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बारहवें दिन इस यात्रा का आयोजन:सनातन धर्म में बैकुंठ यात्रा का खास महत्व : महाराज

बक्सर2 महीने पहले
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सनातन धर्म मे वैकुण्ठ यात्रा का खास महत्व है। भगवान श्रीमन्नारायण के चरणों में स्थान प्राप्त करने के लिए यह यात्रा काफी सरल है। मनुष्य के शरीर को पंचतत्व में विलीन होने के बारहवें दिन इस यात्रा का आयोजन किया जाता है। यह बात बसाँव मठ के मठाधीश्वर महान संत परमपूज्य श्री श्री 1008 श्री अच्च्युतप्रपन्नाचार्यजी महाराज ने शनिवार को परमपद धर्मानुरागी अपनी पूज्य माताजी देवपातो देवी (98) के वैकुण्ठ यात्रा के दौरान बघेला थाना क्षेत्र के पचपोखरी गाँव में भक्तो के बीच कही।महाराज जी कहा कि परमपद परमपूजनीया माता जी वैष्णव सम्प्रदाय के प्रचार प्रसार में सतत प्रयत्नशील बनी रही। इस वैकुण्ठ यात्रा के सैकड़ो लोग शामिल हुए इस अवसर पर सामूहिक भोज का भी आयोजन किया गया तथा सैकड़ो जरूरतमंद लोगों को वस्त्र वितरण के साथ पैसा भी दान किया गया। जानकारी देते हुए पुरुषोत्तम तिवारी ने बताया कि वैकुण्ठ यात्रा में मुख्य रूप से मुनमुन तिवारी, श्री निवास मुकुंद रामानुज संस्कृत महाविद्यालय बसाँव कला के प्रभारी प्राचार्य डॉ उमाशंकर पांडेय, पूर्व प्राचार्य डॉ सच्चितानंद मिश्रा, डॉ ओम प्रकाश, डॉ रितेश पाठक, दीनानाथ पांडेय, मनोज पांडेय, हर्ष पांडेय, भोला बाबा, स्थानीय मुखिया चितरंजन तिवारी , विनोद सिंह , कमल नारायण , सूर्य नारायण , विष्णु नारायण सहित सैकड़ो लोगों ने भाग लिया।

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