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पटना में पुणे से आई 'बप्पा' की मूर्ति:गणेश चतुर्थी पर सजा महाराष्ट्र मंडल, इस बार मूर्ति छोटी, मंदिर में प्रवेश तो पा सकेंगे लोग, लेकिन प्रसाद नहीं मिलेगा

पटना3 महीने पहले
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हर साल लगभग सात फीट की मूर्ति यहां स्थापित की जाती रही है लेकिन इस बार लगभग ढाई फीट की ही मूर्ति मंगाई गई है। - Money Bhaskar
हर साल लगभग सात फीट की मूर्ति यहां स्थापित की जाती रही है लेकिन इस बार लगभग ढाई फीट की ही मूर्ति मंगाई गई है।

राजधानी पटना में महाराष्ट्र मंडल की ओर से गणेश चतुर्थी का आयोजन शुक्रवार को किया जाएगा। इसकी तैयारी को फाइनल टच दिया जा रहा है। पुणे से गणेश जी की मूर्ति आ चुकी है। हर साल लगभग सात फीट की मूर्ति स्थापित की जाती थी, लेकिन इस बार लगभग ढाई फीट की ही मूर्ति आई है। मंडल से जुड़े अमन जायसवाल ने बताया कि पिछले साल मंदिर आम लोगों के लिए नहीं खोला गया था और 10 लोगों ने ही पूजा कर परंपरा निभाया था। इस बार मंदिर आम लोगों के लिए खुल रहा और लोग यहां आकर गणपति के दर्शन कर सकेंगे। शुक्रवार सुबह 10 बजे गणपति की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी।

इस बार कोरोना गाइडलाइन की वजह से लोगों को प्रसाद नहीं मिल पाएगा। महाराष्ट्र मंडल को खूबसूरती के साथ सजाया गया है। बताया जा रहा है कि लालबाग के राजा का दरबार इस बार लगाया जा रहा है। केन्द्रीय राज्य मंत्री अश्विनी चौबे भी आरती के समय उपस्थित रहेंगे। महिलाएं एक-दूसरे को हल्दी कुंकम करेंगी और अखंड सौभाग्य की कामना करेंगी। 14 सितंबर को गणपति को विदा किया जाएगा। हर साल यह पूजा सात दिनों की होती थी, लेकिन इस बार कम दिनों की मनाई जा रही है।

कोरोना संक्रमण की वजह से पिछले साल काफी सादगी तरह से गणेश चतुर्शी मनी थी और लोग मंदिर तक नहीं आए थे। इस बार खुशी है कि लोग मंदिर में प्रवेश पा सकेंगे। मंदिर को सैनेटाइज भी किया जा रहा है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन और मास्क की अनिवार्यता रहेगी। महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष वसंत सूर्यवंशी ने कहा कि कोरोना गाइडलाइन के तहत ही पूरा आयोजन हो रहा है।

पटना में महाराष्ट्र मंडल की स्थापना 1974 में की गई थी। करीब 60 वर्षों से यहां पूजा हो रही है। बिहार में महाराष्ट्र को लोगों की संख्या लगभग 8 हजार है।

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