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समस्तीपुर में SIT के हत्थे चढ़ा फर्जी IPS:महिला पर रोब दिखाकर घुमाया, संबंध भी बनाया, शक होने पर पुलिस में की शिकायत तब हुआ खुलासा

समस्तीपुरएक महीने पहले
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पुलिस की गिरफ्त में फर्जी IPS. - Money Bhaskar
पुलिस की गिरफ्त में फर्जी IPS.

समस्तीपुर जिला एसआईटी टीम ने सोमवार को शहर के एक होटल में छापेमारी करते हुए एक ऐसे जालसाज को अरेस्ट किया है, जो फर्जी आईपीएस ऑफिसर बनकर लोगों पर रौब गांठता था। फर्जी आईपीएस की पहचान दरभंगा के पतौर थाना अशोक पेपर मिल निवासी शोभा कांत मिश्र के पुत्र अविनाश मिश्र उर्फ अमन पराशर उर्फ दिलखुश के रूप में की गई है। पुलिस ने इसके पास से आईपीएस की वर्दी, एक रिवाल्वर, लैपटॉप आदि बरामद किया है।

फर्जी IPS की फाइल फोटो।
फर्जी IPS की फाइल फोटो।

फर्जी आईपीएस ऑफिसर का खुलासा तब हुआ जब विभूतिपुर थाना क्षेत्र की एक लड़की ने नगर थाना में उसके ऊपर FIR दर्ज कराया। लड़की ने उस पर आरोप लगाया कि उसने अपने आप को 2014 बैच का आईपीएस अधिकारी बताकर दोस्ती करते हुए शादी का प्रलोभन दिया। इसके बाद वह उसके साथ समस्तीपुर के अलावा कई स्थानों पर घुमती रही। इस दौरान वह लगातार उससे शारीरिक संबंध भी बनाता रहा। रविवार को जब वह समस्तीपुर आयी तो उसे पता चला कि अविनाश आईपीएस नही है।

लड़की के आवेदन मिलते ही जिला पुलिस कप्तान डॉ. मानवजीत सिंह ढिल्लों के निर्देश पर सदर डीएसपी शहबान हबीब फाकरी के नेतृत्व में एक एसआईटी टीम तैयार की गई। जिसके बाद छापेमारी कर फर्जी आईपीएस को गिरफ्तार कर लिया गया। फर्जी आईपीएस होने का मामना खुल नहीं जाय इसके लिए अपने को आईबी में प्रतिनियुक्त होने की बात सभी को बतलाता था। वह दिल्ली में रहकर सिविल सेवा की तैयारी करता था। इस कारण वह अच्छी अंग्रेजी भी बोलता था। इससे लोगों पर अपना प्रभाव बनाता था।

इसकी जानकारी सदर डीएसपी ने नगर थाना पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में अविनाश ने दरभंगा के अशोक पेपर मिल थाना क्षेत्र में फर्जी आईपीएस अधिकारी बन कर एक विवाद की जांच करने पहुंचा था। बाद में जानकारी मिलने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। चुकी वह उसी क्षेत्र का रहने वाला था जिस कारण लोग उसे पहचान गए। फर्जी आईपीएस के इतिहास को खंगाला जा रहा है।

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