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तीसरी लहर की आशंका:6 में एक भी ऑक्सीजन प्लांट चालू नहीं, एक दिन में 50 से ज्यादा गंभीर मरीज आए तो जान पर बन आएगी

भागलपुर2 महीने पहले
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मायागंज अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट बंद। - Money Bhaskar
मायागंज अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट बंद।
  • कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की हुई थी किल्लत, सबसे ज्यादा मौतें सांस की कमी से ही हुई थी

काेराेना की तीसरी लहर से लड़ने के लिए हमारा स्वास्थ्य सिसटम अब भी कागजों पर ही तैयार है। आलम यह है कि जिले के 6 ऑक्सीजन प्लांट में एक भी अब तक चालू नहीं हो सका है। यह स्थिति तब है, जब मायागंज अस्पताल के 3 में 1 ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन हाे चुका है। लेकिन मरीजों के बेड तक प्लांट से ऑक्सीजन नहीं पहुंचाया गया है। सदर अस्पताल, कहलगांव और नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल में बने प्लांट की भी ऐसी ही हालत है। इन सभी प्लांटाें में तकनीकी कमियाें से वार्डाें में ऑक्सीजन नहीं पहुंचाई जा रही है। काेराेना के संभावित खतरे के मद्देनजर मायांगज और सदर अस्पताल की तैयारियों पर रिपोर्ट...।

तैयारी...पाॅजिटिव मिले तो होगी ओमिक्रॉन जांच भी
काेराेना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन काे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने दूसरे राज्याें व विदेशाें से आने वालों की निगरानी शुरू कर दी है। बाहर से आने वालों की रेलवे स्टेशन पर कोरोना जांच होगी। पॉजि टिव मिले उनकी ओमिक्रॉन जांच भी कराई जाएगी। सिविल सर्जन डॉ. उमेश कुमार शर्मा ने कहा, तीन लोगों के विदेश से आने की सूचना है, लेकिन पटना से यह सूची नहीं मिली है। हमारा फोकस ओमिक्रॉन के मामले वाले प्रदेश जैसे केरल, कर्नाटक, मुंबई से आने वाले यात्रियों पर है। यहां से आने वालों की आरटीपीसीआर जांच होगी। दूसरे प्रदेश से आने वालों की स्टेशन पर ही रैपिड एंटिजन जांच हाेगी।

प्लांट हैं, ऑक्सीजन नहीं : मायागंज में नर्सें तैनात, ऑक्सीजन प्लांट चालू नहीं
मायागंज के एमसीएच काेराेना वार्ड में अभी एक भी मरीज भर्ती नहीं है। हालांकि प्रबंधन ने सुबह की पाली में चार और दाेपहर में दाे एवं रात्रि में 3 नर्साें को तैनात किया है। दवा व इंजेक्शन भी पहले की तरह हैं , पर डाॅक्टर अभी तैनात नहीं हैं मरीज के आने पर इमरजेंसी या मेडिसिन विभाग से ही डाॅक्टर काे बुलाना हाेगा। वार्ड में वेंटिलेटर प्वाइंट चेक किए जा रहे हैं।

1. प्लांट चालू होने में अभी लगेगा वक्त
मायागंज अस्पताल में 300 एलपीएम के ऑक्सीजन प्लांट का काम लगभग पूरा हाे चुका है। पाइपलाइन का काम बाकी है, इसे पूरा करने के बाद वार्ड में बने मेनिफाेल्ड से जाेड़कर मरीजाें के बेड तक ऑक्सीजन पहुंचाया जाएगा। दूसरा प्लांट दाे हजार एलपीएम का है, इसमें तकनीकी एक्सपर्ट ने ही अभी और समय लगने की बात कही है। यह कब तक तैयार होगा, यह फिलहाल तय नहीं है।

2. मैनपावर की अब भी है कमी
पिछली बार पीजी के 27 डाॅक्टर अस्पताल में थे, पर अब एक बैच पास हाे चुके हैं। ऐसे में 18 डॉक्टर बचे हैं। हालांकि उनकी जगह सीनियर रेजिडेंट आए हैं। आईसीयू पहले से ठीक हुआ, अस्पताल में 450 बेड पर ऑक्सीजन सुविधा पहले थी। अब 550 बेड पर यह है। शिशु वार्ड में ऑक्सीजन पाइपलाइन लगी है, लेकिन मैनपावर की कमी है। बता दें कि पिछली बार ट्राॅलीमैन, सफाईकर्मी, भाेजन बांटने वाले कर्मी, वार्ड ब्वाॅय व नर्साें के भराेसे इलाज हुआ था। इक्के-दुक्के डॉक्टरों को छोड़ पीजी छात्राें ने मरीजाें काे वार्ड में देखा था। सीनियर्स ने माेबाइल पर रिपाेर्ट देख सलाह दी थी।

सदर अस्पताल में हम तैयार नहीं
सदर अस्पताल के काेविड केयर सेंटर में अब भी सिविल वर्क भवन निर्माण विभाग कर रहा है। इस भवन को दीपावली से पहले ही अस्पताल प्रबंधन काे हैंडओवर करना था। लेकिन अबतक काम पूरा नहीं हुआ। लिहाजा, काेराेना मरीज के आने पर यहां भर्ती नहीं किया जा सकेगा।

कोरोना की ये है दवाइयां
स्टेराॅयड, एंटीबायाेटिक, इंजेक्शन, एजिथ्राेमाइसिन, पारासिटामाेल, विटामिन-सी, जिंक, डायबीटिज की दवा व अन्य।

ऑक्सीजन प्लांट का हुआ है सिर्फ ट्रायल
अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट है। इसका ट्रायल हो चुका है, पर पाइपलाइन का काम बाकी है। यह पूरा हो जाए तो यहां 6 वेंटिलेटर चालू करने के लिए एनेस्थेटिक व टेक्नीशियन नहीं हैं। सदर में मात्र एक एनेस्थिसिया का क्रैश काेर्स करने वाले डॉक्टर हैं। अब एक और एनेस्थेटिक बुलाने की तैयारी है। कहलगांव व नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल में जनरेटर व अन्य तकनीकी कारणाें से प्लांट चालू नहीं हाे सका है।

अलर्ट : 20 दिन बाद फिर मिला कोरोना का 1 मरीज
जिले में 20 दिन बाद गुरुवार को कोरोना का नया मरीज मिला। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया। नारायणपुर के मधुरापुर बाजार के युवक को होम क्वारेंटाइन किया है। वह घूरनपीर बाबा चौक के पास एक लॉज में रहकर पढ़ाई करता है। इससे पहले 11 नवंबर को एक संक्रमित मिला था। सीएस डॉ. उमेश शर्मा ने बताया, नारायणपुर पीएचसी में रैपिड एंटीजन टेस्ट में वह पॉजिटिव मिला। शुक्रवार को आरटीपीसीआर टेस्ट होगा। उसके संपर्क में 18 लॉज के छात्र आए हैं। वह परिजनों के भी संपर्क में था। सभी की आरटीपीसीआर जांच होगी। युवक की ट्रैवल हिस्ट्री तलाशी जा रही है। मायागंज के कोरोना वार्ड के नोडल पदाधिकारी डॉ. हेमशंकर शर्मा ने बताया, ओमिक्रॉन की पुष्टि के लिए जिनोम सिक्वेसिंग जांच कराएंगे।

ऑक्सीजन है, मैनपावर की कमी

  • पिछली बार की तरह ही एक दिन में 50-60 गंभीर राेगी आएंगे तो मैन पावर की कमी हो सकती है। ऑक्सीजन की कमी हमने लगभग दूर कर ली है। पीजी डाॅक्टर के अलावा सीनियर रेजिडेंट और आईसीयू की व्यवस्था भी पहले से अच्छी हाे गई है। बाकी तैयारी चल रही है। - डाॅ. असीम कुमार दास, अधीक्षक, मायागंज

एक एनेस्थेटिक और बुलाएंगे

  • काेविड केयर सेंटर के लिए बिल्डिंग हैंडओवर करने काे एजेंसी पर दबाव बनाया है। ऑक्सीजन प्लांट का ट्रायल हाे चुका है। जनरेटर व अन्य कारणाें से तीनाें अस्पतालाें में चालू नहीं हाे सका है। वेंटिलेटर के लिए एक एनेस्थेटिक को बुलाने की तैयारी चल रही है। - डाॅ. उमेश शर्मा, सिविल सर्जन
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