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67वीं BPSC-PT संपन्न, 15 नवंबर तक आएगा रिजल्ट:कदाचार मुक्त परीक्षा के 3 उपाय रहे सफल, 103 -106 रह सकता है जनरल का कटऑफ

पटना4 महीने पहले
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बिहार लोक सेवा आयोग की 67वीं पीटी परीक्षा (BPSC-PT 67वीं) संपन्न हो गई है। राज्य भर में 1153 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित हुई। 4.75 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। आयोग के अध्यक्ष अतुल प्रसाद ने कहा है कि प्रारंभिक परीक्षा पूरी तरह कदाचार मुक्त हुई है। उन्होंने कहा कि इसका परिणाम 15 नवंबर तक आ जाएगा। मुख्य परीक्षा दिसंबर तक ले ली जाएगी। हम अभ्यर्थियों को आरक्षित कोटि में परिवर्तन का मौका भी देंगे। वहीं एक्सपर्ट के अनुसार सामान्य श्रेणी का कटऑफ 103-106 के आसपास रह सकता है।

बता दें कि यह परीक्षा पहले 8 मई को हुई थी, लेकिन प्रश्न पत्र लीक होने की वजह से इसे कैंसल करना पड़ा। प्रश्न पत्र लीक होने के बाद इस बार बीपीएससी ने प्रश्न पत्रों को सेंटर पर ले जाने, उसकी सील खोलने आदि से जुड़े कई सुरक्षात्मक बदलाव किए गए थे। पटना, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया समेत राज्य के सभी सेंटर पर सुबह 9 बजे से ही अभ्यर्थी पहुंचने लगे। 11 बजे के बाद सभी सेंटर्स के गेट बंद कर दिए गए। भागलपुर में सेंटर पर एक अभ्यर्थी 11 बजे के बाद पहुंची तो उसे एंट्री नहीं मिली।

भागलपुर में परीक्षा केंद्र पर समय से लेट पहुंची छात्रा को एग्जाम सेंटर में नहीं इंट्री।
भागलपुर में परीक्षा केंद्र पर समय से लेट पहुंची छात्रा को एग्जाम सेंटर में नहीं इंट्री।

इस दौरान आयोग ने ये तय किया था कि अभ्यर्थियों की संख्या ज्यादा होने के कारण पीटी परीक्षा दो दिन ली जाएगी। आधे अभ्यर्थी की परीक्षा एक दिन और आधे की दूसरे दिन। साथ ही यह भी तय किया गया था कि परसेंटाइल सिस्टम से रिजल्ट दिया जाएगा लेकिन जब इसका काफी विरोध हुआ तो आखिरकार तय हुआ कि परीक्षा एक ही दिन, एक ही पाली में होगी और परसेंटाइल सिस्टम लागू नहीं होगा।

पटना के एएन कॉलेज गेट के पास अभ्यर्थियों की भीड़।
पटना के एएन कॉलेज गेट के पास अभ्यर्थियों की भीड़।

कदाचार मुक्त परीक्षा के़ 3 उपाय रहे सफल
अतुल प्रसाद ने कहा कि हमने तीन चीजों में परिवर्तन लाया और यह कारगर सिद्ध हुआ। परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले केंद्र आने की अनुमति का निर्णय कारगर रहा। प्रश्नपत्र सील और स्मार्ट लॉक होकर सीधे ज़िले में पहुंचा। इससे वायरल होने की आशंका ख़त्म हो गयी। पेपर का सीलबंद लिफाफा क्लास रूम में छात्रों के सामने खुला और परीक्षा खत्म होने के बाद छात्रों के सामने ही ओएमआर शीट लिफाफे में सील बंद हुआ। सभी परीक्षा केंद्र पर जैमर लगाया गया था। इतनी व्यवस्था की गयी और इसका परिणाम सही निकला।

टीपीएस कॉलेज मामले पर कहा कि हमारे पास इस प्रकार की कोई सूचना नहीं है। कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट अगर अभ्यर्थी नहीं ले गए होंगे या 11:00 बजे के बाद पहुंचे होंगे, तो उन्हें निश्चित तौर पर हॉल के अंदर प्रवेश करने से रोका गया होगा।

परीक्षा सेंटर के बाहर तैयारी करते अभ्यर्थी।
परीक्षा सेंटर के बाहर तैयारी करते अभ्यर्थी।

पिछले वर्ष के मुकाबले आसान था प्रश्नपत्र
परीक्षा समाप्ति के बाद गुरु रहमान ने कहा है कि सामान्य अध्ययन से कुल 150 प्रश्न पूछे गए, जिसमें गलत उत्तर दिया जाने पर अंक काटे जाने का प्रावधान नहीं है। इतिहास से 34-35 प्रश्न, भूगोल से 16-18, राजव्यवस्था से 12-14, साइंस से 35-40, करंट अफेयर 25-30, बिहार स्पेशल 10 से 15, इकोनॉमिक्स 5-8, विविध 5-7 तथा गणित से कुल 10 प्रश्न पूछे गए थे। करंट अफेयर, भूगोल के पत्र पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक कठिन थे। वहीं भारतीय इतिहास, राजव्यवस्था ,बिहार स्पेशल तथा विज्ञान के प्रश्न पिछले वर्ष के ही अनुरूप पूछे गए थे।

उन्होंने कहा कि परीक्षा में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है, जिस कारण लगातार कटऑफ बढ़ता जा रहा है। जिन छात्र-छात्राओं ने टेक्स्ट बुक, एनसीईआरटी, दैनिक समाचार पत्र, मैगजीन तथा पिछले 2 वर्ष के समसामयिकी घटनाओं का विस्तृत अध्ययन किया होगा, उन्हें निश्चित रूप से उसकी परीक्षा अच्छी गई होगी।

अगर कट ऑफ की बात की जाए तो सामान्य श्रेणी का कटऑफ 103 -106, ओबीसी का कटऑफ 101-103, अनुसूचित जातियों का 93-95, अनुसूचित जनजाति का 95-98 रहा, वहीं महिला का कटऑफ 95-98 तथा ईडब्ल्यूएस का 100-102 तक जाने की संभावना है।

पौने पांच लाख ने एडमिड कार्ड डाउनलोड किया है

छह लाख दो हजार अभ्यर्थियों ने इस बार आवेदन किया है। आयोग के परीक्षा नियंत्रक अमरेन्द्र कुमार ने भास्कर को बताया कि पौने पांच लाख अभ्यर्थियों ने एडमिड कार्ड डाउनलोड किया है। इसमें महिला अभ्यर्थियों की संख्या एक लाख 82 हजार हैं। सबसे अधिक सेंटर पटना में बनाए गए हैं। पटना में 85 सेंटर बनाए गए हैं जहां 56 हजार परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। अमरेन्द्र कुमार ने बताया कि महिलाओं का सेंटर कमिश्नरी के अंदर ही रखा गया है।

कुमार ने बताया कि कदाचार रोकने के लिए कई तरह के कदम उठाए गए हैं। जो परीक्षार्थी 50 फीसदी से कम प्रश्नों के उत्तर देंगे उनके ओएमआर शीट पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि आगे किसी तरह की गड़बड़ी न कर पाएं। आगे देखिए, विभिन्न सेटरों की तस्वीरें -

भागलपुर में परीक्षा केंद्र के पास फोटोस्टेट दुकान की जांच करते पुलिसकर्मी।
भागलपुर में परीक्षा केंद्र के पास फोटोस्टेट दुकान की जांच करते पुलिसकर्मी।
सुपौल में एग्जाम सेंटर के बाहर खड़े अभ्यर्थी।
सुपौल में एग्जाम सेंटर के बाहर खड़े अभ्यर्थी।
औरंगाबाद में परीक्षा केंद्र के बाहर अभ्यर्थी।
औरंगाबाद में परीक्षा केंद्र के बाहर अभ्यर्थी।
सहरसा में एग्जाम सेंटर के बाहर खड़ें परीक्षार्थी।
सहरसा में एग्जाम सेंटर के बाहर खड़ें परीक्षार्थी।
मुंगेर में परीक्षा केंद्र पर जांच करते पुलिसकर्मी।
मुंगेर में परीक्षा केंद्र पर जांच करते पुलिसकर्मी।
रोहतास में परीक्षा केंद्र पर जांच करते अधिकारी और पुलिसकर्मी।
रोहतास में परीक्षा केंद्र पर जांच करते अधिकारी और पुलिसकर्मी।
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