर दें नीतीश कुमार। इससे कम से कम जहरीली शराब से मौतें हो नहीं होंगी। कहा कि तिगुनी कीमत कर दीजिए शराब की और उस पैसे से कल कारखाने खोलकर युवकों को रोजगार देने के काम करें।

कांग्रेस ने तो किरिया खाया है फिर कैसे पलट रही है- नीरज कुमार

कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा के बयान पर जदयू के प्रवक्ता और पूर्व मंत्री नीरज कुमार ने कहा कि शराबबंदी जैसे महत्वपूर्ण फैसले जिसके लिए सदन में संकल्प लिया यानी गंवई भाषा में किरिया खाया है। उनके दल के विधायक शकील अहमद खा आपकी राय के खिलाफ है। इससे आपके नेतृत्व पर सवाल उठता है। कांग्रेस की सदस्यता की प्रारंभिक शर्त है कि शराब नहीं पीना है। राष्ट्रपिता गांधी के सपनों को पूरा करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली कांग्रेस शराबबंदी में मीनमेख निकाल रही है। श्रीकृष्ण सिंह का सपना भी शराबबंदी का था। उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि शराब पीने से विटामिन मिलता है कि प्रोटीन मिलता है? यह कांग्रेस बताए। कांग्रेस विधायक दल से प्रस्ताव पास कराने की नसीहत भी नीरज कुमार ने दी।

राजद ने शराबबंदी कानून पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की

राजद ने शराबबंदी कानून की समीक्षा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। नालंदा में हुई कई लोगों की मौत के बाद राजद ने यह मांग की है। राजद के मुख्य प्रवक्ता भाई वीरेन्द्र ने नालंदा में हुई मौत के बाद कहा है कि शराबबंदी को लेकर नीतीश कुमार बिहार का नाश करने पर तुले हुए हैं। उनको बिहार का विकास करना नहीं है और बेराजगारों को उनको रोजगार देना नहीं है। पता नहीं किस शराब व्यापारी से उनकी दुश्मनी थी कि उससे वे बदला ले रहे हैं। बिहार के लोगों के साथ वे बदला ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि रोज जहरीली शराब बिहार में बन रही है, लोग सेवन भी कर रहे हैं। मौत भी हो रही है। सैकड़ों मौतें जहरीली शराब से हुई है और मुख्यमंत्री टुकुर-टुकुर देख रहे हैं। वे जिद पर अड़े हैं। कहा कि शराबबंदी कानून पर सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए और पुनर्विचार करना चाहिए।

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