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झंझारपुर का मामला:नर्सिंग होम में कुंवारी लड़की की सर्जरी कर बच्चे को निकाला फिर पुलिस के डर से लड़की को छाेड़ कर भाए गए सभी कर्मी

झंझारपुर2 महीने पहले
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  • सर्जरी की गई लड़की को मिथिला नर्सिंग होम से उठाकर लाया गया अनुमंडल अस्पताल, चल रहा है इलाज

जहां अनुमंडल प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य महकमा के अधिकारियों के कार्यालय है। उसके समीप अवस्थित मिथिला नर्सिंग होम में एक कुंवारी लड़की को पेट का सर्जरी कर बच्चा निकाला और कुछ देर के बाद अस्पताल के सभी लोग फरार हो जाता है। दुस्साहस अवैध नर्सिंग होम संचालकों की है। जहां भरे प्रशासन के बीच गलत तरीके से कार्यों को अंजाम दे देता है और प्रशासन हाथ पर हाथ देकर बैठी रहती है। जब उक्त लड़की के सर्जरी कर बच्चा निकाला गया और बच्चा को मारने का मामला सामने आया तो पुलिस प्रशासन से बचने के लिए नर्सिंग होम संचालक और उसके अधीनस्थ कर्मी सभी पेट खोले गए लड़की को छोड़कर फरार हो गया। इतना ही नहीं जो लड़की को अस्पताल में भर्ती कराया वह भी बच्चा को फेंकने के बहाने से भाग गया। ऐसे में लड़की के जान जोखिम में देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने एम्बुलेंस से लाकर अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया। जहां अस्पताल के चिकित्सकों की देखरेख में इलाज फिलहाल चल रहा है। अस्पताल के चिकित्सकों ने कहा कि अब लड़की खतरे से बाहर बताई जा रही है।

नर्सिंग होम में बिना डॉक्टर के देखरेख में थी सर्जरी की गई लड़की, अब खतरे से बाहर बताई जा रही

पीड़िता के बयान पर झंझारपुर थाना में मिथिला नर्सिंग होम प्रबंधक समेत कई अन्य पर प्राथमिकी

झंझारपुर | झंझारपुर थाना स्थित मिथिला नर्सिंग होम मैं रविवार को पुलिस को दिए बयान में पीड़ित लड़की ने कहां है कि गांव के ही एक 19 वर्षीय लड़का ने शादी के नाम प्रेम करने लगा। इसके बाद उसने शारीरिक संबंध बनाने लगा। जब शादी के लिए कहे तो कोई ना कोई बहाना बनाकर बात को टालते रहा।

हाई स्कूल के दौरान ही लड़की को शादी का झांसा देकर लड़के ने बनाया शारीरिक संबंध

झंझारपुर अनुमंडलीय अस्पताल के बेड इलाजरत पीड़िता ने अपनी कहानी अपने जुबानी कह हैरान कर दिया है। उसने कहा कि भराम हाई स्कूल जाने के दौरान लड़का पीछा करता था। विरोध भी किया। बावजूद शादी का प्रलोभन देकर शारीरिक संबंध बनाया। कुछ दिनों तक पेट में बच्चा होने की बात खुद नहीं समझ पाए। लेकिन जब शरीर भारी होना शुरू हुआ तो लड़का ने फिर भी शादी की बात करते रहा। करीब डेढ़ महीना पहले लड़का छोड़कर मुम्बई अपने बहनोई के यहां चले गए। पीड़िता ने कही कि उसे मालूम हो गया कि पेट बच्चा हो गया है। जब इस मामले को लड़का के माय से शिकायत की तो उल्टे वही डांट फटकार करते हुए देती थी। समय ज्यों ज्यों बीतता गया, स्थिति बिगड़ती गई।

जब पुनः इस बात को उसके मां पास बीते शनिवार को पहुंची तो फिर बदसलूकी की। शनिवार के करीब दो बजे लड़का के माय, भौजाई और एक महिला थी जिसे नहीं पहचानती उन तीनों ने मिलकर जबरदस्ती पकड़ कर एक दवा खिला दी। उसके एक मोटरसाइकिल से भट्ठा के पास छोड़ दिया। जहां से उसके भौजाई के 5-6 बजे मिथिला नर्सिंग झंझारपुर होम पहुंचे। जहां उसकी भौजाई ने डॉक्टर से बात की जितना पैसा लगे लिजिए और इसके पेट से बच्चा को निकाल दिजिए। जिसपर वहां मौजूद ने अपना काम शुरू। उसने कही है लड़का के भौजाई ने डॉक्टर से बच्चा को फेंक कर आने की बात कही है।

लड़की के गर्भ में था 7 महीने का बच्चा, लिंग जांच का बहाना बनाकर लाया था नर्सिंग होम

इसी बीच उस लड़का का बच्चा पेट में रह गया। दौरान जब बच्चा 7 महीना का हो गया तब उससे शादी के लिए ज्यों ही कहा कि इस पर आग बबूला हो गया। तुम्हारे पेट में लड़का है या लड़की इसका जांच कराने के लिए लड़का की भाभी लेकर मिथिला नर्सिंग होम आई तथा वार्ड में बैठा कर बाहर निकल गई। इसके बाद मिथिला नर्सिंग होम के डॉक्टर आकर मुझे कहा कि बच्चा खराब करा लो। जब मैं अपना बच्चा खराब कराने के लिए तैयार नहीं हुई तो उसके भाभी को बुला दिया और लोग आपस में इमरजेंसी वार्ड से अलग हटकर कुछ बात किए इसके बाद मिथिला नर्सिंग होम के संचालक प्रबंधक भारत झा भी आ गए तथा डॉक्टर से कहा कि बच्चा खराब करने के लिए 50 हजार रुपए दे दिया है।

जल्दी से सुई देकर उसको बेहोश कर दीजिए और बच्चा खराब कर दीजिए। तब डॉक्टर ने मुझे जबरदस्ती स्वीट दे दिया इसके बाद हम बेहोश हो गए जब हम को होश आया तो देखा कि मेरे पेट का ऑपरेशन हो चुका है मेरे पेट से बच्चा निकाला हुआ है तब मैं डॉक्टर से बुलाकर पूछा कि मेरा बच्चा कहां है तो वह बोले कि उसकी भाभी तुम्हारा बच्चा ले जाकर कहीं फेंक कर यहां से भाग गई। झंझारपुर एसडीपीओ आशीष आनंद ने कहा कि थानाध्यक्ष को निर्देश दिया गया है ।

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