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जानलेवा प्रदूषण:दिल्ली में औसत एक्यूआई 333 और मुजफ्फरपुर में महज तीन कम 330

मुजफ्फरपुर9 महीने पहले
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पॉल्यूशन कंट्राेल बाेर्ड के हिदायताें की अनदेखी के कारण लाेग हाे रहे बीमार। - Money Bhaskar
पॉल्यूशन कंट्राेल बाेर्ड के हिदायताें की अनदेखी के कारण लाेग हाे रहे बीमार।

शहर की आबाेहवा एक बार फिर दिल्ली की तरह जहरीली हाे गई है। बावजूद इसके नियंत्रण के लिए ठाेस कार्रवाई नहीं हाेने से प्रदूषण बढ़ता ही जा रहा है। मंगलवार काे शहर का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई 330) दर्ज किया गया। जाे दिल्ली के औसत एक्यूआई 333 से थाेड़ा ही कम है। स्टेट पाॅल्यूशन कंट्राेल बाेर्ड की रिपाेर्ट के मुताबिक, कलेक्ट्रेट इलाके में प्रदूषण लेवल सबसे अधिक औसत 351 जबकि अधिकतम 425 रहा।

इसमें सूक्ष्म, धूलकण पीएम 2.5 की मात्रा ही सबसे अधिक है। सूक्ष्म धूलकण आसानी से हवाओं में घुल कर सांसाें के जरिये फेफड़े तक पहुंच जाता है। इससे लाेगाें काे सांस लेने एवं आंखाें में जलन की शिकायतें बढ़ गई हैं। लाेग बीमार भी हाे रहे हैं। हालात गंभीर हाेने के बाद भी न ताे सही से सड़काें पर पानी का छिड़काव हाे रहा है और न ही सफाई।

देश में 12 शहर रेड जाेन में, इसमें अपना शहर भी
राजधानी दिल्ली समेत देश के 12 शहर मंगलवार काे रेड जाेन में रहे। इसमें मुजफ्फरपुर भी शामिल है। प्रदेश में यह सबसे अधिक प्रदूषित शहर है। एक सप्ताह से एक भी दिन एक्यूआई औसत 300 से नीचे नहीं रहा है। यह काफी खराब श्रेणी में आता है।

अब भी बिना ढके हाे रही निर्माण सामग्री ढुलाई
शहर का प्रदूषण लेवल रेड जाेन में हाेने के बाद भी खुलेआम निर्माण सामग्री ढुलाई हाे रही है। धूल उड़ने से हवा अत्यधिक प्रदूषित हाे रही है। मिट्टी, बालू, गिट्टी, सीमेंट आदि लदे सैकड़ाें ट्रैक्टर की दिन में भी बिना ढके आवाजाही हाेती है। कार्रवाई शून्य है।

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