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जैविक खेती की सब्जी का मिलेगा स्वाद:1500 एकड़ तक बढ़ेगा जैविक खेती का दायरा, जैविक सब्जी की डिमांड

बक्सर2 महीने पहले
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जैविक सब्जियों का सैंपल लेते विशेषज्ञ। - Money Bhaskar
जैविक सब्जियों का सैंपल लेते विशेषज्ञ।

जिले के लोगों को जल्द ही जैविक खेती से उत्पादित सब्जियों का स्वाद चखने को मिलेगा जिसको लेकर अंतिम रूपरेखा तैयार की जा रही है। ताकि लोगों को विषमुक्त सब्जी का स्वाद चखने को मिल सके इसको लेकर शहर के मुख्य स्थानों पर जैविक सब्जी बेचने के लिए ई रिक्शा का सहारा लिया जाएगा। जैविक कॉरिडोर योजना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट है।

जिले में तेजी से पांव पसार रहा बक्सर जिले की जैविक सब्जी की चर्चा अब राज्य के बाहर भी होने लगी है। बक्सर जिले में पदस्थापित डीपीएमयू ऋषभ राज ने बताया कि आने वाले समय में बक्सर जिले की जैविक सब्जी राज्य के बाहर भी नजर आने लगेगी। इसके लिए राज्य स्तर पर और जिला स्तर पर भी व्यापक रूपरेखा तैयार की जा रही है।

शहर के विभिन्न चौक चौराहा जैसे कलेक्ट्रेट गेट, मुख्य कचहरी, सिडिंगेट, नगर थाना समेत प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर जैविक दुकान लगाया जाएगा। डीपीएमयू ऋषभ राज ने बताया कि राज्य के 12 जिलों में दुकान लगाए जा रहे हैं। अब बक्सर व डुमरांव में भी शुरू किया जाएगा। इसके लिए ई रिक्शा एफपीओ को दिए जाएंगे। ताकि लोग जैविक उत्पाद खरीद सकें।

1000 एकड़ में जैविक खेती, 40 किसानों के खेत का सैंपल की होगी जांच

40 किसानों का लिया गया क्रॉप सैंपल
इस बीच बसोका पटना के अधिकारी दीपक झा ने बक्सर जिले के 5 एफपीओ के कुल 960 जैविक किसानों में से 40 किसानों का क्रॉप सैंपल लिया जिसमें यह जांच किया जाएगा कि जैविक मानक के अनुरूप या खेती हो रही है कि नहीं हो रही है। इस सैंपल को बसोका पटना से जांच के बाद हैदराबाद लैब में भेजा जाएगा।
इन उत्पादों की होगी जांच :

क्रॉप सैंपल में नमूना के तौर पर गेंहूं, काला गेहूं, मसूर, पपीता, नेनुआ, केला, हरी साग, अजवाइन अलसी, आलू, हल्दी, लहसुन, अदरक, चना, हरा मूंग व मेथी शामिल है। 1 सप्ताह में सभी नमूनों का रिपोर्ट प्राप्त हो जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य है कि जैविक उत्पाद की राज्य से बाहर बहुत बड़ी मात्रा में डिमांड है पर बाहर सप्लाई से पहले जैविक उत्पाद की क्वालिटी को बिहार सरकार के कृषि विभाग के द्वारा जांच करके आश्वस्त हो जाना चाहता है। इस मामले में ऋषभ राज ने बताया कि हमारे यहां का क्रॉप सैंपल शत प्रतिशत जैविक मानकों के अनुरूप होने की प्रबल संभावना है।

बढ़ाया जाएगा जैविक खेती का दायरा

डीपीएमयू ऋषभ राज ने बताया कि जैविक कॉरिडोर योजना के तहत बक्सर जिला के 1000 एकड़ क्षेत्र में फिलहाल जैविक खेती की जा रही है परंतु इसका दायरा बढ़ाकर 1500 एकड़ क्षेत्रफल में किया जाएगा। वहीं नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत वर्तमान में 1300 एकड़ क्षेत्र में जैविक खेती हो रही है। जैविक खेती का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इससे न सिर्फ हमारे मानव जीवन और स्वास्थ्य में सुधार आएगा। बल्कि इससे मिट्टी जल पर्यावरण में भी सुधार आएगा जैविक खेती करने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति जल धारण क्षमता एवं मिट्टी में शामिल किसान मित्रों की संख्या बढ़ती है।

जिले में हो रही जैविक खेती में सुधार हो रहा है यहां किसान काफी प्रगतिशील है बक्सर जिले के सभी कृषि कर्मी किसानों की मदद के लिए हर स्तर पर तैयार रहते हैं।

-मनोज कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी

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