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किसान परेशान:फरवरी के बराबर तापमान होने से एक माह पहले आम-लीची में आने लगे मंजर

मुजफ्फरपुर4 महीने पहले
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निर्धारित समय से एक माह पूर्व ही बागों में मंजर निकलता देख किसान परेशान हो उठे हैं। - Money Bhaskar
निर्धारित समय से एक माह पूर्व ही बागों में मंजर निकलता देख किसान परेशान हो उठे हैं।

इस बार जनवरी में ही बागों में आम व लीची में मंजर आना शुरू हो गया है। निर्धारित समय से एक माह पूर्व ही बागों में मंजर निकलता देख किसान परेशान हो उठे हैं। 4 जनवरी से लगातार बढ़ते हुए फरवरी माह के बराबर अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री तापमान हो जाने से आम-लीची में मंजर आना शुरू हो गया है। तापमान में तेजी से जारी बदलाव के कारण कृषि वैज्ञानिकों ने समय से काफी पहले निकले इन मंजर को बचाना मुश्किल बताया है।

जिले में आमतौर पर दिन और रात के तापमान में क्रमशः वृद्धि शुरू होने के बाद फरवरी के मध्य से आम के बाद लीची में मंजर निकलना शुरू होता है। लेकिन, इस बार तापमान में अप्रत्याशित रूप से जनवरी के मध्य में ही बढ़ोत्तरी हो जाने से आम के साथ ही लीची में भी मंजर निकलने लगे हैं। शहरी क्षेत्र के साथ जिले के आसपास के कुढ़नी, मुशहरी एवं बोचहां के शर्फुद्दीनपुर में लीची में मंजर निकल आया है।

2 वर्षों से मौसम की मार के कारण लीची की फसल को हो रहा है व्यापक नुकसान
उद्यान रत्न भोलानाथ झा ने बताया कि अत्यधिक जलजमाव के कारण पहले ही आम एवं लीची के बागों के सूखने से किसानों को काफी हानि हुई है। अब समय से एक माह तक पहले मंजर निकलने के बाद तापमान में फिर से कमी आने से इसे बचाना काफी मुश्किल होगा। पिछले 2 वर्षों से मौसम की मार के कारण लीची की फसल को व्यापक नुकसान हो चुका है।

जिला परामर्शी सुनील कुमार शुक्ला ने बताया कि समय से काफी पहले निकले इस मंजर को बचाने के लिए किसानों को अधिक मशक्कत करनी होगी। इन मंजर को कीट व्याधि के साथ मधुआ रोग से बचाने के लिए कीटनाशक दवा का अधिक छिड़काव करना होगा।

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